मतांतरण हेडक्वार्टर पर तीसरे दिन भी आठ बुलडोजर,सारी सम्पत्ति जायेगी छांगुर पीर की
छांगुर बाबा की कोठी पर तीसरे दिन भी बुलडोजर एक्शन, लगाई गई 8 जेसीबी
छांगुर बाबा की कोठी पर तीसरे दिन भी बुलडोजर एक्शन, लगाई गई 8 जेसीबी
छांगुर बाबा की आलीशान कोठी दूसरे दिन बुधवार को भी ज़मींदोज़ नहीं हो पाई। इसके बाद आज फिर 8 जेसीबी के साथ बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की गई है।
छांगुर बाबा की कोठी गिराने की कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी- I
बलरामपुरः धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की आलीशान कोठी को तीसरे दिन भी बुलडोजर से गिराया जा रहा है। बलरामपुर के उतरौला के मधपुर गांव में गुरुवार सुबह 10 बजे प्रशासन की टीम 8 बुलडोजर लेकर कोठी पर पहुंची। कोठी के बचे हुए हिस्से को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है।
बुलडोजर कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी
सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया गया छांगुर बाबा का आलीशान बंगला बुधवार को भी ज़मींदोज़ नहीं हो पाया। इसके बाद आज फिर तीसरे दिन भी बुलडोजर कार्रवाई जारी है। अवैध निर्माण तोड़ रहे लोगों का कहना है कि कोठी को बनाने में काफी पैसा खर्च किया गया है और सरिया का बहुत इस्तेमाल हुआ है, जिसकी वजह से दो दिन में भी ये कोठी धाराशाही नहीं हो पाई। छांगुर की कोठी का 75 फीसदी तक हिस्सा टूट चुका है।
40 कमरों वाले हिस्से अवैध
तीन बीघे में करीब 3 करोड़ की लागत से बनी कोठी में 70 से ज्यादा कमरे और हॉल हैं। इनमें 40 कमरों वाले हिस्से को प्रशासन ने अवैध बताया है। ATS का दावा है कि छांगुर बाबा यहीं से धर्मांतरण का नेटवर्क चलाता था। यह कोठी उसकी महिला मित्र नीतू उर्फ नसरीन के नाम पर है। बाबा ने ही नीतू का धर्मांतरण करके उसे नसरीन नाम दिया था। 5 जुलाई को ATS ने 50 हजार रुपये के इनामी छांगुर बाबा को नीतू उर्फ नसरीन के साथ लखनऊ से गिरफ्तार किया था। ATS ने सात दिनों के लिए छांगुर बाबा और नसरीन को रिमांड पर लिया है।
कोठी में 10 सीसीटीवी कैमरे
छांगुर बाबा की कोठी उतरौला-मनकापुर मेन रोड पर है। इसमें 10 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। कोठी के चारों तरफ बाउंड्री वाल पर तार दौड़ाया गया था। इस पर रात को करंट दौड़ाई जाती थी, ताकि कहीं से कोई अंदर न आ सके। मेन गेट से कोठी तक जाने के लिए 500 मीटर की प्राइवेट रोड बनी हुई है।
ईडी के शिकंजे में भी छांगुर बाबा
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी छांगुर बाबा से जुड़े धर्मांतरण मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है। ED की लखनऊ इकाई ने मंगलवार शाम ही इस मामले में ECIR (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट), जो FIR के समान है, दर्ज कर ली है। ED अब धर्मांतरण के इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच करेगी। ED बहुत जल्द इस मामले से जुड़े आरोपियों से पूछताछ भी करेगी। जांच एजेंसी का मुख्य ध्यान धर्मांतरण के विदेशी कनेक्शन और मनी ट्रेल का पता लगाने पर रहेगा।
उत्तर प्रदेश में मतांतरण गिरोह संचालक जलालुद्दीन की संपत्तियां छीनेगी योगी सरकार, मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं की घोषणा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध मतांतरण गिरोहबाज जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां राष्ट्र विरोधी हैं और आरोपितों की संपत्तियां छीनी जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी सरकार बहन-बेटियों की सुरक्षा को प्रतिबद्ध है और इस मामले में कठोर विधिक कार्यवाही होगी।
लखनऊ 08 जुलाई 2025 । उत्तर प्रदेश में अवैध मतांतरण गिरोह चलाने के आरोप में गिरफ्तार आरोपित जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इनकी गतिविधियां राष्ट्र विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि इस गिरोह के आरोपितों पर कार्रवाई में उनकी संपत्तियां छीनी जायेगी।
मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ” सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा को पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जलालउद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं।”
उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपित और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त कर उन पर कठोर कानूनी कार्यवाही होगी।
