अमेरिका से कनाडा क्यों भाग रहे अमेरीकी?

ट्रंप राज में भगदड़! US छोड़ भाग रहे हजारों लोग, इस छोटे देश में ली नागरिकता

अमेरिका में ट्रंप के राज में चारों तरफ अनिश्चितता फैली है, ऐसे में यहां के नागरिक भारी संख्या में देश छोड़-छोड़कर भाग रहे हैं. ये लोग अमेरिका के पड़ोस में मौजूद एक छोटे से देश में नागरिकता लेने के लिए लाइन लगा रहे हैं. जहां पर सिटीजनशिप में छोटा सा बदलाव किया गया है.

वॉशिंगटन 02 मई 2026  : ट्रंप जहां एक तरफ अपने नागरिकों के लिए ‘अमेरिकन ड्रीम’ बचाने के नाम पर प्रवासियों का टॉर्चर कर रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ कई अमेरिकी नागरिक अपना घर छोड़ कर हमेशा को भाग रहे हैं. दुनिया के सबसे पावरफुल देश की इमेज भी उन्हें रोक नहीं पा रही है. ये लोग अमेरिका के ही बगल में एक छोटे से देश की नागरिकता लेने को लाइन लगाए हुए हैं. ये वही देश है, जिसका ट्रंप जमकर मजाक उड़ाते रहे हैं और इसे अमेरिका का 51 राज्य बनाने का सपना देख रहे हैं. यानी कनाडा, इसके पीछे का कारण इस देश में बदले गए नागरिकता के नियम हैं.

कनाडा की नागरिकता लेने को दौड़े अमेरिकी नागरिक

अमेरिका से कनाडा क्यों भाग रहे लोग?
कनाडा ने अपने सिटीजनशिप रूल अमेरिकियों को छोटा सा कानूनी बदलाव किया है. जो उन अमेरिकियों के लिए ‘सिल्वर लाइन’  है जिनकी जड़ें कहीं न कहीं कनाडा से जुड़ी हैं. वास्तव में, कनाडा ने हाल ही में अपने नागरिकता कानून में एक बड़ा और ऐतिहासिक संशोधन किया है. पहले कनाडा में ‘सेकंड जनरेशन कट-ऑफ’ नाम का एक कठोर नियम था. इसमें, अगर कोई कनाडाई नागरिक विदेश में पैदा हुआ है तो वो अपनी नागरिकता अपने उन बच्चों को नहीं दे सकता था जो खुद कनाडा से बाहर पैदा हुए हों. यानी, विदेश में पैदा हुई दूसरी पीढ़ी को कनाडा के दरवाजे बंद थे.

कनाडा में कौन सा नागरिकता नियम बदला?
अब कनाडा सरकार ने यह ‘कट-ऑफ’ नियम समाप्त कर दिया है. नए कानून में, विदेश में पैदा हुए माता-पिता भी अपने बच्चों को कनाडाई नागरिकता दिला सकते हैं, यदि वे ये सिद्ध कर दें कि उनका कनाडा से एक ‘मजबूत संबंध’ रहा है. इसके लिए उन्हें केवल यह दिखाना होगा कि वे अपने जीवनकाल में कम से कम 1,095 दिन कनाडा में रहे हैं.

ट्रंप का डर या भविष्य की प्लानिंग?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक कागजी बदलाव नहीं है,बल्कि इसके पीछे गहरी जियो-पॉलिटिकल वजहें हैं.अमेरिका में बढ़ता पोलराइजेशन,वेस्ट एशिया में जारी तनाव और घरेलू अस्थिरता ने अमेरिकियों को ‘प्लान-बी’ सोचने पर मजबूर कर दिया है.

जब से ट्रंप प्रशासन ने अपनी कठोर नीतियों के संकेत दिए हैं,तब से अमेरिकी प्रोफेशनल्स और छात्र कनाडा की राजनीतिक स्थिरता और वहां की सामाजिक सुरक्षा की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं.ट्रंप राज में जिस तरह की अनिश्चितता बनी है,उसमें कनाडा की नागरिकता एक ‘सुरक्षा कवच’ जैसी दिख रही है.

‘खोए हुए कनाडाई’ और परंपरा की वापसी

अमेरिका के बड़े शहरों में काम करने वाली कानूनी फर्मों का कहना है कि उनके पास नागरिकता के आवेदनों की बाढ़ आ गई है. कई ऐसे परिवार हैं जिनके दादा-दादी या माता-पिता कभी कनाडा में रहते थे, लेकिन वे अपनी नागरिकता खो चुके थे. अब उन्हें अपनी विरासत को फिर से पाने का मौका मिल गया है. इसे ‘लॉस्ट कनाडियन’ की घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है.

कनाडा की इकोनॉमी को लगेगा ‘बूस्टर डोज’

अमेरिका से आने वाले ये नागरिक कोई साधारण शरणार्थी नहीं हैं,बल्कि ये हाई-स्किल वाले प्रोफेशनल्स हैं जैसे डॉक्टर,इंजीनियर.इनके आने से कनाडा की इकोनॉमी को भी जबरदस्त फायदा होगा.कनाडा सरकार इस अवसर का उपयोग अपनी वर्कफोर्स मजबूत करने को कर रही है.

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