मप्र:चंगाई प्रार्थना सभा के नाम पर करा रहे हिंदू देवी-देवताओं की विदाई, पकड़ा धर्मांतरण का खेल

हीलिंग मीटिंग के नाम पर मप्र में करा रहे हिंदू देवी देवताओं की विदाई, पकड़ाया धर्मांतरण का खेल, बड़ा अनावरण

छतरपुर जिले में चंगाई सभा की आड़ में धर्मांतरण के खेल का  अनावरण  हुआ है। यहां भोले- भाले लोगों को बुलाकर उनके घरों से हिंदू देवी – देवताओं की विदाई कराई जा रही है।
छतरपुर 30 जून 2025। : मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद भी  चंगाई प्रार्थना सभाओं यानी हीलिंग मीटिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का खेल चल रहा है। चंगाई सभा का आयोजन ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य, मानसिक एवं आर्थिक लाभ के विकास के लिए किया जाता है। पर यहां मामला कुछ और ही निकला। भोले लोगों को सभा में बुलाकर धीरे- धीरे उनके दिमाग में यह डाला जाता है कि ईशू भगवान ही सर्व शक्तिमान है। बाकी सब कंकर पत्थर एवं काल्पनिक चित्र हैं। पूरा मामला संज्ञान में आने पर हमारे रिपोर्टर ने ग्राउंड जीरो पर जाकर की पड़ताल तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए।
game of conversion was caught in Chhatarpur
छतरपुर में धर्मांतरण का खेल पकड़ा

हमें जब इस बात की जानकारी लगी कि कुछ लोग धर्मांतरण का एक पूरा सिंडिकेट चला रहे हैं। इसका इस्तेमाल करके वे ग्रामीण महिलाओं, अबोध बच्चियों एवं पुरुषों को चंगाई सभा के नाम पर बुलाते हैं। फिर धीरे- धीरे उनके घरों से हिंदू देवी देवताओं की विदाई कर देते है। यही नहीं वे लोग ईशू को भगवान मानने के लिए लोगों के दिमाग के साथ खिलवाड़ भी करते हैं।

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बीमार बनकर सभा में पहुंचे

हमारे रिपोर्टर सबसे पहले उस जगह पर पहुंचे जहां चंगाई सभा लगाई जाती है। ये जगह छतरपुर के चंदला थाने से मात्र कुछ सौ मीटर की ही दूरी पर है। सभा में अंदर जाने को रिपोर्टर ने खुद को बीमार बताया और चंगाई सभा में स्वास्थ्य लाभ लेने की बात कही।

शुरू हुआ धर्मांतरण का खेल

ईसाई धर्म प्रचारक नत्थू अहिरवार ने रिपोर्टर को सभा स्थल दिखाया। फिर प्रार्थना से बीमारी ठीक करने का भरोसा दिलाया। यह कहते हुए उसका वीडियो भी सामने आया है। उसने ठीक होने के लिए हर रविवार चंगाई सभा में शामिल हो घर की वस्तुओं में कुछ परिवर्तन करने की बात भी कही। पर शक होने पर प्रचारक ने परिवर्तन अगली मुलाकात में बताने की बात कही। सभा में शामिल होने आए कुछ लोगों से बात की तो सामने आया कि सभी ने घरों से हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां और तस्वीरें हटा दी हैं।

पहले भी हो चुका इसी तरह से धर्मांतरण

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का चंदला नगर में 2 सप्ताह पहले हुई एक सभा में करीब 30 गांव से 200 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। इनमें लगभग 180 लोग 5 साल पहले तक हिंदू थे लेकिन अब ईसा मसीह को पूज रहे हैं। वह भी बीमारियां ठीक करने के नाम पर हुई सभा थी। ईसाई प्रचारक इसे चंगाई सभा कहते हैं।

हिंदू देवी – देवताओं की विदाई वाला खुलासा

चंगाई सभा में शामिल होने आई एक महिला ने हमने बात की। उसने हैरान करने वाले खुलासे किए। महिला ने बताया कि पास्टर पादरी ने साफ-साफ कहा है कि बीमारी तभी ठीक होगी जब हम घरों से हिंदू देवी देवताओं की विदाई करेंगे। इस सभा की मुख्य आयोजक नाथू अहिरवार की भतीजी पास्टर सीमा है। सीमा की मां दो बार अनुसूचित जाति कोटे  से चंदला नगर की नगर परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं जो संवैधानिक रूप से अवैध है क्योंकि धर्मांतरण बाद वें हिदू दलितों के लिए लिए संवैधानिक आरक्षण का लाभ नहीं उठा सकती.

ध्यान देने की जरूरत

ईसाई धर्म मानने वाले उसके पिता भी सिंचाई विभाग में एससी कोटे से ड्राइवर हैं। यह भी गलत है।  हिंदू संगठनों का कहना है कि ऐसे प्रचारकों के झांसे में आकर जिले के 200 से ज्यादा गांव में 20 प्रतिशत तक आबादी धर्मांतरण के जाल में फंस चुकी है। हिंदू संगठनों ने इसे लेकर ध्यान देने की बात कही है।
-Somesh Sharma

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