दावा:मैं कार्तिक ही हूं,अलीशा बनी दीपिका,3 माह की गर्भवती
Kartik denied the allegation of religious conversion, stating that he is a devout Hindu.
कार्तिक ने आस्था परिवर्तन का आरोप नकारा, बोला-वह पूरी तरह से हिंदू है
झिंझाना थाने पहंची अलीशा।
शामली 03 जुलाई 2026 । जिले के गांव खेड़ाभाऊ निवासी कार्तिक उर्फ भानू का आस्था परिवर्तन कराने के परिजनों के लगाए आरोप के मामले में बृहस्पतिवार को नया मोड़ आया। कार्तिक और अलीशा उर्फ दीपिका झिंझाना थाने पहुंचे। कार्तिक ने आस्था परिवर्तन के आरोप नकारते हुए कहा कि वह पूरी तरह से हिंदू है। उसने अलीशा से हिंदू धार्मिक परंपरा के अनुसार स्वेच्छा से सालभर पहले मंदिर में शादी की। अलीशा ने बताया कि वह तीन माह की गर्भवती है।
बघरा स्थित साधना पीठ आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने बुधवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर कहा था कि खेड़ाभाऊ के परिवार ने उन्हें आश्रम आकर बताया कि उनके इकलौते पुत्र कार्तिक का नानौता की अलीशा व उसके परिजनों ने प्रेमजाल में फंसाकर आस्था परिवर्तन करा दिया और उसे बंधक बनाकर रखा गया है। कार्तिक के पिता पंकज ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर युवती पर 35 बीघा जमीन नाम कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
बृहस्पतिवार को झिंझाना थाने पहुंचे कार्तिक और अलीशा ने बताया कि वे दोनों बालिग हैं और स्वेच्छा से जिला हापुड़ के पिलखुआ थानाक्षेत्र के गांव गालंद में पति-पत्नी की तरह रहते हैं। दोनों एक कंपनी में कार्यरत हैं।
कार्तिक ने बताया कि वह पूरी तरह हिंदू है और अलीशा भी हिंदू धार्मिक परंपरा का पालन कर रही है। दोनों की सहमति से अलीशा नाम बदलकर अब दीपिका रख लिया है। उन्होंने सालभर पहले बरेली के मंदिर में हिंदू परंपरा के अनुसार शादी की है। दोनों ने कहा कि उन पर किसी तरह का किसी का दबाव नहीं है। वे दोनों साथ रहना चाहते हैं।
अलीशा उर्फ दीपिका ने बताया कि वह 19 साल की है और तीन माह की गर्भवती है। अब वे चाहते हैं उन्हें किसी भी तरह परेशान न किया जाए। उधर कार्तिक के माता-पिता ने इस मामले में कुछ भी बोलने से मना किया है।
कार्तिक ने वीडियो वायरल कर परिजनों को ठहराया जिम्मेदार
सोशल मीडिया फेसबुक पर कल कार्तिक का वीडियो सामने आया। वायरल वीडियो में कार्तिक ने कहा कि उसने एक साल पहले ही अपने परिजनों से कहा था कि अलीशा अब हिंदू बन गई है। उन दोनों की शादी करा दो लेकिन परिजनों ने उनकी नहीं सुनी और उसे बेदखल कर घर से भगा दिया था। इसके बाद वह अलीशा के साथ बाहर रह रहा है। वे न तो किसी को परेशान कर रहे हैं और न ही किसी से कुछ मांग रहे हैं। उन्हें चैन से रहने दिया जाए।
वायरल वीडियो ने कार्तिक ने कहा कि अगर उन पर कोई मुसीबत आई तो दोनों आत्महत्या कर लेंगें और इसके जिम्मेदार उसके घर वाले व उसकी मौसी होगी। कार्तिक ने बताया कि अलीशा को भी उसके घर वालों ने बेदखल कर रखा है। इसमें युवती के परिजनों पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
लखनऊ तक गूंजा प्रकरण, शासन ने मांगी रिपोर्ट
कार्तिक के कथित आस्था परिवर्तन के प्रकरण की गूंज लखनऊ तक गई। शासन ने पुलिस से इस मामले में रिपोर्ट मांगी। पुलिस ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गांव खेड़ाभाऊ निवासी कार्तिक ने आस्था परिवर्तन नहीं किया। वह स्वेच्छा से अलीशा के साथ रह रहा है। अलीशा ने नाम बदलकर दीपिका रखा है। दोनों से झिंझाना थाने पर पूछताछ की गई। कार्तिक के माता-पिता को इस बारे में जानकारी दे दी गई है।
-एनपी सिंह, पुलिस अधीक्षक
स्वजन का कार्तिक के मतांतरण का दावा, जांच में मिला मुकदमा,प्रेम-प्रसंग में युवती लेकर भाग गया था युवक

कार्तिक उर्फ भानू की मां अपना पक्ष रखते हुए
आयुष मलिक मतांतरण प्रकरण के बाद एक और संदिग्ध मतांतरण का मामला आया। युवक पक्ष और स्वामी यशवीर ने दावा किया कि कार्तिक को मुस्लिम युवती ने प्रेम जाल में फंसाकर मतांतरण करा दिया। उसका ब्रेनवाश किया और जमीन हड़पने की धमकी दे रही है। हालांकि पुलिस की जांच में पता चला कि युवक युवती को लेकर भाग गया था। उसके खिलाफ नानौता थाने में युवती के पिता ने मुकदमा भी करा रखा है। बाद में युवती ने युवक के साथ उसके घर रहने का प्रयास किया, लेकिन युवक की मां ने नहीं रहने दिया। अब वह दोनों हापुड़ में रह रहे हैं।
बघरा योग साधना केंद्र के स्वामी यशवीर ने बुधवार को इंटरनेट पर वीडियो जारी कर मतांतरण मामला उठाया कि झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव भाऊखेड़ा निवासी पंकज कुमार अपने परिवार के साथ आश्रम पहुंचे थे। पंकज ने बताया कि 11वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका पुत्र कार्तिक उर्फ भानू 12वीं को अपनी बुआ के यहां ननौता गया था। वहीं रहकर पढ़ाई कर रहा था। इस बीच उनका पुत्र नानौता की मुस्लिम युवती के संपर्क में आ गया था। प्रेमजाल में फंसाकर उसे परिवार से अलग कर दिया। पिता ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया कि युवती, उसके माता-पिता और बुआ ने नानौता व देवबंद के करीब 12 अज्ञात मौलानाओ के साथ मिलकर कार्तिक का मतांतरण कराया है। आरोप है कि उनकी 35 बीघा जमीन और संपत्ति हड़पने को युवक पर दबाव बनाया जा रहा है। स्वजन उसकी जान को खतरा बता रहे हैं। इस पर स्वामी यशवीर ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन और हिंदू पंचायत करेंगें। वहीं, पुलिस की जांच में युवक के खिलाफ अप्रैल 2025 में नानौता थाने में युवती के पिता ने किशोरी का अपहरण कर भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा कराया था। मतांतरण के बिंदू पर पुलिस ने जांच की बात कही।

