काकरोचों के बीच मिला 17 लाख₹ रुपए का ठग रामचंद्र,बंदी

Jhunjhunu Range Rover Fraud Case Accused Ramchand Arrested From Noida After Cjp Protest
CJP के प्रोटेस्ट में जाना पड़ गया भारी, 1.67 करोड़ की Defender के नाम ठगी का आरोपी ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
झुंझुनूं में Range Rover कार के नाम पर कारोबारी साजिद दीवान से 17 लाख रुपये की ठगी करने वाला आरोपित रामचंद्र नोएडा से गिरफ्तार हो गया है। आरोपित जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के मंच पर दिखा, जिससे उसकी पहचान हुई। बैंक खातों की जांच के बाद पुलिस ने उसे सूरजपुर से दबोचकर जेल भेज दिया।

झुंझुनू 12 अक्टूबर 2026 : लग्जरी कार Range Rover Defender-130 दिलाने के नाम पर राजस्थान में झुंझुनूं के कारोबारी से 17 लाख रुपए की कथित ठगी करने वाला आरोपित पुलिस को लंबे समय तक छकाता रहा। सबसे दिलचस्प बात यह सामने आई कि आरोपित जुलाई 2026 में CJP के दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन में मंच पर प्रदर्शनकारियों के बीच बैठा दिखा। पीड़ित ने तस्वीरों में उसे पहचान लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज की। अब प्रोटेस्ट समाप्ति के दो माह बाद झुंझुनूं कोतवाली पुलिस को आरोपित रामचंद्र को नोएडा के सूरजपुर से गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
CJP jhunjhunu protester arrested in fraud case
सीजेपी प्रदशर्नकारी ठगी केस में गिरफ्तार

सूचना के आधार पर आरोपित को पकड़ा
शहर कोतवाल मुकेश कुमार एवं पुलिस उपाधीक्षक गोपाल सिंह ढाका के अनुसार, प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपित को पकड़ा। पुलिस के अनुसार आरोपित दिल्ली और नोएडा में लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
1.67 करोड़ की डिफेंडर का दिया झांसा
कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार मील के अनुसार झुंझुनूं के इंदिरा नगर निवासी कारोबारी साजिद दीवान ने 7 फरवरी 2025 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साजिद ने अपनी कंपनी के लिए लग्जरी वाहन Range Rover Defender-130 खरीदने को नोएडा स्थित अव्यान ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड के संचालक रामचंद्र से संपर्क किया था।

आरोपित ने गाड़ी की कीमत 1.67 करोड़ रुपए बताई और छह महीने में डिलीवरी देने का भरोसा दिया। बुकिंग और एडवांस के नाम पर कारोबारी से दो किस्तों में कुल 17 लाख रुपए बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए। छह महीने गुजर गए, लेकिन गाड़ी नहीं मिली। कारोबारी ने जब रकम वापस मांगी तो आरोप है कि रामचंद्र ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी भी दी।

जंतर-मंतर की तस्वीर बनी पुलिस का बड़ा सुराग
मामले की जांच के दौरान आरोपी फरार चल रहा था। इसी बीच जुलाई 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन की तस्वीरों और वीडियो में पीड़ित की नजर रामचंद्र पर पड़ी। पीड़ित ने उसे पहचान लिया और पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी CJP के प्रदर्शन में अन्य लोगों के बीच मौजूद था। पुलिस ने उसकी तलाश में जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर छापे मारे, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।

बैंक खातों की जांच से मिला नोएडा का सुराग
आखिरकार पुलिस ने आरोपित से जुड़े बैंक खातों और अन्य जानकारियों की जांच शुरू की। इसी बीच उसके नोएडा के सूरजपुर इलाके में छिपे होने की सूचना मिली। सहायक उपनिरीक्षक यूसुफ अली के नेतृत्व में कांस्टेबल चैनाराम, योगेंद्र और रूपेंद्र की टीम ने सूरजपुर में छापा मार रामचंद्र को पकड़ लिया।

17 लाख रुपए की रकम का इस्तेमाल
पुलिस अब आरोपित से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि 17 लाख रुपए की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और क्या इसी तरीके से उसने अन्य लोगों के साथ भी ठगी की है।
आरोपित को पकड़ने वाली टीम में थानाधिकारी श्रवण कुमार मील के साथ सहायक पुलिस उपनिरीक्षक यूसुफ अली, कांस्टेबल चैनाराम, योगेंद्र और रूपेंद्र शामिल रहे।

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