KGMU में धर्मांतरण गिरोह?
KGMU में धर्मांतरण षड्यंत्र? रेजिडेंट छात्रा के आरोपों से हड़कंप, फरार डॉक्टर की तलाश
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में रेजिडेंट छात्रा के देह शोषण बाद मामला गंभीर हो गया है. पीड़िता के आरोपों पर विश्वविद्यालय परिसर में धर्मांतरण गतिविधियों पर बड़े सवाल उठे हैं. आरोप हैं कि कुछ विभागों में छात्रों पर दबाव बनाया जाता है और लैब में मज़हबी तकरीरें करवाई जा रही थीं. आरोपित रेजिडेंट डॉक्टर की तलाश जारी है.
डॉक्टर की तलाश में पुलिस टीमें रवाना. (Photo: Screengrab)
आशीष श्रीवास्तव
लखनऊ,25 दिसंबर 2025, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) लखनऊ में सामने आए धर्मांतरण मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस गंभीर मामले में केजीएमयू प्रशासन ने पीड़िता की सुरक्षा को उसके लिए 24 घंटे महिला सुरक्षा गार्ड लगाने और उसे हॉस्टल में ही रखने को कहा है. इसको केजीएमयू प्रशासन ने आधिकारिक पत्र भी जारी किया है.
केजीएमयू प्रशासन के अनुसार पैथोलॉजी विभाग में इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, इसको व्यापक जांच शुरू हो गई है. विभाग के कुछ अन्य कर्मचारियों और डॉक्टरों की भूमिका की भी जांच हो रही है, जिनके इसमें शामिल होने का संदेह है.
KGMU में रेजिडेंट छात्रा के शोषण ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप हैं कि KGMU में धर्मांतरण गतिविधियां संचालित हो रही हैं. सवाल उठे हैं कि क्या लैब और विभागों में मज़हबी प्रभाव डालने की कोशिश होती है और क्या छात्रों पर कोई दबाव बनाया जा रहा है.
इधर, इस पूरे मामले में केजीएमयू डॉक्टर्स एसोसिएशन कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद से मिली. बैठक में कई गंभीर आरोप लगे. 24 दिसंबर की इस बैठक में एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने गंभीर आरोप लगाए और तत्काल कार्रवाई की मांग की. पीड़ित छात्रा ने अपने ही विभागीय रेजिडेंट डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं तो मामला खुलकर सामने आया.
डॉक्टर एसोसिएशन के अनुसार KGMU में कुछ लोग छात्रों और कर्मचारियों को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की कोशिश में हैं. पैथोलॉजी विभाग एचओडी को इस धर्मांतरण नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया. एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि पैथोलॉजी लैब में गुपचुप तरीके से मजहबी तकरीरें हो रही थीं. डॉक्टर रमीज मलिक पर आरोप लगाने वाली छात्रा पर दबाव भी सामने आया है.
इन गंभीर आरोपों के बीच KGMU प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होगी. जिन लोगों पर दबाव बनाने या जांच प्रभावित करने का संदेह है, उन्हें जांच प्रक्रिया से अलग रखने की भी कही गई.
लुका-छिपी खेलते खुराफाती रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक की ढूंढ उत्तर प्रदेश पुलिस ने तेज कर तीन विशेष टीमें उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में भेजी हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के गंभीर आरोपों पर उसकी गिरफ्तारी भी संभव है.
डॉक्टर रमीज मलिक 23 दिसंबर को लखनऊ में विशाखा जांच समिति बाद से फरार है. दूसरी ओर, पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 का बयान कराने की तैयारी है. कुलपति सोनिया नित्यानंद ने कहा कि वह पूरा मामला जानती हैं, सभी आरोपों की जांच होगी और किसी भी तरह की मज़हबी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाएगी.
