ब्लैक कैप लेड़ी ने बताया जाम का सच, प्रशंसा की मंत्री गिरीश महाजन की
मंत्री से भिड़ने वाली ‘ब्लैक कैप’ लेडी का दूसरा वीडियो, बताया उस दिन का सच
भाजपा मंत्री से भिड़ने वाली ‘ब्लैक कैप’ लेडी टीना चौधरी का दूसरा वीडियो, बताया उस दिन सड़क पर क्या हुआ था?
मुंबई 02 मई 2026। महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन से ट्रैफिक जाम को लेकर बीच सड़क पर भिड़ने वाली ‘ब्लैक कैप’ वाली महिला टीना चौधरी का अब एक नया वीडियो बयान सामने आया है. वायरल वीडियो के बाद टीना ने अपना पक्ष रखते हुए बताया है कि 21 अप्रैल को वास्तव में क्या हुआ था. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी रैली या प्रदर्शनकारी पर बोतल नहीं फेंकी थी, बल्कि पुलिस का ध्यान खींचने के लिए उसे जमीन पर पटका था. टीना ने यह भी चौंकाने वाला खुलासा किया कि उस पूरी भीड़ में सिर्फ मंत्री गिरीश महाजन ही इकलौते व्यक्ति थे, जिन्होंने उनकी बात सुनी और जाम खुलवाया.
Teena Choudhry latest Video: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें काली टोपी पहने एक महिला महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन के काफिले और पुलिस से ट्रैफिक जाम को लेकर तीखी बहस करती नजर आ रही थी. अब उस महिला की पहचान हो गई है. उनका नाम टीना चौधरी है. उनका एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने बताया कि वास्तव में उस दिन वहां क्या हुआ था. टीना चौधरी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उस दिन की पूरी कहानी बताई है. उन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया है जो सोशल मीडिया पर चल रही थीं.
आखिर उस दिन क्या हुआ था? अपनी सुरक्षा को लेकर लोगों की जताई गई चिंता के लिए धन्यवाद देते हुए टीना ने कहा, कि ‘मैं बिल्कुल ठीक हूं और आपकी चिंता के लिए आभारी हूं.’ घटना का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को वह अपनी बेटी को शाम 4 बजे म्यूजिक क्लास छोड़ने गई थीं और उन्हें 4:45 बजे उसे वापस लेना था. जब मैंने महिंद्रा ताज से लेफ्ट टर्न लिया, तो हम जाम में फंस गए. मैं 25 मिनट तक अपनी कार में बैठी रही. जब ट्रैफिक बिल्कुल नहीं चला, तो मैं यह देखने बाहर निकली कि आखिर समस्या क्या है.’
पुलिस की लापरवाही और मंत्री का सहयोग
टीना ने पुलिस के रवैये पर निराशा जताते हुए कहा, ‘अगले डेढ़ घंटे तक, मैं वहां मौजूद हर एक पुलिस अधिकारी के पास गई और उनसे अनुरोध किया कि अगर वे दो बसें हटवा दें, तो फंसे हुए लोग यू-टर्न लेकर मेन रोड पर जा सकते हैं. लेकिन मुझे किसी से कोई प्रतिक्रिया या जवाब नहीं मिला.’ वायरल वीडियो में बोतल फेंकने की घटना पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा, ‘मैंने वह बोतल किसी प्रदर्शनकारी या रैली पर नहीं फेंकी थी, बल्कि पुलिस का ध्यान आकर्षित करने को जमीन पर पटकी थी।
गिरीश महाजन की प्रशंसा
टीना ने मंत्री गिरीश महाजन की प्रशंसा करते हुए एक बड़ा स्पष्टीकरण किया. उन्होंने कहा, कि ‘वास्तव में उस रैली में महाजन ही एकमात्र व्यक्ति थे जिन्होंने मेरी बात सुनने की कम से कम कोशिश तो की. उनके निर्देश पर ही उन दो बसों को हटाया गया, और हम सभी यू-टर्न लेकर मुख्य सड़क पर जा सके.’
परिवार सैन्य कनेक्शन
टीना ने बताया कि उनके परिवार के 8 लोग भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं, जिनमें उनके पिता और दादा भी शामिल हैं. उन्होंने कठोर शब्दों में कहा, ‘मैं ‘सेवा’ (Serve) शब्द पर जोर देना चाहूंगी क्योंकि जब आप वर्दी पहनते हैं, तो आप जनसेवा में होते हैं. यह आपको किसी को नज़रअंदाज़ करने, असम्मानजनक होने या डराने-धमकाने का लाइसेंस नहीं देता है.’
राजनीतिक दलों को सीख और जनता को संदेश
टीना ने स्पष्ट किया कि लोग उनके कंधे पर बंदूक रखकर किसी पर निशाना न साधें. उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, कि ‘सभी राजनीतिक दल सामान्य जनता की अनदेखी और उनके प्रति पूर्ण निष्ठाहीनता को समान रूप से दोषी हैं.’ अंत में, जो लोग उन्हें अपनी आवाज़ बनाना चाहते थे, उन्हें जवाब देते हुए टीना ने कहा, कि ‘मुझे आपकी आवाज बनने की क्या जरूरत है? आपके पास अपनी आवाज़ खुद है.’

वायरल ‘ब्लैक कैप’ वाली महिला कौन और लेटेस्ट में क्या बयान दिया है?
महिला का नाम टीना चौधरी है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि 21 अप्रैल को वह जाम में फंसी थीं और उन्होंने पुलिस का ध्यान खींचने के लिए बोतल जमीन पर फेंकी थी, न कि किसी प्रदर्शनकारी पर. उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं.
टीना चौधरी ने महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन के बारे में क्या कहा?
टीना ने बताया कि उस दिन रैली में मंत्री गिरीश महाजन ही एकमात्र व्यक्ति थे जिन्होंने उनकी बात सुनी. उन्हीं के निर्देश पर जाम का कारण बनी दो बसें हटायी गयी, जिससे ट्रैफिक सुचारू हो सका.
टीना चौधरी ने पुलिस और राजनेताओं के रवैये पर क्या प्रतिक्रिया दी?
टीना ने कहा कि पुलिस ने डेढ़ घंटे तक उनकी मदद नहीं की. सेना के बैकग्राउंड का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्दी जनसेवा के लिए होती है, डराने के लिए नहीं. साथ ही उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल आम जनता की अनदेखी करने के मामले में एक समान दोषी हैं.

