TCS जबरन कनवर्जन षड्यंत्र:आरोपपत्र में निदा खान की आत्मस्वीकृति-मैं ही थी नमाज ट्रेनर

नासिक TCS केस में 5 बड़े अनावरण, निदा खान ने कबूला- “मैं ही देती थी नमाज की ट्रेनिंग…”

नासिक TCS धर्मांतरण मामले में पुलिस चार्जशीट में कई चौंकाऊ बातें सामने आई हैं. मुख्य आरोपित निदा खान ने पीड़िता को नमाज़ सिखा जबरन कनवर्जन का षड्यंत्र मान लिया है.

नासिक TCS केस की चार्जशीट में 5 बड़े अनावरण

मुंबई/नासिक 07 जून 2026। नासिक स्थित टीसीएस ऑफिस से जुड़े यौन उत्पीड़न और जबरन कनवर्जन मामले में  पुलिस के आरोप पत्र में कई चौंकाऊ अनावरण हुए हैं. मामले की मुख्‍य आरोपित निदा खान ने पुलिस के सामने अपना अपराध मान लिया है. निदा ने माना है कि वही पीड़िता को अपने घर ले जाकर नमाम पढ़ना सिखाती थी. पुलिस को मोबाइल से 37 इस्लामिक ऑडियो क्लिप्स और ऐप्स मिले हैं, जिन्‍हें जबरन पीड़िता के फोन में इंस्‍टाल किया गया था. आरोपितों ने पुलिस जांच में ये भी बताया है कि TCS ऑफिस का 7वीं मंजिल पर कैफे षड्यंत्र का मुख्‍य अड्डा था. यहीं पर बैठकर दानिश, निदा और तौसिफ पीड़िता के कन्वर्जन के षड्यंत्र की बारीकियां  रचते थे.

पहला अनावरण : “अजमेर जाओ, संतान की गारंटी…”, तौसिफ का पीड़िता को दावा
नासिक TCS धर्मांतरण मामले में पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने आधिकारिक बयान में एक और दावा किया है. पीड़िता के मुताबिक, आरोपित तौसिफ अत्तार ने उसकी व्यक्तिगत स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करते हुए  कहा था, “तुम्हें संतान नहीं हो रही है, मैं तुम्हें अजमेर के एक मौलवी का मोबाइल नंबर देता हूं. वहां जाकर आने के बाद तुम्हें गारंटी से बच्चा होगा.”

पुलिस अब इस अजमेर वाले एंगल और मौलवी के कनेक्शन की भी गहराई से पड़ताल कर रही है.

दूसरा अनावरण : निदा खान ने कबूला- “मैं ही देती थी नमाज़ की ट्रेनिंग”
नासिक TCS कनवर्जन मामले में मुख्‍य आरोपित निदा ने पुलिस के सामने कई अनावरण किये हैं. शुरुआती पूछताछ में पुलिस को गुमराह करने वाली महिला आरोपित निदा खान ने आखिरकार अपना अपराध मान लिया है. आरोपपत्र के अनुसार, निदा ने माना कि वही पीड़िता को नमाज़ पढ़ना सिखाती थी. निदा खान खुद पुलिस टीम अपने घर ले गई और उसने वह कमरा व कोना भी बताया, जहां वह पीड़िता को बुलाकर नमाज़ पढ़ने की बकायदा ट्रेनिंग दिया करती थी.

तीसरा अनावरण : मोबाइल से मिले 37 इस्लामिक ऑडियो क्लिप्स और ऐप्स
नासिक TCS कनवर्जन केस शुरु में जितना सरल लग रहा था, उतना है नहीं. पुलिस ने इस में मजबूत डिजिटल और तकनीकी प्रमाण जुटाये हैं. पीड़िता के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में इस्लाम से जुड़ी कुल 37 ऑडियो क्लिप्स मिली हैं. इसके अलावा, मोबाइल में कई यूट्यूब लिंक्स और इस्लाम से जुड़े 4 विशेष मोबाइल ऐप्स भी पाए गए हैं. पुलिस जांच में यह साफ हुआ है कि ये सभी ऐप्स आरोपित दानिश और निदा के कहने पर ही पीड़िता के फोन में इंस्टॉल कराए गए थे.

चौथा अनावरण : TCS ऑफिस का कैफे था षड्यंत्र का अड्डा
मामले में आरोपित तौसिफ अत्तार ने पुलिस पूछताछ में अनावरण किया है कि TCS ऑफिस का कैफे षड्यंत्र का मुख्‍य अड्डा था. तौसिफ की आत्म स्वीकृति के अनुसार, कनवर्जन की पूरी प्लानिंग कंपनी परिसर के भीतर ही की जा रही थी. TCS ऑफिस बिल्डिंग की 7वीं मंजिल पर कैफे केवल चाय-कॉफी को नहीं, बल्कि यह षड्यंत्र को रचने का मुख्य केंद्र बना था. यहां दानिश, निदा और तौसिफ बैठकर समय-समय पर पीड़िता के कन्वर्जन का पूरा विवरण तैयार करते थे.

