धरे गये चंपावत के षडयंत्रकारी ! गैंगरेप के आरोप से बदनाम करने का षड़यंत्र,पोलपट्टी खोली चंपावत पुलिस ने!
#चंपावत के #षडयंत्रकारी_गिरफ्तार ! गैंगरेप का आरोप लगाकर बदनाम करने के षड़यंत्र की पोलपट्टी खोली चंपावत पुलिस ने!
#पीरूमदारा चौकी में पूर्व मे इंचार्ज रहे सब इंस्पेक्टर #राजेश_जोशी को मामले का विवेचक बनाया गया है !
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#कोतवाली_चंपावत_दुष्कर्म_प्रकरण_का_ अनावरण
मुख्य षड़यंत्रकर्ता व महिला मित्र गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल
चंपावत 08 मई 2026। 06 मई 2026 को वादी ने एक लिखित शिकायत प्रस्तुत कर बताया कि 05 मई 2026 की रात्रि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ तीन व्यक्तियों ने दुष्कर्म किया है। प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर कोतवाली चम्पावत में तत्काल पोक्सो एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया ।
प्रकरण की गंभीरता एवं संवेदनशीलता देखते हुए श्रीमती रेखा यादव, पुलिस अधीक्षक चम्पावत ने तत्काल क्षेत्राधिकारी चम्पावत के पर्यवेक्षण में 10 सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन कर निष्पक्ष एवं गहन विवेचना के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने स्वयं पीड़िता से वार्ता कर घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य सुरक्षित किये गये तथा आरएफएसएल उधम सिंह नगर की फील्ड यूनिट ने वैज्ञानिक परीक्षण किया।
पीड़िता का तत्काल मेडिकल परीक्षण, सीडब्ल्यूसी के समक्ष काउंसिलिंग तथा न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए। साथ ही पीड़िता की सुरक्षा एवं देखरेख हेतु जिलाधिकारी के माध्यम से मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
कमल रावत, पीड़िता एवं उसकी महिला मित्र के बीच घटना तिथि पर लगातार संपर्क एवं वार्तालाप पाया गया, जो प्रकरण में महत्वपूर्ण संकेतक सिद्ध हुआ।
न्यायालय के समक्ष पीड़िता ने अपने साथ किसी प्रकार की घटना से इंकार करते हुए पूरे घटनाक्रम को मनगढ़ंत एवं षड़यंत्र में रचित बताया ।
विवेचना में नामजद व्यक्तियों 1- विनोद सिंह रावत, 2- नवीन सिंह रावत एवं 3- पूरन सिंह रावत की घटनास्थल पर उपस्थिति नहीं मिली तथा तकनीकी एवं गवाहों के साक्ष्यों से यह तथ्य पुष्ट हुआ।
जांच में यह पुष्टि हुई कि कमल सिंह रावत ने अपनी महिला मित्र अर्जिता राय के साथ मिलकर बदले की कार्रवाई सुनियोजित षड़यंत्र रचा गया था।
उक्त प्रकरण में दिनांक 06.05.2026 को वादी राम सिंह रावत (निवासी ग्राम सल्ली द्वारा कोतवाली चम्पावत में अभियुक्त कमल सिंह रावत, अर्जिता राय एवं एक अन्य साथी आनंद सिंह महरा के विरुद्ध) FIR संख्या 15/2026 धारा 127(2), 217(B), 331(4), 351(2), 61(2) बीएनएस एवं धारा 16/17/22/23 पोक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया।
विवेचना उपनिरीक्षक राजेश जोशी को सौंपी गई। पुलिस टीम ने 08 मई 2026 को अभियुक्त कमल सिंह रावत एवं अर्जिता राय को पकड़ा। दोनों अभियुक्तों को घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया गया तथा न्यायालय ले जा कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा।
गिरफ्तार अभियुक्त-
1- कमल सिंह रावत (पुत्र बच्ची सिंह रावत, निवासी ग्राम सल्ली, पोस्ट ऑफिस धौन, थाना/जिला चम्पावत)
2- अर्जिता राय (पुत्री ललित मोहन राय, निवासी कनलगाँव, थाना/जिला चम्पावत)
*आपराधिक इतिहास-अभियुक्त कमल सिंह रावत*
1- FIR NO- 15/2026 धारा-61(2), 127(2) 217(2), 331(4), 351(2) बीएनएस व 16/17/22/23 पोक्सो अधिनियम
2-FIR NO-57/17 धारा 323/504/506/427 भारतीय दंड विधान
3- FIR NO -58/17 धारा 323/504/506/427 भारतीय दंड विधान
4- FIR NO- 76/2023 धारा 354/363/376/506 भारतीय दंड विधान
5- FIR NO -37/2024 धारा 66 (C) आईटी एक्ट
*चम्पावत पुलिस की अपील*
जनपद पुलिस महिला एवं बाल अपराधों के प्रति Zero Tolerance नीति पर कार्य कर रही है। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, झूठे आरोप अथवा कानून के दुरुपयोग को गंभीरता से लेते हुए कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी।
आमजन एवं मीडिया बंधुओं से अनुरोध है कि प्रकरण की संवेदनशीलता ध्यान में रख केवल सत्यापित तथ्यों का ही प्रकाशन एवं प्रसारण करें।
पोक्सो एक्ट में पीड़ित/नाबालिग की पहचान अथवा संबंधित जानकारी साझा करना दंडनीय अपराध है।

