एक्सप्रेसवे पर एक ‘चूक’ और 9 वर्षीय अबोध सहित 4 मौतें ! यें गलतियाँ हैं घातक

एक ‘चूक’ और 9 वर्षीय अबोध सहित 4 मौतेः! एक्सप्रेस-वे पर भूलकर न करें ये गलतियां
इस हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि, टक्कर इतनी तेज थी कि, 40 वर्षीय प्रवीन, उनकी 37 वर्षीय पत्नी प्रीति, बुजुर्ग मां सुदेश और 9 साल के मासूम शिवांश की मौके पर ही मौत हो गई थी. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुआ ये हादसा उन लोगों के लिए कड़ी चेतावनी है, जो रिवर्स ड्राइविंग करते हैं.

दुर्घटना सहारनपुर जिले के रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के गांव हलगोया कट के पास हुआ.

अश्विन सत्यदेव
नई दिल्ली,29 जून 2026,एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाते समय की गई एक छोटी-सी गलती भी पलभर में जिंदगी बदल सकती है. हाल ही में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुआ एक कष्टदायी सड़क दुर्घटना इसी बात की बड़ी चेतावनी है. ड्राइविंग में एक छोटी सी चूक के चलते इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की कष्टदायी मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर घायल हो गए.यह दुर्घटना फिर याद दिलाती है कि एक्सप्रेसवे पर ड्राइविंग करते कितना सचेत रहने की जरूरत है.आपकी एक छोटी सी गलती खतरनाक और जानलेवा सिद्ध हो सकती है.

कैसे हुई दुर्घटना?
यह दुर्घटना सहारनपुर के रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के गांव हलगोया कट के पास हुआ. हरियाणा के बहादुरगढ़ से एक परिवार हरिद्वार गंगा स्नान और दर्शन को जा रहा था. बताया जा रहा है कि उनकी कार एक्सप्रेसवे पर रिवर्स हो रही थी.इसी बीच पीछे से तेज गति में आती महिंद्रा स्कॉर्पियो कार से टकरा गई.
दुर्घटना में चार लोगों की कष्टदायी मौत हो गई. टक्कर इतनी तेज थी कि 40 वर्षीय प्रवीन,उनकी 37 वर्षीय पत्नी प्रीति,वृद्धा मां सुदेश और 9 वर्षीय अबोध शिवांश की वहीं मौत हो गई. जबकि 3 अन्य लोग गंभीर घायल हो गए.घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया,उनका इलाज चल रहा है.

टक्कर का अनुमान इसी बात से लग सकता हैं कि पीछे से टक्कर मारती स्कॉर्पियो कई चक्कर काटती आखिर में सड़क पर पलट गई.दुर्घटना बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. आते-जाते लोगों ने तुरंत अपनी गाड़ियां रोक घायल गाड़ी से बाहर निकाले. पुलिस को सूचना देकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया.
दुर्घटना का सीसीटीवी फुटेज है. सीसीटीवी कैमरे में कुछ तकनीकी गड़बड़ी से समय और तारीख गलत दिख रही है.वीडियो में देख सकते हैं कि सफेद रंग की कार पहले एक्सप्रेसवे पर अपनी दिशा में जा रही है और थोड़ी दूर आगे चलकर कार कुछ सेकंड रूकती है और फिर पीछे की तरफ आना शुरू करती है. यानी कार चालक रिवर्स ड्राइविंग करते हुए पीछे की तरफ आता है.तभी उसी लेन में आती तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सीधे कार से जा भिड़ती है.

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ये दुर्घटना उन सभी के लिए चेतावनी हैं,जो एक्सप्रेसवे या हाईवे पर ड्राइविंग करते समय एक एक्जिट छूट जाने पर रिवर्स ड्राइविंग करते हैं. इसमें कोई दो राय नहीं है कि, इस दुर्घटना में रिवर्स ड्राइविंग एक बड़ी गलती है.लेकिन पीछे से आती तेज रफ्तार एसयूवी की स्पीड भी इसका एक कारण बनती दिखती है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि SUV चालक कितना सचेत था.लेकिन कुछ जानकारों का मानना है कि ऐसे में समय रहते एसयूवी चालक अपनी लेन बदलता या स्पीड घटाते हुए SUV मोड़ता तो काफी हद तक दुर्घटना से बचा जा सकता था.

