उत्तराखंड पंचायत चुनाव पर तत्काल सुनवाई से हाईकोर्ट की ‘न’,कल होगी सुनवाई
उत्तराखंड में अभी नहीं होंगे पंचायत चुनाव, UTTARAKHAND PANCHAYAT ELECTION 2025
उत्तराखंड पंचायत चुनाव की सभी कार्यवाही अग्रिम आदेशों तक स्थगित, हाईकोर्ट आदेश बाद राज्य निर्वाचन आयोग का चुनाव कार्यक्रम स्थगित
State Election Commission
राज्य निर्वाचन आयोग उत्तराखंड
देहरादून 24 जून2025। : उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को अग्रिम आदेशों के लिए स्थगित कर दिया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह फैसला लिया है. जबकि, इससे पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने नोटिफिकेशन जारी कर चुनाव की तिथियां घोषित कर दी थी, लेकिन आरक्षण व्यवस्था से संबंधित नियमावली की अधिसूचना यानी गजट नोटिफिकेशन जारी किए बिना ही चुनाव की घोषणा करने पर हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर ही रोक लगा दी थी.
पहले इन तारीखों पर होनी थी वोटिंग: 21 जून राज्य निर्वाचन आयोग ने हरिद्वार जिला छोड़ बाकी 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाने क अधिसूचना जारी की थी. जिसमें उत्तराखंड में दो चरणों में पंचायत चुनाव कराए जाने थे. इसमें 25 जून से 28 जून तक नामांकन की प्रक्रिया के बाद 10 और 15 जुलाई को वोटिंग होनी थी. जबकि, 19 जुलाई को मतगणना की निर्धारित थी, लेकिन आरक्षण पर स्थिति स्पष्ट न होने से हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी.
अग्रिम आदेशों तक चुनाव प्रक्रिया स्थगित: अब राज्य निर्वाचन आयोग उत्तराखंड ने अधिसूचना जारी कर कहा है कि नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है. जो गणेश दत्त कांडपाल बनाम उत्तराखंड राज्य एवं अन्य है. इसमें 23 जून को आदेश दिया गया था कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन को राज्य सरकार की ओर से आरक्षण की नियमावली का प्रख्यापन विधिवत अधिसूचित नहीं है.
Uttarakhand Panchayat Election 2025
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना (फोटो सोर्स – State Election Commission)
इसके चलते इस नियमावली के अनुपालन में आरक्षण का निर्धारण और इसके अनुसार की गई पूरी कार्यवाही अग्रिम आदेशों तक स्थगित की जाती है. इससे पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पर रोक लग गई थी. आज फिर से मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जिसमें सरकार ने अपना पक्ष रखा और गजट नोटिफिकेश पेश किया.
इसके साथ ही आज 24 जून को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के आग्रह पर दीपक किरोला बनाम उत्तराखंड राज्य एवं अन्य मामले में सरकार का पक्ष सुना. कोर्ट ने सभी याचिकाओं को एक साथ सुनने को 25 जून की तिथि निर्धारित की.ऐसे में नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने पत्र जारी कर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है.
राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश बाद राज्य सरकार के आरक्षण संबंधित कार्रवाई अग्रिम आदेशों तक को स्थगित हो गई है.इसके चलते पदों/स्थानों के आरक्षण और आवंटन की स्थिति स्पष्ट नहीं है. ऐसे में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नामांकन समेत अन्य चुनाव की कार्यवाही संचालन संभव नहीं है. लिहाजा, नामांकन की कार्यवाही और अन्य कार्यवाहियों अग्रिम आदेशों तक स्थगित की जाती है।
ये पैंतरा भी काम न आया, उत्तराखंड पंचायत चुनाव पर जारी रहेगी रोक
धामी सरकार की ओर से यह नोटिफिकेशन हाईकोर्ट के समक्ष पेश कर दिया है जिसके बाद मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति जी नरेंदर व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने पंचायत चुनाव सम्बन्धी सभी याचिकाओं की सुनवाई को 25 जून दोपहर 2 बजे का समय निर्धारित किया है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर लगी रोक जारी रखी है|रोक हटाने को लेकर मंगलवार को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष आज ही केस मेंशन कर सुनवाई करने का अनुरोध किया। सरकार की तरफ कहा गया कि 9 जून को जो नियमावली बनाई गई थी,उसका गजट नोटिफिकेशन 14 जून को हो गया था, लेकिन “कम्युनिकेशन गैप” के कारण गजट नोटिफिकेशन हाईकोर्ट के समक्ष सुनवाई के वक्त प्रस्तुत नहीं किया जा सका था।
आज सरकार की ओर से यह नोटिफिकेशन हाईकोर्ट के समक्ष पेश कर दिया गया है। मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति जी नरेंदर व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने पंचायत चुनाव सम्बन्धी सभी याचिकाओं की सुनवाई को 25 जून दोपहर 2 बजे का समय निर्धारित किया है। तब तक कोर्ट ने लगी रोक बनाये रखी है। मामले में मंगलवार को दीपिका किरौला व अन्य की याचिकाएं भी सुनवाई को लगी थी। हाईकोर्ट इन सभी की एक साथ सुनवाई करेगा ।
इससे पहले उत्तराखंड के पंचायती राज सचिव चंद्रेश कुमार ने फिर दोहराया कि राज्य सरकार नैनीताल हाई कोर्ट के त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों पर लगाई रोक हटाने को प्रतिबद्ध है। यह रोक आरक्षण नियमों की अनुपस्थिति के कारण नैनीताल हाई कोर्ट के लगाई गई अंतरिम रोक के बाद लगी है।
एएनआई (ANI) से बात करते हुए, सचिव इंद्रेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पूरी तरह से पालन करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा,”आरक्षण नियम 2025 की राजपत्र अधिसूचना रुड़की स्थित सरकारी प्रेस में मुद्रण प्रक्रिया में है। यह जल्द ही जारी होगी और अग्रिम मार्गदर्शन को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।”

