“टनल व्यू” तकनीक से सीबीआई ने तैयार किये त्विषा के आख़िरी पल

त्विषा शर्मा केस: सास और पति की मौजूदगी में सीबीआई ने कैसे ‘मौत की घटना’ की रीक्रिएट

सीबीआई की टीम ने सोमवार को पुतलों का इस्तेमाल किया
भोपाल, 01/28 मई 2026,भोपाल में त्विषा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने पुतलों  से घटना के सीन को दोबारा से तैयार किया.

12 मई की रात भोपाल स्थित ससुराल में त्विषा शर्मा का शव मिला था.

सीबीआई सोमवार को फॉरेंसिक और क्राइम सीन विशेषज्ञों के साथ 12 मई की रात की घटनाओं का विस्तृत ब्यौरा जानने घटनास्थल पर गई थी. तब त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह भी मौजूद थीं जो सीबीआई हिरासत में हैं.

सीबीआई अधिकारी ने बताया कि सीबीआई ने अभियुक्तों से उस घटना के बाद की परिस्थितियों का विवरण मांगा, जब त्विषा घर में मृत पाई गई थीं.

अधिकारी ने बताया कि त्विषा के वज़न वाला एक पुतले इस्तेमाल कर घटनास्थल की परिस्थितियां दोहरायी गयी. समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के देखते उनसे घटना बाद की घटनायें दोबारा करके दिखाने और समझाने को कहा गया. सीबीआई ने मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम तैयार करने की भी कोशिश की, ताकि समझा जा सके कि भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में त्विषा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई.

समाचार एजेंसी एएनआई ने सीबीआई टीम का वह वीडियो  एक्स पर पोस्ट किया है जिसमें क्राइम सीन को दोबारा करके दिखाया गया है. वीडियो में त्विषा की सास गिरिबाला और पति समर्थ सिंह पुतले से उस दिन की घटना सीबीआई अधिकारियों को बता रहे हैं.

सीबीआई की टीम के साथ घटनास्थल पर अभियुक्त  गिरिबाला और समर्थ सिंह भी थे

सीबीआई शुक्रवार को त्विषा शर्मा मौत मामले में उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को भोपाल की विशेष सीबीआई अदालत लाई थी.अदालत ने दोनों अभियुक्तों को पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर दिया था.

अदालत ने जांच एजेंसी का वह तर्क स्वीकार किया जिसमें कहा गया था कि मामले की कई कड़ियों की जांच अभी बाक़ी है और अभियुक्तों को एक साथ बैठाकर पूछताछ की ज़रूरत है.

इसके पहले त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को 23 मई को पकड़ पुलिस रिमांड पर भेजा गया था. बाद में मध्य प्रदेश सरकार के मामला सीबीआई को सौंपे जाने के बाद उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में दिया गया.

शुक्रवार को भोपाल में जस्टिस शोभना भलावे की अदालत ने उनकी सीबीआई रिमांड पांच दिन को और बढ़ा दी. इसी आदेश में गिरिबाला सिंह को भी पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया है.

त्विषा शर्मा के परिवार के अधिवक्ता अंकुर पांडे ने कहा, “सीबीआई ने अदालत से दोनों अभियुक्तों की पांच-पांच दिन की रिमांड मांगी थी.”सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले में सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है, दोनों अभियुक्त प्रभावशाली हैं और घटना से जुड़े कई पहलुओं की जांच शुरू से होनी है.”

सीबीआई ने गुरुवार को इस मामले में गिरिबाला सिंह को गिरफ़्तार किया था
गुरुवार 28 मई को सीबीआई ने त्विषा शर्मा की सास सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह को पकड़ा था.

सीबीआई की मुख्य सूचना अधिकारी बीना यादव ने बताया था कि, “भोपाल स्थित घर में कई घंटे तक पूछताछ और जांच बाद गिरिबाला सिंह पकडी गई.”

