पुजारी कमलनाथ नहीं, इमामुद्दीन था, तीन आधार कार्ड, पेन कार्ड

कमलनाथ निकला इमामुद्दीन अंसारी… शामली के मंदिर में 6 साल तक पुजारी बनकर रहा, पोल खुली तो मचा हड़कंप

शामली जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एकऐसा व्यक्ति पकड़ा, जो कथित तौर पर अपना मजहब और नाम छिपाकर पिछले छह साल से एक मंदिर में पुजारी बना रह रहा था.

शामली पुलिस की पकड़ में आरोपित इमामुद्दीन अंसारी नूर
शामली ,04 अगस्त 2025,उत्तर प्रदेश के शामली में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने एक ऐसे ,व्यक्ति पकड़ा है, जिसने अपना मजहब और नाम बदलकर पिछले छह साल से एक मंदिर में पुजारी बना बैठा था. इस घटना ने पूरा गांव सकते में है. साथ ही, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) और इंटेलिजेंस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर कैसे कोई व्यक्ति इतने लंबे समय तक इस तरह रह सकता था.

पुलिस ने पकड़े गए युवक की पहचान इमामुद्दीन अंसारी नूर (पुत्र मोहम्मद अंसारी) के रूप में की है. वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के कालचीनी थाना क्षेत्र के मोहल्ला थाना लाइन का निवासी है. पुलिस ने उसके पास से उसका असली और एक फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया है.

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बीती रात एक गुप्त सूचना के आधार पर आरोपित को पकड़. पूछताछ में उसने माना कि वह छह साल से मंदिर में पुजारी बनकर रह रहा था. ग्रामीणों का कहना है कि छह साल पहले एक व्यक्ति सतपाल  उसे शाकुंभरी क्षेत्र से लेकर आया था. उसने खुद को “कमलनाथ” और सहारनपुर के लक्ष्मी नारायण मंदिर का निवासी बताकर ग्रामीणों का विश्वास जीता.

ग्रामीणों के अनुसार, आरोपित न केवल मंदिर में रहता था, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को झाड़-फूंक को भी अपने पास बुलाता था. उसने ग्रामीणों से दान भी लिया और उसी पैसे से मंदिर के निकट निर्माण शुरु करा दिया. मामले के सामने आने से ग्रामीणों ने लोकल LIU टीम और इंटेलिजेंस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.         इमामामुद्दी का शुरु किया नवनिर्माण 

बताया सहारनपुर का,निकला बंगाल का
उनका कहना है कि अगर एजेंसियां समय पर सतर्क रहतीं, तो यह व्यक्ति इतने लंबे समय पुजारी बनकर नहीं रह पाता. पुलिस फिलहाल आरोपित को पकड़ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. हालांकि, इसके मुस्लिम होने से अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बच रहे हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित के नेटवर्क और उसके गांव में आने के पूरे मकसद का पता लगाने को जांच जारी है.

इमामुद्दीन बना बालकनाथ: 15 साल पहले पश्चिम बंगाल से आया था अंसारी, आखिर कैसे बन गया शनि मंदिर का पुजारी

पश्चिम बंगाल का इमामुद्दीन अंसारी को गिरफ्तार किया है। वह पहचान बदलकर गांव मंटी हसनपुर में शनि मंदिर में रह रहा था। उसके पास से तीन आधार कार्ड मिले हैं।

Imamuddin Ansari: Came from West Bengal 15 years ago, and became Baba Balaknath, used to conduct worship
कोर्ट में पेशी पर लाया गया इमामुद्दीन अंसारी उर्फ बाबा बालकनाथ।

थानाभवन थानाक्षेत्र के गांव मंटी हसनपुर में शनि मंदिर में नाम बदलकर रह रहे पश्चिम बंगाल निवासी इमामुद्दीन अंसारी (55 वर्ष) को पकड़ा है। वह छह साल से मंदिर में बाबा बंगाली उर्फ बालकनाथ नाम से रह रहा था। उससे तीन आधार कार्ड व पैनकार्ड मिले हैं। पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध मुकदमा लिख न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
थानाभवन पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव मंटी हसनपुर में शनि मंदिर में रहने वाला बाबा बंगाली नाथ पश्चिमी बंगाल का मुस्लिम व्यक्ति है। पुलिस ने रात में मंदिर से उसे पकड़ लिया। पुलिस ने उससे पूछताछ करते हुए मामले की जांच पड़ताल की।

