कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं कि नींबू के साथ कॉफी पीने से वजन घटेगा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो में एक महिला को आधा नींबू का रस और आधा चम्मच कॉफी मिलाकर एक गिलास गर्म पानी पीने के बाद वजन कम करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में इसे डॉक्टर की सलाह बताया गया है। सोशल मीडिया पर इसी तरह के कुछ और वीडियो भी हैं जिनमें ऐसे ही दावे किए गए हैं । आइए इन दावों की सच्चाई का पता लगाते हैं।

पोस्ट में किए गए दावों की पुष्टि करने के लिए, हमने वैज्ञानिक अध्ययनों की खोज की। हार्वर्ड के एक अध्ययन के अनुसार , प्रतिदिन चार कप कॉफी पीने से शरीर की चर्बी 4% तक कम हो सकती है। अध्ययन के सह-लेखक डेरिक अल्परेट का मानना ​​है कि इसका कारण कॉफी में मौजूद कैफीन हो सकता है, जो चयापचय को बढ़ाता है और अधिक कैलोरी जलाने में मदद करता है, जिससे शरीर की चर्बी कम होती है।

मेटाबोलिक स्वास्थ्य चिकित्सक, एनवाईयू स्कूल ऑफ मेडिसिन में मेडिसिन की क्लिनिकल प्रोफेसर सोवेल हेल्थ की संस्थापक डॉक्टर एलेक्जेंड्रा सोवा ने goodhousekeeping.com में प्रकाशित एक लेख में कहा है, “मेरी जानकारी में कोई भी डॉक्टर इसे वजन घटाने के तरीके के रूप में कभी भी नहीं सुझाएगा,” क्योंकि शरीर को मिलने वाला कैफीन का यह बढ़ावा अल्पकालिक होगा क्योंकि शरीर कैफीन के स्तर को सहन करना शुरू कर देता है।

वजन घटाने को नींबू का उपयोग

हमें 2008 का एक अध्ययन मिला जिसमें नींबू में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल के वसा घटाने में प्रभाव को सिद्ध किया गया था। लेकिन यह अध्ययन चूहों पर किया गया था, और मनुष्यों में वसा घटाने में नींबू की प्रभावशीलता को सिद्ध करने वाला कोई अध्ययन मौजूद नहीं है।

क्लीवलैंड क्लिनिक की पंजीकृत आहार विशेषज्ञ एलिजाबेथ देजुलियस ने टाइम पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में कहा , “नींबू पानी वजन घटाने का कोई चमत्कारी उपाय नहीं है।” उनके अनुसार, नींबू पानी अप्रत्यक्ष रूप से शरीर की चर्बी कम करने में मदद कर सकता है। सादे पानी में नींबू मिलाने से स्वाद से लोग अधिक पानी पीने को प्रेरित हो सकते हैं और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते, जिससे प्यास से लगने वाली भूख कम हो जाती है। उनका कहना है कि प्यास को अक्सर भूख समझ लिया जाता है।

पंजीकृत आहार विशेषज्ञ बेथ ज़ेर्वोनी, आर.डी., कहती हैं , “नींबू के रस में ऐसा कुछ भी नहीं है जो वसा घटा सके या ऐसा कोई रासायनिक प्रभाव पैदा कर सके। मुझे खेद है, लेकिन यह इतना आसान नहीं है।” आगे वह बताती हैं, “ पानी आपको पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे भूख कम लगती है और खाने की इच्छा नहीं होती।”

हेल्थलाइन डॉट कॉम ने नींबू के साथ कॉफी पीने के बारे में प्रचलित दावों पर कहा है कि “न तो नींबू और न ही कॉफी चर्बी घटा सकती है।” यह बताते हुए कि नींबू के साथ कॉफी पीने से चर्बी कम होने का दावा गलत है, लेख में कहा गया है कि वजन कम करने का एकमात्र तरीका कम कैलोरी का सेवन करना या अधिक कैलोरी बर्न करना है।

इन सभी प्रमाणों के आधार पर, हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि यह कहने का कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं है कि नींबू के साथ कॉफी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है, और इसलिए, पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक है।

Walking For Weight Loss: मोटापा कम करना है, तो रोजाना बस 20 मिनट चलने से कम होगा 10 किलो वजन! एक्‍सपर्ट ने बताया कैसे? लेख में प्रोफेसर राम अवतार बता रहे हैं वॉकिंग से तेज़ रिज़ल्ट पाने के 5 आसान तरीके-

