TCS कार्पोरेट जिहाद: धरी गई निदा,आईडी से नही मिलती शक्ल
TCS कनवर्जन केस में निदा खान बंदी, पहली तस्वीर, पूछताछ में खुलेंगे रहस्य
TCS Conversion Case: निदा खान और अन्य पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता को कन्वर्जन को मजबूर किया. उसे बुरखा देकर ‘मुहम्मद पैगंबर का पवित्र जीवन” पुस्तक पढ़ाई .
नासिक 08 मई 2026। TCS कॉर्पोरेट जिहाद की मुख्य आरोपित निदा खान गत रात्रि पुलिस ने पकड ली . उसे नासिक अदालत लाया गया. निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने ठुकरा दी थी. निदा खान संभाजी नगर से पकड़ी गयी है।
निदा खान महीनेभर से भागी हुई थीं. अब नासिक क्राइम ब्रांच के हाथ लगी है. निदा खान के साथी दानिश शेख, शाहरुख कुरेशी , रजा मेमन और अख्तर पहले ही जेल में हैं. अब निदा खान के रहस्य उगलने से कई और लोग भी नंगे हो सकते हैं.
कैसे हुई गिरफ्तारी?
निदा खान छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव स्थित कौसर कॉलोनी में किराए के फ्लैट में थी. जेल से बचने वह पिछले 3-4 दिन से माता-पिता, भाई और मौसी के साथ वहां थी. उसके साथ कुल 5 और लोग थे.
निदा खान संभाजीनगर के वकीलों के साथ हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका की तैयारी में थी. नासिक पुलिस को तकनीकी विश्लेषण से उसका ठिकाना मिला. पुलिस ने 20 से अधिक जवानों की टीम लगाई, जो सादे कपड़ों में पिछले 3-4 दिन से क्षेत्र की रेकी कर रहे थे.
पूरी कार्रवाई में पुलिस ने खाकी वर्दी या पुलिस वाहन नहीं लगाये। निदा को भनक लगती तो वह फिर भाग जाती. महीनेभर निदा ने बचने को नासिक, ठाणे, भिवंडी, मुंब्रा और छत्रपति संभाजीनगर में शरण ली थी. गुरुवार (7 मई 2026) देर रात उसे सूतगिरणी चौक न्यायाधीश निवास लाया गया. नासिक पुलिस ने उनसे ट्रांजिट रिमांड ली.
निदा खान पर कन्वर्जन आरोप 
निदा खान और अन्य आरोपितों पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता को कन्वर्जन को मजबूर किया। पीड़िता के मोबाइल में इस्लामिक एप्लिकेशन इंस्टॉल किए, मजहबी शिक्षा को लगातार इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब लिंक और वीडियो भेजे . इन वीडियो के स्रोत की जांच होनी है.
आरोप है कि निदा पीड़िता को घर ले जाकर नमाज पढ़ना,हिजाब और बुरखा पहनने का तरीका सिखाती थी. मुख्य आरोपित दानिश शेख ने पीड़िता के शैक्षणिक और महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जा लिए थे. वे ‘मालेगांव पार्टी’ से पीड़िता का नाम हनिया करने की प्रक्रिया में थे.
नौकरी के बहाने मलेशिया भेजने का था प्लान
जांच में आया कि आरोपित दानिश और तौसिफ, पीड़िता को नौकरी के बहाने मलेशिया में ‘इमरान’ के पास भेजने की तैयारी में थे. इस अंतरराष्ट्रीय लिंक की गहरी जांच होगी.
महाराष्ट्र के नासिक जिले में IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) पर जबरन धर्मांतरण,यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप पुलिस लगातार जांच रही है. कार्रवाई नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने की. 25 मार्च से भागी निदा खान की तलाश नासिक पुलिस की दो टीमें कर रही थीं. आखिरकार छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव कैसर कॉलोनी के फ्लैट से पकड़ी गई.
