मालवीय नगर अग्निकांड में मृतक संख्या 22,

Malviya Nagar Fire Accountant Jai Mishra Surrendered In Court As Police Widened The Investigation
दिल्ली अग्निकांड: असली-‘नकली’ मालिक का आमना-सामना करा होगी पूछताछ
मालवीय नगर अग्निकांड मामले में गेस्ट हाउस के अकाउंटेंट जय मिश्रा ने साकेत कोर्ट में समर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे और मालिक लवकेश बजाज को दो दिन की रिमांड पर लिया है। जांच में रजिस्ट्रेशन, संचालन और सुरक्षा मानक पक्षों की पड़ताल हो रही है।

नई दिल्ली 09 जून 2026 : मालवीय नगर के हौजरानी स्थित ‘फ्लोरिश स्टेट’ गेस्ट हाउस अग्निकांड के आरोपित अकाउन्टेंट जय मिश्रा (34 वर्ष) ने मंडे को साकेत कोर्ट में समर्पण कर दिया। बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम में ‘फर्जीवाड़ा’ कर लाइसेंस इसके नाम पर लिया गया था। पुलिस ने इसे दो दिन की रिमांड पर लिया है। मालिक लवकेश बजाज (58 वर्ष) को भी फिर से दो दिन की पुलिस कस्टडी में लिया गया है। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि दोनों को आमने-सामने बिठाकर ‘कई रहस्य’ खोले जाने हैं। पुलिस ने चार दिन की कस्टडी समाप्ति के बाद लवकेश बजाज को फिर से दो दिन को पुलिस कस्टडी में लिया है।

रिमांड खत्म होने पर कल होटल मालिक लवकेश बजाज और समर्पणकर्ता अकाउन्टेंट जय मिश्रा को अदालत में लायक गया। 3 जून को हौज रानी स्थित मकान नंबर 269-सी-2 में चल रहे होटल फ्लोरिश स्टेट में भीषण आग लग गई थी। इसकी चपेट में आकर 22 लोगों की मौत हो गई,जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलसे थे। शुरुआती जांच में होटल में सुरक्षा मानकों और कानूनी नियमों के पालन को लेकर गंभीर अनियमितताओं की बातें सामने आई हैं।

भगोड़े मैनेजर पर फोकस
लवकेश बजाज 4 जून को पकड़ा गया था, उसकी चार दिन की रिमांड कल समाप्त हुई । पुलिस ने रिमांड दो दिन और बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि जांच अभी निर्णायक चरण में है। कई महत्वपूर्ण पक्षों की जांच और आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ होनी शेष है। जांच में आया कि रूपेश मैनेजर था,जिसकी रोजाना के ऑपरेशन और मैनेजमेंट में सक्रिय भूमिका थी। दुर्घटना के समय वह वहीं पर था,जो भागा हुआ है और उसे पकड़ना है। रूपेश को लेकर बजाज से पूछताछ जरूरी है।

स्वामित्व की जांच
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि बी एंड बी में संचालन का रजिस्ट्रेशन और सर्टिफिकेट अकाउन्टेंट जय मिश्रा के नाम पर था। पता लगाया जा रहा है कि वास्तविक स्वामित्व बजाज के पास होने के बावजूद रजिस्ट्रेशन जय के नाम पर क्यों लिया गया। यह भी जांच का विषय है कि रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में किसकी क्या भूमिका थी और क्या किसी प्रकार की जानकारी छिपाई गई थी। इसलिए मिश्रा को भी दो दिन की रिमांड पर ले लिया। बजाज और मिश्रा को आमने-सामने बिठाकर कई महत्वपूर्ण तथ्य वेरिफाई करने हैं।

इन बिन्दुओं पर होगी पूछताछ

  • बेड एंड ब्रेकफास्ट का रजिस्ट्रेशन कैसे प्राप्त किया गया
    होटल का असली स्वामी,नियंत्रक और संचालक कौन था
    जय मिश्रा के नाम पंजीकरण का कारण क्या था
    गेस्ट रजिस्टर,रिकॉर्ड और अन्य अभिलेख कैसे रखे जाते थे
    विधिक अनुमति,सुरक्षा मानक का अनुपालन कौन कराता था
    होटल ऑपरेशन में शामिल अन्य स्टाफ की भूमिका क्या थी

