वन मंत्री सुबोध उनियाल हरिद्वार टाइगर शिकार स्थल पर ,कठोर और त्वरित कार्रवाई के निर्देश
हरिद्वार टाइगर शिकार मामले में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बड़े एक्शन की बात कही है. उन्होंने कहा दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
HARIDWAR TIGER POACHING CASE
हरिद्वार टाइगर शिकार मामला
हरिद्वार 20 मई 2026 : बीते सोमवार शाम को श्यामपुर रेंज के अंतर्गत सजनपुर बीट, श्यामपुर कम्पार्टमेंट संख्या 9 में दो बाघों की मौत के बाद हरिद्वार से लेकर राजधानी देहरादून तक हड़कंप मचा हुआ है. इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपित भी भागे हुए हैं. इसी मामले में आज वन मंत्री सुबोध उनियाल भी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली.
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की उच्च उतर जांच कराई जाए. साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने हॉफ को भी निर्देश दिए हैं कि इस मामले में यदि विभागीय स्तर पर कोई लापरवाही बरती गई है तो, जांच कराकर सीधा निलंबन की कार्रवाई की जाये.
हरिद्वार टाइगर शिकार मामला
दरअसल, जंगल में सोमवार शाम को गश्त के दौरान वनकर्मियों को एक दो साल के नर बाघ का शव बरामद हुआ था. तत्काल कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने एक वन गुज्जर पकड़ा है. अगले दिन मंगलवार को उसी जगह के आसपास मादा बाघ का शव बरामद हुआ. एक साथ दो बाघों की मौत के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया. दोनों बाघों के चारों पैर कटे मिले थे. उसकी खाल और दांत सुरक्षित पाए गए. इसके लिए हत्यारों को अवसर नही मिला। हत्या स्थल से एक मृत भैंस का शव भी बरामद किया गया. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वन गुज्जरों ने मरी भैंस और उसके बच्चे के शव पर जहर छिडक दिया था जिसे बाघ परिवार ने खा लिया. बाघिन के बच्चों के शव मिल चुके जबकि बाघिन को ढूढा जा रहा है।
वन विभाग को वन गुज्जरों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना भेदिये से मिली थी. सूचना मिलने के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था. जांच में सामने आया कि आरोपित रात के अंधेरे में बाघ की खाल उतारने और दांत निकालने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले वन विभाग ने कार्रवाई कर दी. एक वन गुज्जर को दबोच लिया. बाघ का अवैध शिकार करने वाले तीन वन गुज्जर फरार चल रहे हैं, जिनकी धरपकड़ को लगातार टीमें छापे मार रही हैं.

वन गुज्जरों के विस्थापन के सवाल पर सुबोध उनियाल ने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है. न्यायालय के निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है.
अलग-अलग टीमें कर रहीं भागे आरोपितों की खोज: इस मामले में एक आरोपित को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है. भागे चल रहे तीन आरोपितों की धरपकड को अलग- अलग टीमें बनाई गईं हैं. उत्तराखंड से बाहर भी टीमें भेजी गई हैं. वन्यजीव हत्या अपराध के बाद वन गुज्जर अपने डेरे छोड़कर भाग गए हैं. कई पकड़ भी गया जिनसे पूछताछ की जा रही है.
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