अमेरिकी फेडरेल रिजर्व बैंक दरों में 25 बेसिस प्वाइंट कटौती,भारतीय बाजार और ₹ पर होगा सकारात्मक असर?
USA: अमेरिका के फेडरेल रिजर्व बैंक की दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती, भारतीय बाजार पर क्या पड़ेगा असर?

30 साल का रिकॉर्ड टूटा! पिछले 5 वर्षों में भारत ने ₹148 लाख करोड़ की नई दौलत जोड़ी
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (MOSFSL) की रिपोर्ट बताती है कि सबसे ज्यादा पैसे बनाने वाले सेक्टर में वित्तीय क्षेत्र जैसे कि बैंक और बीमा कंपनियां हैं.
2020 से 2025 तक टॉप-100 कंपनियों ने भारतीय इक्विटी बाजार में 148 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति जोड़ी है
बैंक और बीमा कंपनियां जैसे वित्तीय क्षेत्र में इन वर्षों में सबसे अधिक पैसा बनाने वाले सेक्टर के रूप में उभरे
भारत की जीडीपी 17 वर्षों में 4 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ी है, आने वाले 17 वर्षों में यह 4 गुना बढ़ सकती है
भारतीय इक्विटी बाज़ार में Wealth Creation ने पिछले तीन दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से 2025 तक पांच साल में टॉप-100 कंपनियों ने मिलकर 148 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड संपत्ति जोड़ी. यह उछाल मुख्यत: कोविड-19 महामारी में निचले स्तर पर पहुंचे बाजार में आई तेज वापसी से संभव हुआ है.
बैंक, बीमा कंपनियों ने सबसे ज्यादा पैसे बनाए
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (MOSFSL) की रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा पैसे बनाने वाले सेक्टर में वित्तीय क्षेत्र बैंक और बीमा कंपनियां हैं. फिर उद्योग, टेक्नोलॉजी और यूटिलिटी (सार्वजनिक सेवाएं) सेक्टर हैं. सरकारी कंपनियां (पीएसयू) भी रक्षा और ऊर्जा जैसे सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ी हैं.
भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर मार्केट
रिपोर्ट में कहा गया कि 5 साल की अवधि में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स (एचएएल) ने सबसे ज्यादा वेल्थ क्रिएट की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन चुका है.
पैसा बनाने का मंत्र- अच्छी कंपनियों में निवेश
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने कहा कि भारत अब सबसे तेज वेल्थ क्रिएशन के दौर में है. जैसे-जैसे हमारी अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर से 16 ट्रिलियन डॉलर की ओर बढ़ेगी, निवेश के नए बड़े मौके बनेंगें. हालांकि दीर्घकालिक संपत्ति वही बनाएंगे,जो अच्छी कंपनियों में निवेश करेंगे.सही कंपनियां चुनना बहुत जरूरी है.
17 वर्षों में 4 गुना बढ़ सकती है GDP
रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की जीडीपी पिछले 17 वर्षों में 1 ट्रिलियन डॉलर से 4 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ी है और आने वाले 17 वर्षों में यह चार गुना बढ़ सकती है. रिपोर्ट के अनुसार इस मल्टी-ट्रिलियन डॉलर (एमटीडी) युग में वित्तीय क्षेत्र और उपभोक्ता सामान वाहन, स्मार्टफोन और दैनिक आवश्यकता की चीजें बनाने वाली कंपनियां बहुत तेजी से आगे बढ़ेंगी.
रिपोर्ट में यह भी है कि इस दौर में कई कंपाउंडिंग स्टॉक्स (ग्रोथ स्टॉक्स) दिखेंगे. इसके अलावा लार्ज कैप बड़ी कंपनियां भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं.