कुक की जमानत याचिका निरस्त
फ्लोरिश स्टेट में आग मामले में गिरफ्तार कुक केसर सिंह नेगी (65 वर्ष) की जमानत अर्जी साकेत कोर्ट ने निरस्त कर उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। इस अग्निकांड में मृतक संख्या 22 हो गई है।
ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट भानु प्रताप सिंह के सामने कुक को लवकेश बजाज के साथ पेश किया गया था, जिसकी रिमांड दो दिन बढ़ा दी गई।
इस बीच, होटल के अकाउन्टेंट जय मिश्रा ने कल कोर्ट में समर्पण कर दिया। वह 3 जून से ही भागा हुआ था।
पुलिस को मिश्रा की भी दो दिन की रिमांड मिली है।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि आग घोर लापरवाही और एलपीजी लीकेज को ठीक से न संभाल पाने के कारण लगी थी। हालांकि, नेगी के वकील दीपक प्रकाश ने इन दावों का विरोध करते हुए कहा कि नेगी पर गलत आरोप लगाया जा रहा है।
बचाव पक्ष का कहना है कि नेगी चाय बना रहा था, तभी धमाका हुआ।
उसने फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करने की कोशिश की और तुरंत मैनेजर को सूचित किया।

फ्लोरिश स्टेट गेस्ट हाउस (Flourish Stay/Flourish Inn) दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर, हौज रानी इलाके में स्थित था। यह प्रॉपर्टी दिल्ली सरकार की ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) योजना में पंजीकृत थी, लेकिन नियमों का उल्लंघन कर इसे अवैध रूप से एक पूर्ण होटल के रूप में चलाया जा रहा था। जून 2026 में इस गेस्ट हाउस में भीषण आग लग गई थी, जिसमें कई लोगों की कष्टकारी मौत हो गई थी। इस दुखद दुर्घटना के बाद सुरक्षा मानकों (Fire NOC, वेंटिलेशन और आपातकालीन निकास) का पालन न करने और नियमों की अनदेखी के कारण अधिकारियों ने इस प्रॉपर्टी और इसके आसपास के अन्य संबंधित परिसर सील कर दिये गए थे।

ना इमरजेंसी गेट, ना वेंटिलेशन, ना कोई फायर NOC…’फ्लोरिश स्टे’ जैसे दर्जनों होटल चल रहे मालवीय नगर में देखें-GROUND REPORT

दिल्ली में मालवीय नगर इलाके में एक रेस्टोरेंट के बेसमेंट में अचानक भीषण आग लगी, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई है.
दिल्ली की होटलों में फायर सेफ्टी का रियल्टी चेक

मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग ने न सिर्फ 22 लोगों की जान ले ली, बल्कि राजधानी के रिहायशी इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध होटलों व गेस्ट हाउसों की भयावह हालत भी उजागर कर दी है। जांच में सामने आए तथ्य बेहद चौंकाने वाले व डराने वाले हैं. यहां सुरक्षा मानक ताक पर रखकर देश-विदेश से आने वाले मेहमानों की जिंदगी से सरेआम खिलवाड़ हो रहा है.

जिस फ्लोरिश स्टे होटल में यह कष्टदायी दुर्घटना हुई, उससे कुछ ही दूरी पर’फ्लोरिश इन’ गेस्ट हाउस भी है. जांच में पता चला कि इन दोनों होटलों का मालिक एक ही है.हमने जब ‘फ्लोरिश इन’ की इमारत देखी तो वहां भी लापरवाही का वही ढांचा दिखा, जो दुर्घटना के शिकार हुए होटल में था.

दिल्ली के होटलों में फायर सेफ्टी का रियल्टी चेक
इमारत का नक्शा: बेसमेंट में कैंटीन और फर्स्ट फ्लोर पर रिसेप्शन बनाया गया है. ग्राउंड + 4 मंजिला और बेसमेंट की इस इमारत में कुल 18 छोटे-छोटे कमरे बनाए गए हैं.

