अनिल बलूनी के साथ दिल्ली CBI मुख्यालय पहुंचे अंकिता भंडारी के माता-पिता,निष्पक्ष-गहन जांच की मांग
दिल्ली सीबीआई मुख्यालय पहुंचे अंकिता भंडारी के माता-पिता,अधिकारियों से निष्पक्ष गहन जांच की मांग
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात, निष्पक्ष एवं न्यायसंगत ढंग से प्रकरण की विवेचना का मिला आश्वासन
Ankita Bhandari parents met with senior CBI officials
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट की सीबीआई अधिकारियों से मिला निष्पक्ष एवं न्यायसंगत ढंग से प्रकरण की विवेचना करने का आश्वासन https://t.co/BBysKzloko
— Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) October 16, 2026
CBI के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले अंकिता के माता-पिता (फोटो सोर्स X@ CBI Head quarters)
देहरादून/दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 : उत्तराखंड की दिवंगत अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सांसद पौड़ी अनिल बलूनी के साथ दिल्ली में सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने निष्पक्ष और गहराई तक मामले की जांच करने की मांग की. जिस पर सीबीआई अधिकारियों ने प्रकरण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं के बारे में जानकारी दी. साथ ही निष्पक्ष एवं न्यायसंगत ढंग से प्रकरण की विवेचना करने का आश्वासन दिया.
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता के माता-पिता: आज 16 अक्टूबर को अंकिता भंडारी के माता सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने दिल्ली में सीबीआई यानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो मुख्यालय जाकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलकात की. जहां उन्होंने न्याय की मांग करते हुए मामले की बारीकी से जांच करने को कहा. सीबीआई अधिकारियों ने उन्हें प्रकरण के सभी पहलुओं का समुचित परीक्षण करते हुए विवेचना निष्पक्ष एवं न्यायसंगत ढंग से करने का आश्वासन दिया.
9 जनवरी 2026 को हुई थी सीबीआई जांच की संस्तुति: गौर हो कि बीती 9 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति कर चुके हैं. जिसके बाद से ही सीबीआई जांच रह रही है. सीबीआई की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच (शाखा 2) दिल्ली में अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर चुकी है. देहरादून और ऋषिकेश पहुंच कर सबूत भी जुटाने का काम भी कर चुकी है. अभी मामले की तह तक जाने की कोशिश हो रही है.
इधर, अंकिता भंडारी में कथित वीआईपी को राज्यपाल नियुक्त करने के बाद से ही देहरादून से लेकर दिल्ली तक बवाल मचा है. अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट के बाहर धरना देने के साथ ही कई नेताओं से मिल चुके हैं. जबकि, विपक्ष मामले को लेकर सड़कों पर है. कांग्रेस हो या अन्य दल, सभी भाजपा सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. देहरादून में जहां कांग्रेस ने बाइक रैली निकालकर प्रदर्शन किया तो वहीं, प्रदेशभर में भी प्रदर्शन देखने को मिला.
अंकिता भंडारी मर्डर केस : 19 साल की अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल के श्रीकोट डोभ गांव की निवासी थी. जो ऋषिकेश से सटे यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित तत्कालीन भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य के वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करती थी. जो अचानक 18 सितंबर 2022 को लापता हो गई थीं. जिसका शव 24 सितंबर 2022 को चीला बैराज क्षेत्र में नहर से बरामद हुआ था.
वहीं, मामले की जांच राजस्व पुलिस से होकर रेगुलर पुलिस तक पहुंची तो रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दोस्त अंकित गुप्ता, मैनेजर सौरभ भास्कर संदेह की परीधि में आए. जब पुलिस ने उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने अंकिता भंडारी की हत्या की बात कबूली. उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 सितंबर 2022 की रात अंकिता भंडारी को चीला बैराज की नहर में धक्का दे दिया था. जिससे उसकी मौत हो गई थी.
Ankita Bhandari parents met with senior CBI officials
दिवंगत अंकिता भंडारी
इस मामले को लेकर पूरे उत्तराखंड में बवाल हुआ. प्रदेशभर में लोग सड़कों पर उतरे और धरना प्रदर्शन किया. आखिरकार गवाह और बयानों के आधार पर 30 मई 2025 को कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें उम्र कैद की सजा सुना दी. जिस पर मामला थोड़ा ठंडा हुआ, लेकिन 28 दिसंबर 2025 को बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने कुछ ऑडियो-वीडियो साझा कर दिया. फिर क्या एकाएक मामला गरमा गया. लोग फिर सड़कों पर उतर आए.
उर्मिला सनावर ने बातचीत से जुड़े ऑडियो में किसी कथित वीआईपी का जिक्र किया था. जिसके बाद उत्तराखंड की सियासत में ऐसा भूचाल आया कि बीजेपी और सरकार के गले की फांस बन गई. विपक्ष ने भी इस विषय को लपक सरकार को चौतरफा घेरना शुरू कर दिया. उधर, मामले को लेकर जनता भी सड़कों पर आ गई. मामला तूल पकड़ता देख 9 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति की.