लेकिन ऐसा देखा जाता है कि एक्सप्रेसवे पर वाहन 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक गति से चलते हैं.ऐसे में कोई वाहन अचानक रिवर्स होने लगे या गलत दिशा में आने लगे,तो पीछे से आ रहे वाहन चालक के पास प्रतिक्रिया को बहुत कम समय बचता है. इतना ही नहीं,कई बार चालक को यह पता भी नहीं चलता है कि कार आगे बढ़ रही है या पीछे की तरफ आ रही है.तभी ऐसी दुर्घटना अक्सर बेहद गंभीर सिद्ध होती हैं.
एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षित ड्राइविंग को नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है.
गलत एग्जिट छूट जाए तो क्या करें?
अगर एक्सप्रेसवे पर आपका एग्जिट छूट जाए तो घबराने या जल्दबाजी की जरूरत नहीं है. कभी भी गाड़ी उल्टी ना चलायें और न ही यू-टर्न लेने की कोशिश करें.सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि अगले एग्जिट तक जाएं और वहां से सुरक्षित तरीके से वापस अपने रूट पर लौटें. कुछ मिनट बचाने की कोशिश आपकी और दूसरे लोगों की जान खतरे में डाल सकती है.

स्पीड लिमिट जरूरी
एक्सप्रेसवे पर हर लेन को तय गति सीमा होती है. अधिक रफ्तार से वाहन चलाने पर अचानक सामने आने वाली किसी भी गाड़ी,ऑब्जेक्ट या व्यक्ति से बचना मुश्किल होता है.इसलिए हमेशा निर्धारित स्पीड लिमिट में ही वाहन चलाएं और मौसम के अनुसार स्पीड नियंत्रित रखें.

लेन बदलना
अचानक लेन बदलना भी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनता है.आपको लेन बदलनी है, तो पहले रियर व्यू मिरर और साइड मिरर देखें,फिर इंडिकेटर दें और तभी सुरक्षित तरीके से लेन बदलें.इससे पीछे आने वाले वाहन चालक भी सतर्क हो जाते हैं।आपको भी पर्याप्त समय और स्पेस मिलता है,ताकि आप अपने वाहन को सुरक्षित दूसरे लेन में ले जा सकें.

दूरी है जरूरी
एक्सप्रेसवे पर हमेशा आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें.सामने वाला वाहन अचानक ब्रेक लगाये, तो सुरक्षित दूरी होने पर आपके पास वाहन रोकने को पर्याप्त समय रहेगा और टक्कर की संभावना काफी कम हो जाएगी.कभी भी किसी तेज रफ्तार वाहन देख उसके पीछे न जाए और न ही टेलगेटिंग करें.यह बेहद खतरनाक स्थिति होती है.

मोबाइल और स्क्रीन से दूरी
वाहन चलाते मोबाइल फोन पर बात करना, मैसेज पढ़ना या स्क्रीन देखना आपका ध्यान भटका सकता है.इसके अलावा आजकल की कारों में टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम भी ध्यान भटकाव का बड़ा कारण बन रहे हैं.यदि स्क्रीन देखने की जरूरत है तो कार में को-ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति को स्क्रीन देखने या ऑपरेट करने को कहें.पीछे बैठे व्यक्ति को अकारण आगे की स्क्रीन से छेड़छाड़ न करने दें. इससे भी चालक का ध्यान भटकता है.

आपात स्थिति में क्या करें?
यदि वाहन में तकनीकी खराबी आ जाए या किसी कारण रुकना जरूरी हो,तो गाड़ी को केवल इमरजेंसी लेन में सुरक्षित खड़ा करें. हैजार्ड लाइट चालू करें और जरूरत पड़ने पर रिफ्लेक्टिव वार्निंग ट्रायंगल का इस्तेमाल करें,ताकि पीछे से आने वाले वाहन समय रहते सतर्क हो सकें.कभी भी यूं ही सड़क बीच या किनारे गाड़ी खड़ी न करें.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुई यह दुर्घटना सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं,बल्कि हर वाहन चालक को एक गंभीर चेतावनी है.एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक नियमों का पालन करना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं,बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी की सुरक्षा को भी बेहद जरूरी है.कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी कभी-कभी पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है.

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