मोटापा कम करना है, तो रोजाना बस 20 मिनट चलने से कम होगा 10 किलो वजन! एक्‍सपर्ट ने बताया कैसे
हमें लगता है कि वजन घटाने या फैट कम करने को जिम में पसीना बहाना या भारी-भरकम एक्सरसाइज करना ही इकलौता रास्ता है. पर सच ये है कि वॉकिंग (Walking) जैसी आसान चीज़ भी कमाल की है, बस हमें उसे सही ढंग से करना (Right Way of Walking to lose Weight) आना चाहिए. ऐसे भी बहुत से लोग हैं जो एक्सरसाइज (Exercise for weight loss) से कतराते हैं या उन्‍हें आलस होता है. लेकिन बढ़े वजन से वे परेशान हैं और तेजी से वजन भी कम (Fastest Ways For Losing Weight) करना चाहते हैं. इसमें एक नॉर्मल सा वॉक भी कमाल कर सकता है, लेकिन  यह न‍ियम‍ित करना होगा और साथ में रखना होगा खूब सारा धैर्य. प्रोफेसर राम अवतार बता रहे हैं वॉकिंग से तेज़ रिज़ल्ट पाने के 5 आसान तरीके-

वॉकिंग न सिर्फ कैलोरी बर्न करती है, बल्कि आपका मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट करती है और पाचन पटरी पर लाती है. सबसे अच्छी बात? इसे हर उम्र का इंसान कर सकता है । इसमें जोड़ों के दर्द का डर भी नहीं रहता. अगर अपनी वॉक में थोड़े से बदलाव कर लें, तो बिना किसी कठोर खुराक भी वजन कम किया जा सकता है. वजन कम करने में पैदल चलना या वॉकिंग किस तरह से मदद कर सकता है?

वजन कम करने में कैसे काम करती है वॉकिंग?
प्रोफेसर राम अवतार के अनुसार शरीर ली गई कैलोरी से ज्यादा खर्च करता है, तो वजन घटता है. रोज़ाना टहलने से शरीर में जमा फैट एनर्जी के रूप में इस्तेमाल होता है. इससे धीरे-धीरे शरीर शेप में आता है.

वॉकिंग से तेज़ रिज़ल्ट पाने के 5 आसान तरीके:
खाने के तुरंत बाद टहलें: खाना खाने के बाद 10 से 20 मिनट की हल्की वॉक ब्लड शुगर कंट्रोल रखती है और खाने को पचाने में मदद करती है. दिन में तीन बार छोटी-छोटी वॉक, एक बार की लंबी वॉक से कहीं ज्यादा बेहतर है.
चाल में तेज़ी लाएं (Power Walking): प्रोफेसर राम अवतार ने कहा कि सिर्फ टहलें नहीं, थोड़ा तेज़ चलें. तेज़ चलने से हार्ट रेट बढ़ता है और घुटनों पर भी कम दबाव पड़ता है. इसे ही पावर वॉकिंग कहते हैं, जो कैलोरी तेजी से जलाती है.
चढ़ाई या सीढ़ियों का इस्तेमाल: सपाट ज़मीन के बजाय सीढ़ियों या चढ़ाई वाली जगह पर चलें. इससे आपकी जांघों और पेट की मांसपेशियों पर ज़ोर पड़ता है, जिससे मेहनत ज्यादा लगती है और फैट जल्दी बर्न होता है.
रफ़्तार बदलते रहें (Interval Walking): प्रोफेसर राम अवतार ने कहा कि एक मिनट बहुत तेज़ चलें और फिर अगले एक मिनट अपनी रफ़्तार धीमी कर लें. इस तरह बार-बार स्पीड बदलने से फैट बर्निंग प्रोसेस तेज़ होता है.
थोड़ा वजन साथ रखें: वॉक करते अगर पीठ पर बैग (Backpack) लटका लें या हल्का वेट कैरी करें, तो शरीर को ज्यादा मशक्कत करनी पड़ेगी. नतीजा? कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न.

(यह लेख करियर पॉइंट यूनिवर्सिटी हमीरपुर, सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन्स, योगा एंड संस्कार के निदेशक प्रोफेसर राम अवतार से बातचीत पर आधार‍ित है.)

