अब क्या करेगी सपा? सांसद सनातन पांडेय भी उप्र में जिलों के नाम परिवर्तन के पक्ष में
बलिया से भाजपा विधायक की मांग का सपा सांसद ने किया समर्थन, उठे सवाल- होगी कार्रवाई?
बलिया से समाजवादी पार्टी सांसद सनातन पांडे ने भारतीय जनता पार्टी विधायक केतकी सिंह की नाम बदलने की मांग का समर्थन कर दिया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या समाजवादी पार्टी उन पर भी कार्रवाई करेगी, जैसा वो पहले अपनी विधायक पूजा पाल और अन्य नेताओं पर कर चुकी है.
भाजपा विधायक केतकी सिंह की मांग का सपा सांसद सनातन पांडेय ने समर्थन किया है.”
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बलिया,24 अगस्त 2025,उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में नामकरण की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. जिले का नाम बदलने की मांग को लेकर राजनीति गरमा गई है. दरअसल, बांसडीह विधानसभा से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने गाजीपुर, आजमगढ़ और मऊ का नाम बदलने की मांग उठाई थी. अब इस मांग का समर्थन समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे ने कर दिया है. सपा सांसद ने कहा है कि गाजीपुर का नाम महर्षि जमदग्नि के नाम पर और बलिया का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडे के नाम पर रखा जाना चाहिए.सपा सांसद के इस बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी? यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि इससे पहले समाजवादी पार्टी ने अपने विधायकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं, जब उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या भाजपा सरकार की तारीफ की.
सपा विधायक पूजा पाल द्वारा मुख्यमंत्री की तारीफ करने पर पार्टी ने नाराजगी जताई थी. अन्य विधायकों पर भी कार्रवाई की गई है. अब लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सपा सांसद सनातन पांडे को भी इसी तरह पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा?
विवाद की शुरुआत कहां से हुई?
दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने हाल ही में शाहजहांपुर का नाम बदलने की मांग उठाई थी. उनका कहना था कि इस नाम से गुलामी झलकती है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक केतकी सिंह ने उमा भारती के बयान का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि आजादी के समय ही आक्रांताओं से जुड़े नाम हटाकर हमारे महापुरुषों के नाम पर शहरों और जिलों का नाम रखा जाना चाहिए था. उन्होंने गाजीपुर, आजमगढ़ और मऊ का नाम बदलने की भी मांग की.
केतकी सिंह ने कहा, कि क्या हमारे देश में महापुरुष नहीं हैं? शाहजहांपुर का नाम तत्कालीन आक्रामक शासकों ने अपना वर्चस्व सिद्ध करने के लिए रखा था. विदेशी आक्रामकों ने वहां के लोगों पर अत्याचार किये थे. इतिहास गवाह है कि आक्रांताओं ने हमारी पहचान छीन हमें नीचा दिखाने और हमारा मनोबल तोडने को स्थानों के नाम बदले. ऐसे में गाजीपुर, आजमगढ़ और मऊ का नाम भी बदला जाना चाहिए.
सपा सांसद सनातन पांडे का समर्थन…
भाजपा विधायक के इस बयान का बलिया से सपा सांसद सनातन पांडे ने भी समर्थन किया. उन्होंने कहा, कि जब अंग्रेजों के विरोध की बात आई तो पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडे थे जिन्होंने 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड सर्वोच्च बलिदान दिया . बलिया का नाम मंगल पांडे के नाम पर रखा जाना चाहिए.
सांसद ने आगे कहा,कि मैंने लोकसभा में भी यह मांग रखी है कि बलिया का नाम बदलकर मंगल पांडे के नाम पर रखा जाए. गाजीपुर का नाम महर्षि जमदग्नि के नाम पर किया जाए. अगर विधायक बलिया की राजनीति करती हैं तो उन्हें बलिया का इतिहास पता होना चाहिए.
अब क्या करेगी समाजवादी पार्टी?
सवाल यह है कि जिस तरह सपा ने अपने विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी, क्या वैसे ही सांसद सनातन पांडे पर भी कार्रवाई की जाएगी? या फिर पार्टी इस मामले में अलग रुख अपनाएगी? फिलहाल सपा की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जिले की राजनीति में यह बयानबाजी चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है.

