अंतत: धरा गया नकली दवा फैक्ट्री स्वामी देवी दयाल गुप्ता, एसटीएफ ने सिंडीकेट का भांडा फोड़ा

देहरादून की नकली दवा फैक्ट्री मालिक दीनदयाल गुप्ता चार साल बाद बंदी, एसटीएफ ने सिंडीकेट पकड़ा

देहरादून 18 जुलाई 2025। उत्तराखंड पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) सहसपुर में नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। चार वर्ष बाद फैक्ट्री मालिक देवी दयाल गुप्ता पकड़ लिया गया है जो ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली दवाइयां बनाता था। सेलाकुई में हुई छापेमारी में फर्जी रैपर और क्यूआर कोड मिले थे। जांच में पता चला कि यह सिंडीकेट हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में भी नकली दवाइयां सप्लाई करता था।

सहसपुर में डा. मित्तल लैबोरेट्रीज नामक फैक्टरी में ब्रांडेंड कंपनियों की नकली दवाईयां बनाने वाले फैक्टरी मालिक अशोक विहार नार्थ वेस्ट दिल्ली निवासी देवी दयाल गुप्ता काे एसटीएफ ने देहरादून से आज शुक्रवार को पकड़ा।

एसटीएफ आरोपित फैक्टरी मालिक देवी दयाल गुप्ता की तलाश में कई दिनों से लगी थी। एसटीएफ ने एक जून को सेलाकुई क्षेत्र में छापा मारकर ब्रांडेंड दवा कंपनियों के 658 व शराब कंपनियों के 386 फर्जी रैपर, स्टीकर और क्यूआर कोड पाये थे।

एसटीएफ ने दवा बनाने से लेकर उसे पैककर बेचने वाले पूरे सिंडीकेट का भंडाफोड़ किया है। इन नकली दवाईयां की बाहरी राज्यों में सप्लाई होती थी। इस पूरे मामले में अब तक चार आरोपित गिरफ्तार हुए, जिसमें से तीन पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि एक जून को शिकायत मिलने पर प्रतिष्ठित दवा कंपनियों (ग्लेनमार्क, एल्केम, डा. रेड्डी आदि) के दवा व सिरप के रैपर, नकली आउटर बाक्स, लेबल और क्यूआर कोड ढूंढ आरोपित संतोष कुमार पकड़ा गया था ।

उसकी पहचान ग्राम हसुलानी थाना कोपा जिला छपरा (निवासी) व्यक्ति संतोष कुमार के रूप में हुई थी। पुलिस ने आरोपित को राजा रोड बयांखाला स्थित एक मकान से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में एसटीएफ को पता चला था कि ब्रांडेड कपंनियों के इन रैपर, स्टीकर व क्यूआरड कोड की छपाई आदित्य काला के प्रिंटिंग प्रेस में होती है।

पंचकुला (हरियाणा) निवासी विक्रेता नवीन बंसल इनमें नकली टैबलेट भरवाकर दवाईयां तैयार कराता है और बाहरी राज्यों में सप्लाई करता है। एसटीएफ ने कड़ी से कड़ी जोड़कर मामले की गहनता से जांच की और आरोपित नवीन बंसल व आदित्य काला को पकड़ा। जानकारी मिली कि वह सहसपुर क्षेत्र स्थित एक फैक्टरी से दवाईयां लेते थे।

लाखों नकली टैबलेट बरामद
एसटीएफ ने आरोपित नवीन की फर्जी फर्म रीलिन फार्मा टेक व बीकेम बायोटेक से नकली पैन्ट्राप्रेजोल की 50.86 लाख टैबलेट, डिक्लोसिन एसपी की 15 लाख, लिवोसिट्रिजिन की 7.70 लाख, प्रोक्लोरपरप्रिजाइन की 33.93 लाख, एल्मोडिपाइन की 25.54 लाख, एसेक्लो पैरा की 6.05 लाख और नकली टेल्मीसर्टन की की 4.50 लाख टैबलेट बरामद की हैं।

आरोपित फैक्टरी स्वामी देवी दयाल गुप्ता ने वर्ष 2021 से 2025 तक लगभग एक करोड़ 42 लाख 30 हजार टैबलेट और लगभग दो लाख कैप्सूल आरोपित नवीन को अवैध तरीके से तैयार कर दिये हैं।

हरियाणा, भिवाड़ी, राजस्थान में होती थी सप्लाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भुल्लर ने बताया कि आरोपित नवीन बसंल फैक्टरी से नकली दवाईयां तैयार करवाता था और दवाईयों को ट्रांसपोर्ट के माध्यम से हरियाणा, भिवाडी, राजस्थान आदि स्थानों में भिजवाता था। आरोपित फैक्टरी मालिक देवी दयाल गुप्ता आरोपित नवीन बंसल को भारी मात्रा में नकली दवाईयां अपनी फैक्टरी में बनवाकर देता था।

 

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