पुलिस अधीक्षक रामसेवक गौतम ने बताया कि आरोपित से तीन आधार कार्ड और एक पैन कार्ड मिले। एक आधार कार्ड पर बंगाली नाथ केयरऑफ कमलनाथ निवासी शाकंभरी रोड पानी की टंकी लक्ष्मी नारायण मंदिर सहारनपुर अंकित है। अन्य दो आधार कार्ड और पैन कार्ड पर इमामुद्दीन अंसारी निवासी कस्बा व थाना काल चीनी जिला अलीपुरद्वार पश्चिमी बंगाल लिखा मिला।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध कूटरचित रचित दस्तावेज बनाने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने की धारा में मुकदमा लिखा है। उसे कैराना न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फिलहाल आरोपित की अन्य कोई संदिग्ध गतिविधियां नहीं पता चली। प्रकरण की गहन जांच हो रही है। जांच में जो भी तथ्य मिलेंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी। मामला सामने आने पर जांच एजेंसियां भी जांच पड़ताल में जुटी है।

15 साल पहले पश्चिम बंगाल से आया था इमामुद्दीन
पुलिस पूछताछ में इमामुद्दीन ने बताया कि वह 15 साल पहले काम के लिए आया था। वह सहारनपुर व आसपास के जनपदों में रहा। सहारनपुर में किसी बाबा कमलनाथ के संपर्क में आया था। वहां वह अपना नाम व पहचान बदलकर रहा। सहारनपुर के किसी व्यक्ति को गांव मंटी हसनपुर का एक व्यक्ति पहले से जानता था। उसके कहने पर ग्रामीण उसे गांव लेकर आया था। उसने हिंदू समझकर उसे शनि मंदिर में रहने को जगह दी। वह मंदिर में रहकर हिंदू धर्मानुसार पूजा पाठ करता था।

किसी को संदेह नहीं हुआ कि वह मुस्लिम है। आस-पड़ोस की महिलाएं व लोगों का कहना है कि उन्हें इसकी पहले से कोई जानकारी नहीं थी। आरोपित ने ग्रामीणों में विश्वास जमा लिया था। इसके चलते उसने मंदिर के बराबर में खाली पड़ी जमीन पर नया मंदिर बनवाना शुरु करा दिया था। मंदिर निर्माण को वह ग्रामीणों से चंदा इकट्ठा करता था। गांव में उसकी पहचान बंगाली बाबा नाम से थी।
उसकी असलियत सामने आने पर ग्रामीण हैरान है। ग्राम प्रधान जगमेर सिंह का कहना है कि उन्हें इस बात की पहले से कोई जानकारी नहीं है। आरोपित ने नाम बदलकर ग्रामीणों को धोखा दिया, बहुत गलत किया। ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

पश्चिम बंगाल को टीम हुई रवाना
इमामुद्दीन अंसारी के आधार कार्ड पर लिखे पते का सत्यापन कर उसके बारे में जानकारी जुटाने को पुलिस टीम पश्चिम बंगाल रवाना की गई है। पुलिस टीम वहां  आरोपित के बारे में गहनता से छानबीन करेगी ताकि उसकी असलियत सामने आ सके। पुलिस यह जांच करेगी कि वहां पर उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला तो नहीं है। उसने आधार कार्ड में अपना नाम कहां पर और कैसे बदलवाया। आधार कार्ड में नाम बदलवाने में कौन लोग शामिल रहे। पुलिस को अभी उसके पास किसी बैंक में खाता होने की जानकारी नहीं मिली है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आयेगा कि उसने कहीं पर मतांतरण  भी तो नही कराया है.

 

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