मत: हिंदू चंगाई सभा और मजारों पर जाना बंद करता है तो चमत्कार अच्छे हैं!!!
*”अखिल विश्व अखण्ड सनातन सेवा फाउंडेशन”* (पंजीकृत) *द्वारा संचालित*
*अखण्ड सनातन समिति🚩🇮🇳*
*क्रमांक~ ११*
*किसी भी युद्ध में सेना दो एंगल से युद्ध लड़ती है।*
एक एंगल हमला का होता है और दूसरा बचाव का होता है।
*इसमें हम ये नहीं कह सकते हैं कि युद्ध जीतने के लिए सेना की बचाव वाली टुकड़ी ज्यादा महत्वपूर्ण है या हमलावर टीम।*
क्योंकि, दोनों ही टुकड़ी काफी महत्वपूर्ण होती है।
*और, युद्ध का यही नियम हमारे समाज और धर्म के मामले में भी चलता है..!*
*धर्म रक्षा के भी दो एंगल होते हैं।*
एक तरफ तो आप दुश्मनों पर हमलावर रहो और दूसरी तरफ दुश्मन द्वारा किये जा रहे हमले से अपने को बचाकर रखो।
*इसीलिए, सवाल ये नहीं है कि भूत भगाना या चमत्कार दिखाना लॉजिकल है या नहीं ?*

सवाल ये भी नहीं है कि भूत होते हैं या पकड़ते हैं या नहीं।
लेकिन, अगर लोगों को लगता है कि *भूत होते हैं* और वे हमको पकड़ते भी हैं तो, *फिर जब भूत पकड़ेंगे तो उसे भगाने वाले भी होने ही चाहिए।*
क्योंकि, अगर एक बार इस समस्या को *एक मनोवैज्ञानिक समस्या* भी मान लें तो फिर उसका *मनोवैज्ञानिक ढंग से इलाज करने में आखिर बुराई क्या है ???*
*कारण सीधा सा है कि अगर आप भूत नहीं भगाओगे तो फिर भूत भगवाने के लिए लोग दूसरे धर्म वाले के पास जाने लगेंगे।*
आखिर, जगह जगह मजार पूजा का कॉन्सेप्ट भी तो यही है कि हम हिन्दुओं में कब्र की पूजा निषेध है तो जिसमें हैं चलो उसी को पूज आते हैं।
*इसीलिए, व्यक्तिगत रूप में मुझे ऐसे चमत्कारों से कोई एलर्जी नहीं है।*
मैं ऐसे चमत्कारों को मानता हूँ अथवा नहीं मानता हूँ ये एक अलग विषय है।
*लेकिन, अगर कोई ऐसा करता है और इससे हमारा समुदाय दूसरे खेमे में जाने से रुकता है तो फिर ऐसे चमत्कार अच्छे हैं…*
क्योंकि, ये भी एक तरह से दुश्मनों को प्रतिऊत्तर देना ही हुआ जो वे चंगाई सभा में ठीक करने का नाटक करते हैं।
*इसीलिए, एक हिदू होने के नाते मैं धीरेन्द्र शास्त्री जी का समर्थन करता हूँ।*
जो, हिन्दू सनातन धर्म को एक बड़े शॉपिंग मॉल की तरह प्रजेंट कर रहे हैं जहाँ आध्यात्म और दर्शन के साथ साथ चमत्कार भी मौजूद है।
*ये बहुत कुछ ऐसा है कि भाई, तुम्हें जो भी चाहिए सब हमारे सनातन धर्म में मौजूद है (चाहे भूत भगाना हो या फिर चमत्कार हो) इसीलिए, किसी भी हिदू को किसी भी काम के लिए दुसरो के पास जाने की जरूरत नहीं है।*
शायद इसीलिए ये इस तरह बौखलाये हुए हैं कि अगर इधर से भी ऐसा होने लगा तो फिर उनकी पूछ ही समाप्त हो जानी हो जानी है।
*क्योंकि, ये तो आजतक यही करते आये हैं कि किसी का भूत भगा कर तो किसी की बीमारी ठीक करने का ड्रामा करके भोले भाले लोगों को समझा देते थे कि देखो, हमारे देवता में इतनी शक्ति है कि इन्होंने तुम्हारी समस्या सॉल्व कर दी इसीलिए, अब इनके शरण में आ जाओ ताकि तुम्हें भविष्य में कोई समस्या नहीं हो।*
लेकिन, इधर से भी उसी भाषा में प्रतिऊत्तर दिए जाने से उनमें घबड़ाहट फैल गई क्योंकि अगर घर में ही सारी सुविधा उपलब्ध हो गई तो फिर उनकी दुकान बंद हो जानी है।
*इसीलिए, ये सब ड्रामा रचा गया है।*
बात बिल्कुल सीधी सी है कि चमत्कार या भूत-प्रेत की वैज्ञानिकता से ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि लोग मानते क्या हैं ??
*अगर लोग ऐसा मानते हैं तो फिर उस समस्या का समाधान भी जरूरी है।*
और, जो भी हमारे समाज को ऐसा समाधान देकर हमारे समुदाय को दुश्मनों के खेमे में जाने से रोकता है मेरी नजर में वो हिन्दू धर्म रक्षक है…
*अतः एक हिन्दू होने के नाते मैं अपने धर्म रक्षक अर्थात आचार्य धीरेंद्र शास्त्री जी का पूर्ण समर्थन करता हूँ।*
*जय महाकाल…!!!*
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