UNI मुख्यालय खाली कराने में पत्रकारों से पुलिस दुर्व्यवहार निंदनीय:अमजा
देहरादून 21 मार्च 2026। लीज निरस्तीकरण को लेकर हाईकोर्ट में चल रहे वाद के बहाने देश की सबसे पुरानी बहुभाषीय समाचार ऐजेंसी यूएनआई के दिल्ली मुख्यालय में कार्यरत पत्रकारों से क्षोभजनक हिंसक दुर्व्यवहार की ऑल मीडिया जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (अमजा) उत्तराखंड ने घोर निंदा की है।
अमजा उत्तराखंड के अध्यक्ष बृजेंद्र हर्ष तथा महामंत्री रवींद्रनाथ कौशिक ने इस प्रकरण को पत्रकारों के अपमान और स्वतंत्र पत्रकारिता पर प्रहार बताते हुए कहा है कि यूएनआई के अभावग्रस्त पत्रकार पहले ही उत्पीड़न और शोषण के शिकार हैं जिसके विरुद्ध वे अपनी लडाई लडाई रहे थे. लेकिन कल हाईकोर्ट के आदेश के बहाने संपत्ति खाली कराने को पुलिस और प्रशासन ने जिस प्रकार समाचार प्रेषण के संवेदनशील और तनावपूर्ण समय में पत्रकारों को वरिष्ठ प्रबंधन सै संपर्क का अवसर दिये और अदालती नोटिस दिखाये बिना जैसे शत्रुवत व्यवहार किया,वह इस सरकार में अभूतपूर्व है. उन्होने मांग की कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की समयबद्ध निष्पक्ष जांच हो और इस व्यवहार के लिए उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाये । अमजा इसे लेकर यूएनआई पत्रकार और कर्मचारी संघ का हर स्तर पर सहयोग करेगा.
अमजा ने कहा है कि सरकार को स्वहित और आत्मछवि के लिए भी इस घटना को गंभीरतापूर्वक लेना चाहिए क्योंकि इससे सरकार की छवि भी मलिन होगी. संपत्ति विवाद में पत्रकारों से दुर्व्यवहार की कोई संगति नही है,न वे इस विवाद में कोई पक्ष ही हैं जिससे वाद जीतने- हारने पर उनके विरुद्ध सरकार के अंग इस प्रकार शारीरिक हिंसा करें . इससे पूरे देश के पत्रकार आहत हुए हैं. ऐसोसियेशन ने महिला पत्रकारों तक से दुर्व्यवहार तथा हाथापाई की सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए पत्रकार समुदाय से समवेत आंदोलन का आग्रह करते हुए अपने पूर्ण समर्थन और सहयोग का वादा किया है.
याद रहे , यूएनआई की स्थापना 19 दिसंबर 1959 को एक अंग्रेजी समाचार एजेंसी के रूप में की गई थी। इसका व्यावसायिक संचालन 21 मार्च 1961 से शुरू किया गया था और शीघ्र ही इसने समाचार जगत में शीर्षस्थ स्थान पा लिया था.