पांचवां अनावरण : रमजान के महीने में पीड़िता पर रोजे रखने का दबाव
पुलिस जांच रिपोर्ट में आया है कि साल 2025 के रमजान महीने में पीड़िता पर न सिर्फ मानसिक दबाव बनाया गया, बल्कि उसे जबरन इस्लामिक नियमों का पालन करने को भी मजबूर किया गया. मुख्य आरोपित दानिश और तौसिफ अत्तार ने पीड़िता को पूरे 30 दिन के रोजे रखने को कहा था. निदा खान उसे रमजान शुरू होने की तारीखें बताती थी, जबकि दानिश उसे रोजे रखने, सहरी और इफ्तार का सही समय तय करके देता था.

पुलिस के आरोप पत्र में शिकायतकर्ता, उसकी मां, टीसीएस के कर्मचारियों/प्रबंधन, यौन उत्पीड़न निवारण (पीओएसएच) समिति के सदस्यों और मामले के जांच अधिकारियों सहित 106 गवाहों के बयान हैं. महाराष्ट्र सरकार ने टीसीएस के नासिक ऑफिस में काम करने वाली कई महिला कर्मचारियों से यौन उत्पीड़न और कनवर्जन के प्रयास की शिकायत किए जाने के बाद मामले की जांच को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया. टीसीएस ने स्पष्ट किया था कि उसकी किसी भी तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती के प्रति कतई सहन न करने की नीति है । नासिक कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न में शामिल कर्मचारी निलंबित कर दिये गये हैं.

नासिक TCS केस: जाकिर नाइक-तारिक जमील के वीडियो दिखाकर ब्रेनवाश,चार्जशीट में चौंकाऊ अनावरण

नासिक के चर्चित टीसीएस केस में पुलिस के आरोप पत्र में बड़ा अनावरण हुआ है. पीड़िता का आरोप है कि उसे जाकिर नाइक और तारिक जमील के वीडियो दिखाकर प्रभावित कर कनवर्जन को दबाव डाला गया।
नासिक के चर्चित TCS केस में चौंकाने वाला पक्ष सामने आया है. पुलिस के आरोप पत्र में दावा  है कि पीड़िता को  प्रभावित करने को लगातार मजहबी वीडियो दिखाए जाते थे. उसे समझाने की कोशिश की गई कि इस्लाम अपनाने से उसका तनाव दूर होगा.

आरोप पत्र में ब्रेनवॉश का आरोप
पुलिस के आरोप पत्र के अनुसार, पीड़िता ने अपने बयान में बताया है कि उसे इस्लाम की ओर आकर्षित करने को जाकिर नाइक और पाकिस्तानी  तारिक जमील के वीडियो दिखाए जाते थे. यह सिलसिला लगातार चलता रहा, जिससे उस पर मानसिक दबाव बनता गया.

‘सनातन छोड़ो, तनाव खत्म होगा’
पीड़िता का आरोप है कि आरोपितों ने बार-बार उसे यह भरोसा दिलाया की कि अगर वह इस्लाम कबूल ले, तो उसकी जिंदगी के सभी मानसिक तनाव खत्म हो जाएंगे. इस तरह की लगातार बातचीत और समझाइश के चलते वह धीरे-धीरे उनकी बातों में आने लगी .

आरोप पत्र के इस बयान से जांच की परिधि और गंभीर हो गयी है. अब यह मामला सिर्फ यौन उत्पीड़न तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि इसमें सुनियोजित तरीके से ब्रेनवॉश और जबरन कनवर्जन जैसे आरोप भी शामिल हो गए हैं.

क्या है नासिक टीसीएस मामला?
यह पूरा मामला नासिक की बहुराष्ट्रीय कंपनी TCS का है, जहां कार्यरत महिलाओं ने यौन उत्पीड़न, कनवर्जन के प्रयास और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप लगाए हैं. मामले की गंभीरता देख पुलिस ने गहन जांच की थी.

9 FIR और 9 आरोपित
मामले में देवलाली कैंप और मुंबई नाका पुलिस थानों में  9 एफआईआर अंकित हैं. इनके 9 आरोपितों में 7 पुरुष और 2 महिलाएं हैं. पुलिस ने मुख्य आरोपित निदा खान सहित सभी आरोपित पकड़ लिये हैं. पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के निर्देश पर जांच को विशेष जांच दल (SIT) गठित हुई थी। जांच पूरी हो चुकी है.

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