अखिलेश द्वारा बनवाए जा रहे केदारेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर आए तमिलनाडु से पुजारी, परिजनों ने की खास पूजा

अखिलेश द्वारा बनवाए जा रहे केदारेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर आए तमिलनाडु से पुजारी, परिजनों ने की खास पूजा
समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इटावा में भगवान शिव को समर्पित केदारेश्वर मंदिर का निर्माण करवा रहे हैं. इस मंदिर का निर्माण केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर किया जा रहा है. महाशिवरात्रि के दिन यादव परिवार ने यहां खास पूजन किया है.

अमित तिवारी
समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इटावा में भगवान शिव को समर्पित केदारेश्वर मंदिर का निर्माण करवा रहे हैं. इस मंदिर का निर्माण केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर किया जा रहा है. कल यानी महाशिवरात्रि के अवसर पर सपा मुखिया अखिलेश ने इस मंदिर की वीडियो भी अपने सोशल मीडिया पर शेयर की है.

बता दें कि महाशिवरात्रि के अवसर पर कल अखिलेश यादव के परिवार के सदस्य इस मंदिर में पहुंचे. यादव परिवार के सदस्य मंदिर का निर्माण कार्य देखने के लिए समय-समय पर यहां पहुंचते रह हैं. मगर महाशिवरात्रि के मौके पर भी कल यादव परिवार के सदस्य यहां पहुंचे.

महाशिवरात्रि को लेकर की गई खास तैयारियां
बता दें कि केदारेश्वर मंदिर को इटावा सफारी पार्क के सामने बनवाया गया है. इसका निर्माण कार्य जारी है. मगर मंदिर में पूजा-पाठ शुरू हो चुकी है. मंदिर की पहली महाशिवरात्रि के पर्व पर सुबह से ही मंदिर पर कांवड़ियों की भीड़ रही और कांवड़ियों ने जलाभिषेक भी किया. पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में भगवान शिव शंकर के दर्शन करने के लिए उमड़ी रही.

तमिलनाडु से आए पुजारी
इस मंदिर की प्रथम महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर तमिलनाडु से कई पुजारी आए हुए थे. उन सभी ने सुबह ढोल-नगाड़ों के साथ पूजन का कार्य शुरू कर किया.

रामगोपाल यादव समेत इन सदस्यों ने किया हवन-पूजन
बता दें कि शाम को मुहूर्त के समय समाजवादी परिवार के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव, अखिलेश यादव के चचेरे भाई और इटावा के जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक उर्फ अंशुल यादव ने अपनी पत्नी सहित पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और हवन-पूजन किया. ये खास धार्मिक अनुष्ठान तमिलनाडु से आए पुजारियों ने करवाया.

अखिलेश यादव नहीं पहुंच पाए
बता दें कि महाशिवरात्रि के अवसर पर इस मंदिर में अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव को भी यहां आना था. इसी के साथ शिवपाल सिंह यादव को भी यहां पहुंचना था, लेकिन किसी कारण से ये नहीं आ पाए. ऐसे में प्रोफेसर रामगोपाल यादव और अंशुल यादव ने ही परिजनों समेत पूजन किया. आपको ये भी बता दें कि दक्षिण भारत के मंदिरों की तर्ज पर इस मंदिर को डिजाइन किया गया है।

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