गिरफ्तारी से एक दिन पहले बुधवार 27 मई को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम ज़मानत निरस्त कर दी थी.

अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि मामले की गंभीरता, उपलब्ध सामग्री और जांच स्थिति देख उन्हें राहत उचित नहीं थी.

गिरिबाला के साथ-साथ समर्थ सिंह भी सीबीआई की रिमांड में हैं
ये है पूरा मामला?
त्विषा शर्मा के परिजन लगातार उनकी मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते रहे हैं

Photo credit Twisha’s family
33 वर्षीय त्विषा शर्मा का शव 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके ससुराल में मिला था. त्विषा मूलत: नोएडा की थीं और उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी.

त्विषा के परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं. परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही त्विषा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था.

मामले की शुरुआती जांच भोपाल पुलिस ने की. बाद में एक विशेष जांच दल का गठन हुआ. फिर  मध्य प्रदेश सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया और सीबीआई ने एफ़आईआर लिख जांच शुरू की.

CBI की ‘टनल व्यू’ तकनीक क्या है? जिससे त्विषा  के आखिरी पलों की मिनट-टू-मिनट मैपिंग हुई

त्विषा शर्मा मौत मामले में CBI ने एडवांस ‘टनल व्यू’ तकनीक का इस्तेमा किया है. एजेंसी CCTV, मोबाइल डेटा, वाई-फाई लॉग्स और फॉरेंसिक मैपिंग से त्विषा के आखिरी घंटों की डिजिटल तस्वीर तैयार कर रही है. इस बीच मामले में सास गिरिबाला सिंह पकड़ी गई, जबकि समर्थ सिंह पहले से CBI की गिरफ्त में था.

त्विषा की मौत की रात को डिजिटल तरीके से दोबारा तैयार कर रही CBI (Photo: ITG)

त्विषा की मौत की गुत्थी अभी भी अनसुलझी है. इस बीच सीबीआई ‘टनल व्यू’ तकनीक से यह समझने की कोशिश में है कि 12 मई को किन परिस्थितियों में त्विषा की मौत हुई होगी.

सीबीआई ने त्विषा के कटारा हिल्स ससुराल में उसके आखिरी घंटे वर्चुअली दोबारा तैयार करने को एडवांस ‘टनल व्यू’ जांच तकनीक इस्तेमाल की. सीबीआई ने एक बेहद फोकस्ड मिनट-टू-मिनट टाइमलाइन तैयार की, जिसमें त्विषा की मौत से पहले की हर मूवमेंट, बातचीत और डिजिटल एक्टिविटी बारीकी से जोड़ी गई.

जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन डेटा, वाई-फाई लॉग्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और कमरों की फॉरेंसिक मैपिंग मिलाकर घर की एक वर्चुअल तस्वीर तैयार की. इस डिजिटल रिकंस्ट्रक्शन से सीबीआई ने पता लगाने की कोशिश की कि त्विषा आखिरी बार किन-किन जगहों पर गईं, कौन लोग घर के अलग-अलग हिस्सों में आए या बाहर गए और घटना से पहले घटनाक्रम किस क्रम में हुआ.

‘टनल व्यू’ विश्लेषण से जांचकर्ता महत्वपूर्ण टाइम गैप, संदिग्ध गतिविधियों और बयानों में संभावित विरोधाभासों पर ध्यान दे सकेंगे.  कैमरों की टाइमस्टैम्प, फोन एक्टिविटी और इंटरनेट इस्तेमाल के डेटा सिंक्रोनाइज कर अंतिम घंटों की एक सिम्युलेटेड तस्वीर तैयार की गई. जांच एजेंसियां यह भी जांच सकती हैं कि घटना के बाद किसी डिजिटल सबूत से छेड़छाड़, हटाने या छिपाने की कोशिश तो नहीं हुई.