राज्य में शांति, सौहार्द और महिला सुरक्षा भंग करने वालों को कोई स्थान नहीं है। उन्हें कानून के अनुसार ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज में उदाहरण बने।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी की इस प्रतिक्रिया से पहले मंगलवार सुबह बलरामपुर जिले में छांगुर बाबा की सहयोगी महिला के आवास पर बुलडोजर कार्रवाई हुई है। छांगुर बाबा की संगी नीतू नवीन रोहरा (पति नवीन रोहरा ) के आवास पर प्रशासन ने मंगलवार सुबह बुलडोजर चला दिया। सोमवार देर शाम स्थानीय प्रशासन ने कोठी पर अलग-अलग तिथियों के तीन नोटिस चिपकाये थे।
छांगुर बाबा की संगी नीतू की कोठी पर बुलडोजर, प्रेमजाल में फंसा युवतियों के मतांतरण करने का मामला
हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर मतांतरण कराने वाले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के साथ रहती नीतू नवीन रोहरा के आवास पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। स्थानीय प्रशासन ने पहले नोटिस चिपकाया था जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। कोतवाली उतरौला पुलिस और तहसील प्रशासन वहां मौजूद रहे। यह कार्रवाई मतांतरण मामलों में संलिप्त लोगों को कठोर संदेश है।
हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर मतांतरण कराने के मास्टरमाइंड उतरौला के मधपुर गांव निवासी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की महिला मित्र नीतू नवीन रोहरा (पति नवीन रोहरा) के आवास पर प्रशासन ने मंगलवार सुबह बुलडोजर चला दिया।सोमवार देर शाम स्थानीय प्रशासन ने कोठी पर अलग-अलग तिथियों की तीन नोटिस चिपकाए थे। इसके बाद ही लोगों ने कोठी के गिराने की गिनती शुरू कर दी। कोतवाली उतरौला की पुलिस व तहसील प्रशासन मौजूद था।
जलालुद्दीन-नीतू के होटल के कमरा नंबर 104 का राज जानिए
बलरामपुर में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के काले साम्राज्य पर बुलडोजर चल गया । धर्मांतरण के फंडिंग के पैसों से जलालुद्दीन ने उतरौला में भव्य कोठी बनवाई थी।
यूपी एटीएस ने जलालुद्दीन और नीतू उर्फ नासरीन के संबंधों पर बड़ी जानकारी दी है। लखनऊ के एक होटल में दोनों के 70 दिन रुकने की खबर है। यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ का अंतरराज्यीय नेटवर्क नंगा किया है। मुख्य साजिशकर्ता जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नसरीन उर्फ नीतू नवीन रोहरा पकड़ी गई । एटीएस के अनुसार दोनों 70 दिनों से विकासनगर स्थित होटल ‘स्टार रूम्स’ में पति-पत्नी बन वहीं से धर्मांतरण गतिविधियां चला रहे थे।
उतरौला में एक्शन
धर्मांतरणकर्ता जलालुद्दीन की उतरौला वाली आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला है। सोमवार पुलिस सुरक्षा में तहसीलदार ने कोठी पर नोटिस चिपका अतिक्रमण हटाने को कहा था। ऐसा नहीं करने पर इसे ध्वस्त करने की बात थी। नोटिस जलालुद्दीन की सहयोगी नासरीन के नाम जारी हुआ था। सोमवार देर शाम उतरौला तहसील के तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति और उतरौला कोतवाली इंस्पेक्टर अवधेश राज सिंह भारी पुलिस बल ले मधुपुर छांगुर बाबा की कोठी पहुंचे थे।
छांगुर बाबा की कोठी पर अधिकारियों ने नीतू के नाम की नोटिस चिपका सात दिनों में अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी । नहीं हटाया तो बलपूर्वक हटाया जाएगा। हालांकि, मंगलवार को बुलडोजर के साथ स्थानीय प्रशासनिक टीम ने कोठी पर बुलडोजर चलवा दिया।
पहले 102, फिर 104 नंबर कमरा
यूपी एटीएस की जांच में आया कि छांगुर बाबा और नसरीन ने होटल में 4 दिन को कमरा नंबर 102 बुक किया। इसके बाद कमरा नंबर 104 में 70 दिन लगातार ठहरकर नेटवर्क खड़ा किया। वे आर्थिक और मानसिक कमजोर युवाओं और परिवारों को निशाना बनाकर इस्लाम धर्म में कन्वर्जन कर रहे थे।
एटीएस के मुताबिक, छांगुर बाबा के बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। इसमें 14 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग शामिल है, जो विदेशी धार्मिक संगठनों से आई थी। यह फंड प्रचार सामग्री, कन्वर्जन और होटल खर्चों पर खर्च हो रहा था।
ऊंची दीवार, कमरे में कलावा, कांटेदार तारों में करंट और… छांगुर बाबा की जिस ‘सफेद कोठी’ को नेस्तनाबूद किया गया उसमें क्या-क्या मिला
आजतक की टीम को कोठी के एक कमरे से हाथ में बांधा जाने वाला ‘कलावा’ और उर्दू में लिखी हुई धार्मिक किताबें भी मिलीं. इससे यह आशंका और प्रबल हो गई है कि छांगुर बाबा धर्मांतरण कराने के दौरान पीड़ितों को हिन्दू प्रतीकों जैसे कलावा का इस्तेमाल कर भ्रमित करता था.
जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के बिल्डिंग को गिराया गया
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में धर्मांतरण के गंभीर आरोपों में घिरे छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन की आलीशान कोठी में जब आजतक की टीम पहुंची, तो अंदर का नजारा हैरान करने वाला था. जांच के दौरान खुलासा हुआ कि बाबा की कोठी में 2 बीएचके फ्लैट की तरह लग्ज़री कमरे बनाए गए थे, जिनमें आलीशान बेड, बड़े हॉल, और सभी घरेलू सुविधाएं मौजूद थीं. हर कमरे में किचन तक की सुविधा मौजूद थी, जिससे यह साफ है कि वहां लंबा समय बिताने की तैयारी रहती थी.
हाथ में बांधे जाने वाला कलावा मिला
आजतक की टीम को कोठी के एक कमरे से हाथ में बांधा जाने वाला ‘कलावा’ और उर्दू में लिखी हुई धार्मिक किताबें भी मिलीं. इससे यह आशंका और प्रबल हो गई है कि छांगुर बाबा धर्मांतरण कराने के दौरान पीड़ितों को हिन्दू प्रतीकों जैसे कलावा का इस्तेमाल कर भ्रमित करता था, ताकि लड़कियों और उनके परिवारों को गुमराह किया जा सके.
तार में बिजली का करंट दौड़ाया जाता था
सुरक्षा के नाम पर बाबा ने कोठी के चारों ओर 15 से 20 फीट ऊंची दीवारें बनवा रखी थीं, जिन पर कांटेदार तार लगाए गए थे. यही नहीं, इन तारों में बिजली का करंट भी दौड़ाया जाता था, जिससे कोई भी व्यक्ति इन दीवारों को पार न कर सके. आसपास के लोग बताते हैं कि उस कोठी के पास जाने से भी लोग कतराते थे, क्योंकि सुरक्षा का यह इंतजाम किसी किले जैसा था.
जमालुद्दीन की यह कोठी अब प्रशासन की निगरानी में है और पूरे परिसर की बारीकी से जांच की जा रही है. पुलिस को शक है कि इस आलीशान कोठी का इस्तेमाल धर्मांतरण के बड़े रैकेट को अंजाम देने के लिए किया जाता था, जिसमें लड़कियों को बहला-फुसलाकर लंबे समय तक वहां रखा जाता था.
बुलडोजर की कार्रवाई की गई
गौरतलब है कि छांगुर बाबा की आलीशान कोठी पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि यह कोठी बिना किसी वैध अनुमति के अवैध रूप से बनाई गई थी. यही वह कोठी थी, जहां छांगुर बाबा अपने सहयोगियों के साथ रहता था और यहीं से पूरे धर्मांतरण रैकेट को संचालित करता था. इस मकान को उसके काले कारोबार का मुख्य अड्डा माना जा रहा है, जहां से कई संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था.
प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की. छांगुर बाबा अपने सहयोगियों नवीन रोहरा और नीतू रोहरा के साथ रह रहा था.
आलीशान कोठी में 40 कमरे, दुबई से मंगाए सामान इस्तेमाल करता था
40 कमरों वाली आलीशान कोठी पर छांगुर बाबा ने तीन करोड़ रूपए पानी की तरह बहाये थे. यही नहीं छांगुर बाबा सिर्फ विदेशी सामान का इस्तेमाल करता था, जो खास तौर पर दुबई से मंगवाए जाते थे, स्थानीय लोग बताते हैं कि छांगुर बाबा का एक पैर इस कोठी में था और दूसरा पैर विदेश में. मतलब जमालुद्दीन चंद दिन इसी कोठी में रहता और फिर विदेश चलता जाता था. बुलडोजर एक्शन के दौरान पता चला कि छांगुर बाबा ने कोठी के अंदर एक सीक्रेट रूम बना रखा था, वही सीक्रेट रूम जहां पर धर्मांतरण की शिकार बनी लड़कियों को रखा जाता था.
शिजर-ए-तैय्यबा किताब से ब्रेनवॉश
एसटीएस को छांगुर बाबा से ‘शिजर-ए-तैय्यबा’ किताब मिली है, जिसे उसने खुद छपवाया था। इस किताब से युवाओं को ब्रेनवॉश कर, विशेष रूप से हिंदू लड़कियों से विवाह कर उन्हें धर्म परिवर्तन को ढकेला जाता था। नेटवर्क के लोगों के 40 बार इस्लामिक देशों की यात्राओं की जानकारी भी सामने आई है।
नसरीन ने कराया धर्मांतरण
छांगुर बाबा ने पहले नसरीन को धर्म के नाम प्रभावित कर उसका धर्म परिवर्तन कराया। फिर नसरीन अपने पूरे परिवार का धर्म बदल बाबा की सहयोगी बनी। दोनों मिलकर कन्वर्जन रैकेट अत्यंत गोपनीयता से चला रहे थे।
ईडी-एनआईए ने शुरू की जांच
विदेशी फंडिंग की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पूरे नेटवर्क की राष्ट्र स्तरीय जांच शुरू की है। एटीएस कार्रवाई बाद प्रदेशभर में धर्मांतरण के अन्य नेटवर्क की तलाश तेज कर दी गई है। पूरा नेटवर्क सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

