श्री श्री रविशंकर ने किया प्रभात कुमार की आईआईटी पुस्तक का टीज़र लॉन्च
पैन आईआईटी बैंगलोर समिट 2026 में हुआ अनावरण; पुस्तक 20 जून को हार्पर कॉलिन्स से प्रकाशित होगी, जिसमें हिजली जेल से सिलिकॉन वैली तक की आईआईटी यात्रा दर्ज है।
बेंगलुरु, 19 मई 2026 – आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने पैन आईआईटी बैंगलोर समिट 2026 में प्रभात कुमार (आईआरएस), चेयरमैन पैन आईआईटी एलुमनी इंडिया, की पुस्तक “आईआईटी: द स्टोरी ऑफ इंडिया’स मोस्ट प्रेस्टिजियस एजुकेशनल इकोसिस्टम” का आधिकारिक टीज़र जारी किया।
यह पुस्तक, जिसे हार्पर कॉलिन्स इंडिया 20 जून 2026 को प्रकाशित करेगी, आईआईटी की यात्रा को आज़ादी के बाद के शुरुआती दौर से लेकर आज के वैश्विक टेक और स्टार्टअप हब तक दर्ज करती है। पुस्तक का टैगलाइन है – “फ्रॉम सिलिकॉन वैली टू इंडस वैली”, जो भारत के सामाजिक और आर्थिक बदलावों के संदर्भ में आईआईटी की कहानी बताता है।
कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, कॉर्पोरेट जगत के नेताओं और विभिन्न बैचों के आईआईटी पूर्व छात्रों ने भाग लिया। श्री श्री रविशंकर ने आईआईटी और उसके पूर्व छात्रों को राष्ट्र निर्माण में योगदानकर्ता बताते हुए तकनीकी क्षमता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।
पुस्तक में 1951 में खड़गपुर के हिजली जेल को पहले आईआईटी में बदलने से लेकर आज 23 संस्थानों और पाँच लाख से अधिक पूर्व छात्रों के वैश्विक नेटवर्क तक की कहानी है। इसमें प्रवेश परीक्षा, कोचिंग, छात्र जीवन, शोध, करियर, उद्यमिता और स्टार्टअप्स के साथ-साथ विविधता, मानसिक स्वास्थ्य और भारत से बाहर जाने वाले छात्रों पर भी चर्चा की गई है।
लेखक प्रभात कुमार ने कहा – “पहले कैंपस से लेकर 23 आईआईटी और वैश्विक नेटवर्क तक, यह कहानी सिर्फ परीक्षा या डिग्री की नहीं है, बल्कि इस बात की है कि भारत ने ज्ञान, विज्ञान और युवाओं पर भरोसा किया।”
हार्पर कॉलिन्स इंडिया के प्रकाशक सचिन शर्मा ने कहा – “यह किताब पाठकों को खड़गपुर से सिलिकॉन वैली और भारतीय स्टार्टअप हब तक ले जाती है, जहाँ आईआईटी पूर्व छात्रों का प्रभाव साफ दिखाई देता है।”
पुस्तक का टीज़र पैन आईआईटी एलुमनी इंडिया और लेखक के डिजिटल चैनलों पर उपलब्ध है। प्री-ऑर्डर अमेज़न पर शुरू हो चुके हैं और प्रकाशन के बाद यह प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और बुकस्टोर्स पर उपलब्ध होगी।

