जिहादी जुनून से वापस लौटा है आयुष मलिक

बकरीद पर नमाज, अब सनातन पर जिंदाबाद… शामली के आयुष ने बताया क्यों की घर वापसी?
उत्तर प्रदेश के शामली में आस्था परिवर्तन के बाद मोहम्मद अली बने आयुष मलिक ने दोबारा सनातन धर्म अपनाकर घर वापसी कर ली है. आयुष ने दावा किया कि उसका ब्रेनवॉश किया गया था और धर्म बदलने के बाद उसकी सोच पूरी तरह बदल गई थी. पुलिस जांच में उसके घर से एक बड़ा चाकू और “I Am On Mission” लिखी डायरी मिली थी।

अरविंद ओझा
शामली,30 जून 2026,उत्तर प्रदेश के शामली में धर्म परिवर्तन के बाद आयुष मालिक से मोहम्मद अली बनने के बाद युवक फिर आयुष बन गया है. वो अब घर वापसी कर चुका है. उसने दोबारा सनातन धर्म अपना लिया है. इस बीच जांच में कई महत्वपूर्ण अनावरण हुए हैं. सामने आया है कि जब पुलिस को जानकारी मिली थी कि आयुष मलिक मोहम्मद अली बन गया, तब उसके घर पर पुलिस ने सर्च किया था.

आस्था परिवर्तन के बाद पूरी तरह बदल गया था आयुष
आयुष के घर सर्च के दौरान पुलिस टीम ने एक बड़ा चाकू मिला था. साथ ही एक डायरी भी मिली थी. जिसमें लिखा था… आई एम ऑन मिशन (I Am On Mission). करीब 20 दिन पहले एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि कैसे आयुष मलिक का आस्था परिवर्तन कराया गया, उसे मोहम्मद अली बना दिया गया. इस बात का भी खुलासा हुआ था कि कैसे आस्था परिवर्तन के बाद उसका निकाह रचा दिया गया.

हालांकि अब वो मोहम्मद अली से दोबारा आयुष मलिक बन चुका है. इस बार बकरीद पर मस्जिद जाकर नमाज पढ़ने वाला अली, अब फिर से आयुष मलिक बनकर घर वापसी कर ली है और पूजा-पाठ में मगन है. आयुष ने बताया कि ब्रेनवॉश और आस्था परिवर्तन के बाद वह पूरी तरह बदल गया था. या यूं कहें कि बदलने पर मजबूर कर दिया गया था. लेकिन वो ज्यादा देर तक मजहबी बहकावे में नहीं रह सका. उसने अपने धर्म के प्रति मन को बदल लिया है और परिवार के प्रेम को देखकर हिंदू धर्म अपना लिया है. अब वो सिर्फ अपने परिवार के प्रेम के छांव में रहना चाहता है.
100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का वारिस है आयुष
शामली के रहने वाले देवराज मलिक अपने बेटे आयुष के धर्मांतरण के बाद से परेशान थे. उन्होंने कई बार अपने बेटे के मजहब को बदलने का विरोध किया था. लेकिन शामली के रहने वाले मुस्लिम परिवार की साजिशों के चंगुल में फंसकर वो खुद को बदल चुका था. शहर में उसका मेडिसिन स्टोर है. मलिक परिवार की 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है. जिसका इकलौता वारिस आयुष मलिक है.

मौलवी की तरफ से उसी संपत्ति को हड़पने की साजिश थी. पहले उसे चांदनी कुरैशी नाम की लड़की ने प्यार के जाल में फंसाया था. बाद में उसका ब्रेन वॉश किया गया और आस्था परिवर्तन करा लिया गया. हालांकि आस्था परिवर्तन के बाद कई बार आयुष को समझाने की कोशिश की गई थी. परिजनों के साथ-साथ पुलिस ने भी पहल की थी. लेकिन आयुष दलील देता रहा था कि उस पर किसी का दबाव नहीं था.

पिता ने आस्था परिवर्तन के खिलाफ दर्ज करवाई थी FIR
लेकिन कहावत है कि देर आए.. दुरूस्त आए. आयुष मलिक के लौट आने के बाद से पिता देवराज मलिक भावुक हैं. उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है. उनका बेटा अब उनके साथ है. आयुष के आस्था परिवर्तन के खिलाफ उनके परिवार ने FIR दर्ज कराई थी. उस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार किया था.

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