समय पर प्रमाण मांगते पीठ दिखा गयी वीआईपी का राग अलापने वाली कांग्रेस:भट्ट, कांग्रेस ने मांगी नई जांच

समय पर प्रमाण मांगते पीठ दिखा गयी वीआईपी का राग अलापने वाली कांग्रेस: भट्ट

कड़ी जांच और पैरवी से ही आजीवन कारावास तक पहुंचे हत्यारोपित

अपुष्ट एवं छेड़छाड़ के आरोप वाले वायरल वीडियो पर कांग्रेस कर रही है लज्जाजनक राजनीति!

देहरादून 23 दिसंबर 2025 । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि अंकिता हत्याकांड में वीआईपी का राग अलापने वाली कांग्रेस समय पर प्रमाण मांगने पर पीठ दिखा गयी। उन्होंने कहा कि मामले में अगर, कांग्रेस गंभीर होती तो अदालत में साक्ष्यों के साथ बयान दे सकती थी। तब पुलिस महानिदेशक ने सार्वजनिक अपील की थी कि यदि किसी को वीआईपी के बारे में जानकारी है तो आए और बताये। तब किसी ने नहीं बताया और न आज बता रहे हैं। अंकिता प्रकरण पर अनावश्यक षड्यंत्र कर कांग्रेस उस बिटिया की आत्मा को अपमानित कर रही है ।
वहीं अपुष्ट वायरल वीडियो को छेड़छाड़ वाला बताते हुए उसके खिलाफ शिकायत लिखाई गई है, ऐसे में उसे राजनैतिक हथियार बनाने का प्रयास कांग्रेस कर रही है। जबकि जिस महिला का ऑडियो वायरल किया है उसके पिछले कृत्य और राजनैतिक षडयंत्र किसी से छिपा नहीं है।

भट्ट ने कहा कि कड़ी जांच का ही नतीजा है कि आरोपित अभी तक बेल पर बाहर नही आ पाए। अंकिता के परिवारजनों की राय के अनुसार  सरकारी वकील दिए गए और उनकी हर मांग पूरी की गई । कांग्रेस राजनीतिक स्टंटबाजों के चक्कर में जिम्मेदार राजनैतिक दल की भूमिका का निर्वहन नही कर रही है। सरकार का प्रयास रहा कि अपराधियों को कठोरतम सजा मिले और ऐसी पैरवी की गई कि अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा हुई। उन्होंने कहा कि वीडियो में जिनके बयान और ऑडियो का जिक्र कांग्रेस के नेता कर रहे हैं वो रोज अपने बयान,अपने झगड़े और फिर समझौता और बयान बदलने को जाने जाते हैं।

भट्ट ने कहा कि कांग्रेस चुनाव से पहले वीआईपी का राग अलाप लगा अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ही यह बताना चाहिए कि वीआईपी कौन है और उसने बयानबाजी के बजाय अदालत को जानकारी क्यों नही दी। अंकिता की असली अपराधी कांग्रेस ही है। जनता ने अंकिता की लड़ाई लड़ने को भाजपा को आशीर्वाद दिया है। कांग्रेस दुष्प्रचार की ढाल को आधार बनाकर आरोप- प्रत्यारोप की राजनीति से बाज आये। उन्होंने कहा कि मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और आरोपितों को 24 घंटे में जेल भेजा। मामले में राजनीति करती रही कांग्रेस पहले भी इस पर मुँह की खा चुकी है और उसे फिर इसके लिए तैयार रहना होगा।
उन्होंने कहा, कि जिस वायरल ऑडियो को राजनैतिक हथियार बनाने की अनैतिकता कांग्रेस कर रही है, उसको लेकर पुलिस में शिकायत  कराई गई है जिसमें ऑडियो बताए जा रहे एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि AI से उसकी आवाज में छेड़छाड़ कर यह ऑडियो तैयारी की गई है। उन्होंने आरोपित के मोबाइल की जांच करने की मांग की है, उस पर कार्रवाई के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। इससे पूर्व ही संबंधित व्यक्ति ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई बात उन्होंने नहीं कही है और राजनैतिक षड्यंत्र में भाजपा की छवि खराब करने को यह सब किया जा रहा है।

श्री भट्ट ने सवाल उठाया कि ऑडियो की बिना पुष्टि के कांग्रेस नेताओं का आरोप लगाना, उनकी अनैतिक राजनीति की पराकाष्ठा का एक और प्रमाण है। उनके नेताओं को अपनी ऐसे गैरजिम्मेदाराना बयान के लिए तत्काल सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।

अंकिता हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष की प्रेसवार्ता, बोले- सुप्रीम कोर्ट के जज की देख-रेख में हो CBI जांच
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल मंगलवार को नई दिल्ली स्थित एआइसीसी कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए।

  • गणेश गोदियाल ने नई दिल्ली में की पत्रकार वार्ता
  • प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दी चेतावनी