शून्य वेंटिलेशन: कमरों में वेंटिलेशन (हवा व रोशनी) की कोई व्यवस्था नहीं है. पूरा होटल सेंट्रलाइज्ड एसी पर निर्भर है. यहां तक कि बाथरूम में भी कोई एग्जॉस्ट फैन नहीं लगाया गया है.

फायर सेफ्टी का अभाव: 18 कमरों वाले इस पूरे होटल में कमरों के अंदर एक भी फायर एक्सटिंग्विशर (आग बुझाने का गैस सिलेंडर) मौजूद नहीं था. सिर्फ फर्स्ट फ्लोर के रिसेप्शन पर दो छोटे सिलेंडर टांग कर औपचारिकता पूरी की गई थी.

आधुनिक प्रणालियां गायब: पूरी इमारत में कहीं भी ऑटोमैटिक स्मोक डिटेक्टर या पानी छिड़कने वाला स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं लगाया गया है.

कांच की दीवारें बनीं काल: बाहर से आलीशान और सुंदर दिखाने के लिए इन होटलों की पूरी इमारत को सामने से मोटे कांच से ढक दिया गया है. ‘फ्लोरिश स्टे’ में भी यही कांच काल बन गए. आग लगने के बाद धुआं बाहर नहीं निकल पाया और दम घुटने से अधिकांश मौतें हुईं.

लिफ्ट बंद व सीढ़ियों पर आग: बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं: ज्यादातर होटलों में ऊपरी मंजिलों पर जाने व आने के लिए केवल एक संकरी सीढ़ी और लिफ्ट की व्यवस्था है. नियमों के मुताबिक आपातकालीन स्थिति के लिए एक इमरजेंसी एग्जिट होना अनिवार्य है,जो यहां कहीं नहीं दिखा.

आग लगने की स्थिति में सबसे पहले बिजली कटती है और लिफ्ट काम करना बंद कर देती है.ऐसे में सिर्फ सीढ़ी का रास्ता बचता है.यदि आग या धुआं सीढ़ी वाले हिस्से में ही फैल जाए,जैसा कि फ्लोरिश स्टे होटल में हुआ—तो ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों के पास जान बचाकर भागने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है.

दुर्घटना के बाद हड़कंप,आनन-फानन में खाली कराए गए होटल  :  फ्लोरिश स्टे में हुई मौतों के बाद पूरे इलाके के होटल संचालकों में हड़कंप मचा है. प्रशासनिक कार्रवाई व सीलिंग भय से आसपास के कई होटलों को आनन-फानन में खाली कराकर बाहर से ताले लटका दिए गए हैं.

फ्लोरिश इन होटल के सफाई कर्मचारी अमित ने बताया कि होटल में कुल 18 कमरे हैं. जैसे ही पड़ोस वाले होटल में आग लगने और मौतों की खबर आई, हमारे मैनेजमेंट ने तुरंत इस होटल को भी खाली करा दिया. जो विदेशी और घरेलू मेहमान यहां ठहरे हुए थे, उन्हें तुरंत अपना सामान समेटकर कहीं और जाने को बोल दिया गया.

मालवीय नगर व हौज रानी का यह इलाका दिल्ली के नामचीन मैक्स हॉस्पिटल के ठीक सामने है. इस अस्पताल में देश के कोने-कोने के अलावा खाड़ी देशों, अफ्रीका व अन्य विदेशी मुल्कों से बड़ी संख्या में लोग इलाज कराने आते हैं. मरीज के परिजन अस्पताल के पास ही सस्ते कमरे तलाशते हैं. इसी मजबूरी का फायदा उठाकर स्थानीय भू-माफिया व व्यवसायियों ने आवासीय भवन नियमों को ताक पर रखकर होटलों में बदल दिये है.

न तो इनके पास नगर निगम का वैध लाइसेंस है और न ही दिल्ली फायर सर्विस की NOC.इसके बावजूद दिल्ली सरकार,स्थानीय प्रशासन व कानून प्रवर्तन एजेंसियां आंखें मूंदे बैठी रहीं,जिसका दुष्परिणाम 22 लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा.

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