जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार:शनिवार को 135 शिविर,8408 आवेदन निस्तारित,13934 प्रमाणपत्र
CM धामी ने अधिकारियों को चेताया, बोले- अधिकारी फाइलों में नहीं, मैदान में दिखाई दें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम से उत्तराखंड में सुशासन का मॉडल मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फाइलों का निस्तारण कर फील्ड जाने को कहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। उत्तराखंड में ‘जन-जन की सरकार’ सुशासन का नया मॉडल।
मुख्यमंत्री धामी: अधिकारी फाइलों में नहीं, मैदान में दिखें।
शिविरों में 74,087 आवेदन, 8,408 का तत्काल निस्तारण।
देहरादून 28 दिसंबर 2025 । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम उत्तराखंड में सुशासन का मजबूत माडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अधिकारी अब फाइलों में नहीं, बल्कि मैदान में दिखाई देने चाहिए। उत्तराखंड में शासन अब सत्ता का नहीं, सेवा का माध्यम है।
इस अभियान से सरकार सचिवालय और कार्यालयों की सीमाओं से बाहर निकलकर सीधे जनता के द्वार तक पहुंच रही है। शनिवार को प्रदेश के 13 जनपदों में कुल 135 शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में 74,087 से अधिक नागरिकों ने अपनी समस्याओं और मांगों से जुड़े आवेदन मौके पर ही प्रस्तुत किए। प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण देते हुए 8,408 आवेदनों का तत्काल निस्तारण किया गया। साथ ही 13,934 प्रमाण पत्र जारी किए गए। 47,878 नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया है।
यह अभियान केवल सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के प्रति सरकार की संवेदनशीलता, जवाबदेही और सेवा-भाव का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारी अब जनता को कार्यालयों के चक्कर नहीं कटवा रहे, बल्कि स्वयं गांवों और मोहल्लों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा, कि मेरे लिए शासन का अर्थ केवल आदेश देना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को समझकर उनका त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को कठोर निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से पहुंचे। विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए घर-घर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
धामी मॉडल उत्तराखंड में सुशासन की नई पहचान
धामी माडल आज उत्तराखंड में सुशासन की नई पहचान बन चुका है, जहां न सुनवाई के लिए इंतजार है, न सिफारिश की जरूरत। सरकार स्वयं जनता के दरवाजे पर खड़ी दिखाई दे रही है। शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा रहा है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के मुख्यमंत्री पहले ही आदेश दे चुके हैं।
‘जन जन सरकार’ कार्यक्रम से बौखलाई कांग्रेस, भ्रम एवं झूठ की राजनीति पर उतरी :सुरेश जोशी
भाजपा ने कांग्रेस पर जन-जन की सरकार कार्यक्रम की सफलता से, बौखलाहट में आने का आरोप लगाया है। मुख्य प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कांग्रेस को निशाने लेते हुए कहा कि कांग्रेस जनता का ध्यान विकास से भटकाने को झूठ फैलाकर गुमराह कर रही है ।
विभिन्न माध्यमों से मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास के नए-नए आयाम छू रहा है। आधारभूत ढांचे से जनकल्याण के तमाम सूचकांकों और सभी सार्वजनिक व्यवस्थाओं तक में उत्तराखंड अब देश के अग्रणी राज्य में है। 50-50 वर्षों से लंबित जमरानी बंद जैसी परियोजनाएं भी साकार हो रही हैं, बद्री केदारनाथ धाम, हेमकुंड साहिब से लेकर आदि कैलाश और मानस मंदिरखण्ड मंदिर, पुनर्निमाण एवं सौंदर्यीकरण से नई पहचान पा रहे हैं, दिल्ली से देहरादून एलिवेटेड सड़क हो या ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना या फिर हवाई कैक्टिविटी या राज्य के विभिन्न स्थानों को जोड़ना आदि योजनाओं से प्रदेश जुड़ भी रहा है और आगे बढ़ भी रहा है।
इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री के बताए मार्ग पर मुख्यमंत्री धामी प्रत्येक वर्ष अपनी सरकार की उपलब्धियां को रिपोर्ट कार्ड के रूप में जनता के सम्मुख प्रस्तुत कर रहे हैं। परिणाम भी जनता, विभिन्न चुनावों और अन्य कई माध्यमों से आशीर्वाद के रूप में हमें देती आई है। योजना को अधिक प्रभावी बनाने और अंत्योदय के विकास के सिद्धांत पर आगे बढ़ते हुए इस अभियान से हमारी सरकार जनता के द्वार जा रही है। जिसमें सभी न्याय पंचायत में अधिकारियों की मौजूदगी से प्रत्येक जरूरतमंद और पात्र लाभार्थी तक पहुंच जा रहा है ताकि विकास नीचे तक प्रतिबिंबित हो। इसके बहुत सफल और उत्साहवर्धक नतीजा सामने आ रहे हैं। अपने घर के द्वार पर ही उसकी समस्याओं के निराकरण और तमाम योजनाओं की जानकारी मिलने से जन जन की सरकार का हमारा ध्येय भी पूरा हो रहा है।
उन्होंने कटाक्ष किया कि इस अभियान से जनता को मिलने वाले लाभ और सरकार के प्रति बढ़ती संतुष्टि ही कांग्रेस को स्वीकार नहीं है। वह पूरी तरह से बौखलाई हुई है
धामी सरकार अभियान से अंत्योदय की अवधारणा स्थापित करने में सफल : चमोली
वरिष्ठ विधायक प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने मुख्यमंत्री धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि जन जन के द्वार पहुंचकर हमारी सरकार अंत्योदय अवधारणा स्थापित करने में सफल हुई है।
उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि जैसे आंकड़े प्रदेश भर से जन जन की सरकार, जन जन के द्वार के आ रहे हैं वह बेहद उत्साहवर्धक हैं। यूं तो प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड आज विकसित राज्य निर्माण के हाइवे पर दौड़ने लगा है। विकास और जनकल्याण का कोई ऐसा आयाम नही जिस पर हमारी सरकार स्वर्णिम बदलाव लेकर न आई हो। इस सबके बावजूद भी अंत्योदय के सिद्धांत पर चलने वाली हमारी सरकार संतुष्ट नहीं थी और मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने जन जन के द्वार सरकार को पहुंचाने का ऐतिहासिक लक्ष्य रखा है। आज ये देखकर बहुत प्रसन्नता और संतुष्टि होती है कि न्याय पंचायत स्तर पर बड़े -बड़े अधिकारी बैठकर जनता की समस्याओं का तत्काल निस्तारण कर रहे हैं।
143 कैंपों में 83 हजार लोगों की समस्याओं का हल होना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन धामी सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति से यह संभव हो पाया है। वहां 55 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ से जोड़ा गया।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पार्टी के मूल सिद्धांत अंत्योदय के कल्याण को धरातल में उतारने में सफल हुई है। हम, देश में कल्याणकारी राज्य की अवधारणा का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहे है। जिसमें पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी अभियान की सफलता में सहयोगी की महत्व्पूर्ण भूमिका निभाई है। घर घर पहुंचकर, जनता को कैंपों की जानकारी देना और ये सुनिश्चित करना कि वे वहां पहुंचे और उन्हें लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कैंपों को सफल बनाने में जनता का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अभी यह मुहिम अधिक तेजी से आगे बढ़ेगी। सरकार और संगठन की कोशिश है कि एक भी व्यक्ति जिसके पास समस्या हो, तो उसके समाधान का हर संभव प्रयास किया जाये।

