दोपहिया गाड़ियों को भी देना होगा नेशनल हाइवेज पर टोल? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा ‘झूठ’
Will Toll Be Charged From Two Wheelers At National Highways Nitin Gadkari Clarifies
दोपहिया गाड़ियों को भी देना होगा नेशनल हाइवेज पर टोल? केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दी सफाई
नेशनल हाइवे का इस्तेमाल करने वाले दोपहिया वाहनों को टोल टैक्स देना होगा। कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि यह नियम 15 जुलाई से लागू होगा। लेकिन सरकार ने इसका खंडन किया है। जानिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने क्या कहा…
नई दिल्ली: कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि नेशनल हाइवे का इस्तेमाल करने वाले दोपहिया वाहनों को टोल टैक्स देना होगा। यह नियम 15 जुलाई से लागू होगा। लेकिन सरकार ने इसका खंडन किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसका खंडन किया है। उनका कहना है कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। दो-पहिया वाहन के टोल पर पूरी तरह से छूट जारी रहेगी। दोपहिया वाहनों के मालिक से उसी समय रोड टैक्स वसूल लिया जाता है। यही कारण है कि दोपहिया वाहनों से नेशनल हाइवेज पर टोल प्लाजा नहीं वसूला जाता है।
Nitin Gadkari
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसका खंडन किया है।
गडकरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘कुछ मीडिया हाउसेज द्वारा दो-पहिया (Two wheeler) वाहनों पर टोल टैक्स लगाए जाने की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही है। ऐसा कोई निर्णय प्रस्तावित नहीं हैं। दो-पहिया वाहन के टोल पर पूरी तरह से छूट जारी रहेगी। बिना सच्चाई जाने भ्रामक खबरें फैलाकर सनसनी निर्माण करना स्वस्थ पत्रकारिता के लक्षण नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं।’
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कुछ मीडिया हाऊसेस द्वारा दो-पहिया (Two wheeler) वाहनों पर टोल टैक्स लगाए जाने की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही है। ऐसा कोई निर्णय प्रस्तावित नहीं हैं। दो-पहिया वाहन के टोल पर पूरी तरह से छूट जारी रहेगी। बिना सच्चाई जाने भ्रामक खबरें फैलाकर सनसनी निर्माण करना स्वस्थ…
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) June 26, 2025
सबसे बड़ी उपलब्धि
इस बीच गडकरी ने बिजनस स्टैंडर्ड के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि देश में ई-रिक्शा के चलन को बढ़ावा देना उनके 11 साल के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि देश में 2014 में ई-रिक्शा की शुरुआत की गई थी और तबसे करीब 1.5 करोड़ लोगों को मैन्युअल लेबर से मुक्ति मिली है। खासकर झारखंड और पश्चिम बंगाल में हाथ से रिक्शा खींचने का चलन था लेकिन ई-रिक्शा के आने से बड़ी राहत मिली है।