वजन घटाने वाली दवा: कौन से डॉक्टर लिखते हैं पर्चा? शर्तों के साथ ये टेस्ट कराना भी जरूरी
बढ़ते मोटापे को कम करने के लिए लोग अब वेट लॉस ड्रग्स का सहारा ले रहे हैं. लेकिन इन दवाओं को लेने की प्रक्रिया क्या है, कौन सा डॉक्टर प्रिस्क्राइब करता है और इसकी क्या शर्तें होती हैं, इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

बिना डॉक्टर की सलाह के ये दवाइयां खतरनाक साइड इफेक्ट दे सकती हैं.

Weight Loss Pills or injection: वजन घटाना सिर्फ जिम और डाइट तक सीमित नहीं रह गया है क्योंकि मेडिकल साइंस ने वेट लॉस दवाइयां लॉन्च की हैं जो दुनियाभर में जरूरतमंद लोगों को वजन कम करने में मदद कर सकती हैं. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट की चेतावनी है कि ये दवाएं मेडिकल स्टोर से अपनी मर्जी से खरीदकर खाने वाली चीजें नहीं हैं. इन्हें लेने को कड़े नियम और डॉक्टरी परामर्श की जरूरत होती है. अगर आप भी दवाओं से वजन घटाने की सोच रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि इसकी शुरुआत कहां से होती है और कौन से डॉक्टर प्रिस्क्राइब कर सकते हैं.

कौन से डॉक्टर कर सकते हैं प्रिस्क्राइब?
वेट लॉस ड्रग्स को सबसे पहले सही विशेषज्ञ का चुनाव जरूरी है.  एंडोक्राइनोलॉजिस्ट (Endocrinologist) यानी हार्मोन एक्सपर्ट ये दवायें प्रिस्क्राइब करने को सबसे उपयुक्त माने जाते हैं, क्योंकि मोटापा अक्सर हार्मोनल असंतुलन से जुड़ा होता है. इसके अलावा, बेरियाट्रिक फिजिशियन और अनुभवी जनरल फिजिशियन भी मरीज की स्थिति देखकर यह दवाएं लिख सकते हैं. ध्यान रहे कि किसी जिम ट्रेनर या बिना डिग्री वाले सलाहकार के कहने पर इन दवाओं का सेवन जानलेवा हो सकता है.

प्रिस्क्रिप्शन से पहले जरूरी मेडिकल जांच
डॉक्टर दवा लिखने से पहले आपके शरीर का पूरा चेकअप करते हैं. इसमें सबसे महत्वपूर्ण है ब्लड टेस्ट, जिससे शुगर लेवल, कोलेस्ट्रॉल और लिवर फंक्शन का पता लगता है. इसके अलावा, थायराइड प्रोफाइल की जांच होती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वजन बढ़ने का कारण थायरॉइड तो नहीं है. डॉक्टर आपका बीएमआई (BMI) कैलकुलेट करते हैं और ब्लड प्रेशर की नियमित मॉनिटरिंग करते हैं. कुछ मामलों में हृदय जांचने को ईसीजी (ECG) की सलाह भी दी जाती है क्योंकि कुछ दवाएं मेटाबॉलिज्म प्रभावित करती हैं.

किन शर्तों पर मिलती है दवा?
वेट लॉस ड्रग्स हर उस व्यक्ति को नहीं दी जाती जो थोड़ा सा वजन कम करना चाहता है. इसके लिए पहली शर्त यह है कि आपका बीएमआई 30 से अधिक हो, या फिर 27 से अधिक होने के साथ आपको मोटापे से होने वाली बीमारियां जैसे डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर हो.

दूसरी महत्वपूर्ण शर्त यह है कि मरीज ने पहले डाइट और एक्सरसाइज से वजन घटाने की कोशिश की हो. डॉक्टर यह दवाएं तभी शुरू करते हैं जब प्राकृतिक तरीकों से परिणाम न मिल रहे हों. साथ ही, मरीज को यह वचन देना होता है कि वह दवा के साथ अपनी लाइफस्टाइल में सुधार जारी रखेगा.

सावधानी और एक्सपर्ट की सलाह
यह समझना जरूरी है कि वेट लॉस ड्रग्स कोई ‘जादुई गोली’ नहीं हैं. इनके साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जैसे पाचन में दिक्कत, जी मिचलाना या घबराहट. इसलिए डॉक्टर समय-समय पर फॉलो-अप लेते हैं. अगर कुछ हफ्तों के भीतर दवा का असर नहीं दिखता या मरीज को परेशानी होती है, तो डॉक्टर तुरंत डोज बदलते हैं या दवा बंद कर देते हैं. बिना डॉक्टरी सलाह इन्हें लेना किडनी और हार्ट पर बुरा असर डाल सकता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य जानकारी और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें.)

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