SIT ने कोर्ट में अब तक की जांच रिपोर्ट पेश कर निदा की जमानत का कड़ा विरोध किया. इससे भी पहले, 20 अप्रैल को कोर्ट ने निदा को अंतरिम सुरक्षा से भी मना कर दिया था.
तीन दिन तक पुलिस की हिरासत में निदा खान, AIMIM पार्षद पर शरण का आरोप
टीसीएस नासिक कांड में बुर्का पहनाने से लेकर विदेश भेजने के षड्यंत्र ने कॉरपोरेट जगत और राजनीति में हड़कंप मचा दिया। पुलिस के अनुसार
स्थानीय एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल ने निदा खान अपने घर में छुपा रखा था।
कोर्ट ने 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा
निदा खान को नासिक रोड सेशन कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को सुन उसे 11 मई तक पुलिस अभिरक्षा में भेजा है। इससे पहले निदा ने अपनी तीन महीने की गर्भावस्था का हवाला दे अग्रिम जमानत मांगी थी। हालांकि, दो मई को अदालत ने उसकी अर्जी यह कह निरस्त कर दी थी कि यहां पीड़ितों के व्यवस्थित ब्रेनवॉशिंग की योजना दिख रही है।
बुर्का, नमाज और मलेशिया भेजने का षड़यंत्र
सरकारी वकील एएस मिसार ने अदालत में चौंकाने वाले दावे किए कि पीड़िता को जबरन बुर्का पहनाया गया और नमाज पढ़ने की ट्रेनिंग दी गई।
मुख्यमंत्री फडणवीस का कठोर रुख
मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का रुख कठोर है। उन्होंने कहा कि एमआईएम पार्षद की भूमिका स्पष्ट है और सरकार इस धर्मांतरण रैकेट की तह तक जाएगी। वहीं, नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम अब तक इस मामले में कुल आठ जने पकड़ चुकी है। निदा पर एससी-एसटी एक्ट में भी मुकदमा है।
निदा खान से पहले पांच आरोपित कस्टडी में हैं. अब तक इसमें 9 मुकदमें हुये हैं. एक मामला देवलाली कैंप पुलिस थाना और बाकी मुंबई नाका में हुए. टीसीएस मामले के मुख्य आरोपित सैफी शेख और रजा मेमन हैं.
TCS केस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी कठोर
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामला ‘बेहद गंभीर’ बता जानकारी दी कि सरकार मामला जांच रही है. उन्होने कहा कि राज्य एजेंसियां इन्वेस्टिगेशन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही हैं ताकि इस गंभीर मामले की तह तक जा सके और पता लग सके कि टेक हब में यौन शोषण और लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत कौन कर रहा है.
पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या निदा खान को इस अपराध को कोई बाहरी वित्तीय मदद मिली. फरारी में निदा को किस-किस ने शरण दी और कंपनी से ट्रांसफर होने पर भी वह अन्य आरोपितों से कैसे संपर्क में थी.
अमृता फडणवीस ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने आरोपित को ‘मानव रूप में राक्षस’ बता कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे अपराधियों को कभी भी आसानी से बाहर आने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने समाज और परिवारों को सतर्क रहने की सलाह दी क्योंकि अक्सर परिचित भरोसेमंद लोग ही ऐसे घिनौने कृत्य करते हैं। उन्होने स्कूलों में ‘गुड टच और बैड टच’ की जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
संजय शिरसाट का बड़ा आरोप
महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने इसमें गहरा षड्यंत्र बता कहा कि निदा खान को उनके निर्वाचन क्षेत्र संभाजीनगर में 43 दिन छिपा रखा गया था जिसमें एआईएमआईएम कॉर्पोरेटर ने मदद की और
पूर्व सांसद इम्तियाज जलील इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं जिसने उसे तब समर्थन दिया जब वह फरार थी। पकड़ा गया आरोपित मोहरा भर है और इसके पीछे बड़े चेहरे हैं, जो जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर अपराधों के रैकेट का हिस्सा हैं।