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो ने कांग्रेस को भाजपा पर हमला बोलने का मौका दे दिया। वीडियो में भाजपा के एक नेता का नाम आने पर कांग्रेस ने उसे तुरंत लपक लिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने वीडियो प्रेस वार्ता में दिखा  भाजपा की धामी सरकार निशाने पर ले आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में सरकार एक वीवीआइपी को बचाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने इस प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में सीबीआइ जांच कराने की मांग की। साथ में मांग नहीं मानने पर 10-12 दिन में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस पहले दिन से ही मुखर है। इंटरनेट मीडिया में हाल ही में प्रसारित एक वीडियो में भाजपा के एक पूर्व विधायक को लेकर विवादों में रही एक महिला अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक भाजपा नेता का नाम भी लेती दिखाई दे रही है।
यद्यपि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, इसके बावजूद कांग्रेस ने इसे लपकने में देर नहीं लगाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मंगलवार को नई दिल्ली एआइसीसी कार्यालय में इस पर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन साल से सरकार हत्या के सभी साक्ष्य मिटाने में पहले दिन से लगी है।

उन्होंने कहा कि इस मामले का असर केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश में महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे नारों के विपरीत भाजपा जमीनी हकीकत सामने आ रही है।

गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी के लापता होने और बाद में शव मिलने से पहले ही होटल का वह कमरा बुलडोजर से तोड़ दिया गया, जहां वह रहती थी। पूरे मामले में सत्ता के दबाव में कार्रवाई हुई और एसआइटी ने निष्पक्ष जांच के बजाय गवाह डराये ।

गोदियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआइ जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त जज की निगरानी में हो, ताकि सच्चाई सामने आ

Ankita Bhandari Murder Case Viral Video of Vip Name Bjp congress and All Update
Ankita Murder Case: एक वीडियो ने दून से दिल्ली तक मचाई हलचल; VIP को लेकर फिर घमासान, क्या अब खुलेगा पूर्व विधायक की कथित पत्नी के वीडियो में क्या था ?

दरअसल, ये पूरा मामला पूर्व विधायक की कथित पत्नी के सोशल मीडिया पर जारी वीडियो से ही शुरू हुआ। भाजपा निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी ने फेसबुक लाइव आकर  अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी गट्टू का जिक्र किया। उन्होंने वीडियो में बताया कि गट्टू भाजपा का बड़ा नेता है। वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य का भी जिक्र किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि जिस दिन अंकिता की हत्या हुई वो गट्टू वहां क्या कह रहा था ? साथ ही एक ऑडियो का भी जिक्र किया जिसमें कहा कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास पूरी जानकारी है। इसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया।

सुरेश राठौर ने प्रेसवार्ता में क्या कहा ?
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऑडियो को लेकर सियासत और बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने वायरल ऑडियो को पूरी तरह फर्जी और आर्टिफिशियल बताते हुए इसकी फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने ज्वालापुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। कहा कि यदि जांच में उनके खिलाफ कोई भी तथ्य सामने आता है, तो वह सजा भुगतने के लिए तैयार हैं। कहा कि वायरल किया गया ऑडियो छेड़छाड़ कर तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य उनकी राजनीतिक व सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने मांग की कि पुलिस संबंधित मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों को कब्जे में लेकर तकनीकी जांच कराए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।

सुरेश राठौर ने आरोप लगाया कि उर्मिला सनावर उनके नाम का दुरुपयोग कर पूरे प्रदेश में भ्रम फैला रही है। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरती गौड़ को अपनी बेटी बताते हुए कहा कि उनकी पत्नी को पाकिस्तानी बताने जैसे आरोप पूरी तरह झूठे और आधारहीन हैं। कहा कि यदि उर्मिला सनावर शादी का दावा कर रही है तो उसके वैधानिक प्रमाण सार्वजनिक करें। उन्होंने भाजपा को अपनी मां बताते हुए कहा कि पार्टी की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

आरती गौड़ ने क्यों दिया इस्तीफा?
यमकेश्वर की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता त्यागी है।  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को संसंबोधित त्यागपत्र सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया है। गौड़ ने सरकार से अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है। आरती गौड़ ने बताया कि उर्मिला ने उस पर अंकिता हत्याकांड में रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाने और देह व्यापार कराने का गंभीर आरोप लगाया है। मेरे खिलाफ बड़ा षड्यंत्र कर मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया  है। आरती ने कहा कि वह सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग कर चुकी हूं। बावजूद इसके सरकार इस मामले की सीबीआई जांच कराने और आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई में देरी कर रही है।  इससे आहत मैंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी है। जब तक सरकार अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच नहीं करवा देती वह अपने फैसले पर कायम रहेंगी।

यह था हत्याकांड का पूरा मामला
18 सिंतबर, 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंका गया था। घटना के सप्ताह बाद चीला नहर से शव मिला था। एसआईटी जांच के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक व दो अन्य कर्मियों के खिलाफ 500 पेज की चार्जशीट अदालत में दी गई। अभियोजन पक्ष से इस मामले में 97 गवाह बनाए गए थे। जिसमें से अभियोजन पक्ष ने विवेचक समेत 47 गवाह परीक्षित कराए।

मुख्य आरोपित पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम में आरोप तय हुए। दूसरे आरोपित सौरभ भास्कर और तीसरे आरोपित अंकित गुप्ता पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम में आरोपों पर विचारण किया गया। इसके बाद उन्हें आजीवन कारावास की सजा हुई थी।

वहीं, घटना के दिन अंकिता भंडारी ने अपने मित्र पुष्पदीप को रिजॉर्ट में वीआईपी के आने की जानकारी दी थी। उसने पुष्पदीप को बताया था कि पुलकित आर्य उसपर एक बड़े वीआईपी को अतिरिक्त सेवा देने को दबाव डाल रहा है। लेकिन वीआईपी कौन था यह रहस्य कभी नही खुला।

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