इस वर्चुअल वातावरण से सीबीआई त्विषा के आखिरी पलों की स्पष्ट डिजिटल तस्वीर चाहती है, ताकि पता लगाया जा सके कि त्विषा की मौत वाली रात किसी तरह का दबाव, षड्यंत्र या घटनास्थल से छेड़छाड़ की कोशिश हुई थी या नहीं.

Twisha Sharma Death Case Details Of Cbi Probe 
 फंस गई हूं और एक चूक… त्विषा शर्मा की मौत के पीछे का सच? CBI की जांच ऐसे बढ़ रही आगे
त्विषा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह)  सीबीआई हिरासत में हैं। सीबीआई ने दोनों की 5-5 दिन की रिमांड मांगी थी। समर्थ सिंह पहले से ही पांच दिन की सीबीआई हिरासत में है। त्विषा मामले में जांच अब सिर्फ संदिग्ध मौत तक सीमित नहीं है। आखिरी घंटों की रीक्रिएशन, 20 लाख रुपये का शेयर विवाद, गर्भपात को दबाव की भी जांच हो रही है। त्विषा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने एडवांस टनल व्यू तकनीक भी इस्तेमाल की है।

आखिरी घंटों की डिजिटल रीक्रिएशन
सीबीआई उन आरोपों की समीक्षा कर रही है जिसमें कहा गया कि समर्थ और गिरिबाला सिंह ने त्वषा  पर 20 लाख रुपये के शेयर अपने नाम पर ट्रांसफर करने का दबाव डाला था। भोपाल पुलिस से जांच लेने के बाद CBI की FIR में भी उल्लेख है कि दिसंबर में त्विषा की शादी के बाद विदाई समारोह में गिरिबाला ने 2 लाख रुपये मांगे थे।

एडवांस टनल व्यू तकनीक का भी इस्तेमाल
जांच में मिले डिजिटल सबूतों में भी यह बात सामने आई है कि ससुराल वालों ने त्विषा की गर्भावस्था पर सवाल उठाए। त्विषा मौत मामले की जांच में सीबीआई ने एडवांस टनल व्यू तकनीक का भी इस्तेमाल शुरू किया है। इस प्रक्रिया में सीसीटीवी फुटेज, वाई-फाई लॉग, टावर लोकेशन, स्मार्ट डिवाइस डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) को सिंक्रनाइज किया जाता है। सीबीआई की टीम 12 मई की घटना का विस्तृत वर्चुअल टाइमलाइन तैयार कर रही जिस रात ट्विशा भोपाल स्थित अपने ससुराल में फांसी पर लटकी हुई मिली थी।

फंस गई हूं, वो आखिरी फोन कॉल
एक महत्वपूर्ण पक्ष त्विषा की  अपने परिवार को आखिरी फोन कॉल है। उसके पिता के अनुसार त्विषा ने कहा था कि फंस गई हूं, बैकग्राउंड में समर्थ की आवाज सुनाई दी और फोन कट गया। सीबीआई स्थानीय पुलिस अभिलेख में कई गड़बड़ियां भी जांच रही है, जिसमें त्विषा की वास्तविक लंबाई को लेकर रिकॉर्ड में बड़ी विसंगति भी शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या रिकॉर्ड में ये गलती लापरवाही थी या कानूनी रूप से प्रभावशाली परिवार की कहानी को बदलने या फोरेंसिक सबूतों से छेड़छाड़ करने को किया गया एक सुनियोजित प्रयास था।

चोट के इतने निशान आखिर कैसे
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण फांसी बताया गया है। इसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोटों का भी उल्लेख है। बाद की मेडिकल रिपोर्ट यह अटकल निरस्त करती हैं कि फांसी से नीचे उतारते ये चोटें लगी थीं, जिससे मृत्यु पूर्व शारीरिक हमले का संकेत मिलता है। सीबीआई जांच अब सिर्फ परिवार तक ही सीमित नहीं बल्कि कई एंगल से मामले की जांच आगे बढ़ रही है।

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