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देहरादून में अकरम एनकाउंटर: सुरेंद्र थपलियाल ने सुनाई बेटे अंकित की हत्या वाली खौफनाक रात की कहानी

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तारीख पर आया, ठेकेदार को लूटने निकला और मुठभेड़ में ढेर हुआ अकरम; 12 साल पहले किया था मर्डर
By Digital Desk
Edited By: Nirmala Bohra
Updated: Thu, 30 Apr 2026 10:56 AM (IST)

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शामली निवासी कुख्यात अपराधी अकरम देहरादून में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। अकरम पर हत्या, डकैती और लूट के कई संगीन मामले दर्ज थे, जिसमें 2014 का अंकित हत्याकांड भी शामिल है।

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संक्षेप में पढ़ें
जागरण संवाददाता, देहरादून। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए शामली निवासी अकरम के खिलाफ हत्या, डकैती, लूट जैसी संगीन अपराध के कई मुकदमे दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि किसी केस में उसकी गुरुवार को कोर्ट में डेट थी, इससे पहले ही उसने लूट की घटना को अंजाम दे दिया।
फरार चल रहे दो अन्य बदमाशों के बारे में पुलिस जानकारी ले रही है कि कहीं वह दून में हुई अंकित हत्याकांड व अन्य वारदातों में अकरम के साथ तो नहीं थे। दरअसल सितंबर 2014 में अकरम ने अपने साथियों के साथ मिलकर नकरौंदा निवासी सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र थपलियाल के घर डकैती के इरादे से घुसे थे।

बदमाश तड़के ही घर मे घुसे जिसकी भनक सहायक कृषि अधिकारी के बेटे अंकित थपलियाल को लग गई। अंकित ने बहादुरी दिखाते हुए अकरम की बंदूक छीन ली। अंकित जब बदमाशों पर भारी पड़ने लगा तो अकरम ने उसे गोली मार दी।
गुजरात भाग गया था अकरम
डकैती की साजिश हरिद्वार निवासी अखलाक ने रची थी वह डोईवाला में रहकर खनन के धंधे में लिप्त था। इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले गिरोह में शामिल नदीम को गिरफ्तार किया था जोकि मोहितनगर भगवानपुर का रहने वाला है। वर्ष 2017 में पुलिस ने बदमाश अकरम को गिरफ्तार किया था।

akram encounter surendra thapliyal narrated horrific night of son ankit murder

अंकित हत्याकांड में वह गुजरात भाग गया था। मौजूदा समय में अकरम जमानत पर चल रहा था लेकिन वारदातों को अंजाम देता रहा। इत्तफाक की यह भी है कि उस समय भी अकरम को इंस्पेक्टर नरेश राठौर ने ही पकड़ा था, जोकि बुधवार रात हुए मुठभेड़ में घायल हुए हैं।

जंगल में खून के निशान से की जा रही बदमाशों की तलाश
प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के बाद फरार हुए दो बदमाशों की तलाश में पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। जानकारी के अनुसार, भागने वाले बदमाशों में से एक को गोली छूकर निकली है, जिससे उसके घायल होने और खून बहने की आशंका जताई जा रही है।

मुठभेड़ के बाद देर रात अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भागे दोनों आरोपितों की तलाश में पुलिस ने रातभर सघन कांबिंग अभियान चलाया। जंगल क्षेत्र में खून के निशान मिलने के आधार पर भी बदमाशों की तलाश तेज कर दी गई है।

पुलिस टीमें हर संभावित ठिकाने को खंगाल रही हैं। घटना के तुरंत बाद जिले और प्रदेश की सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है, ताकि फरार बदमाश किसी भी सूरत में बाहर न निकल सकें। आसपास के थानों और पुलिस इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस के मुताबिक, फरार बदमाश हथियारों से लैस हैं और उनके तौर-तरीके पेशेवर अपराधियों जैसे हैं।

आशंका जताई जा रही है कि ये किसी सक्रिय और संगठित गिरोह से जुड़े हो सकते हैं, जो पहले भी गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल पुलिस की कई टीमें लगातार जंगल और आसपास के क्षेत्रों में दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही दोनों फरार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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अकरम के एनकाउंटर की खबर ने थपलियाल परिवार के पुराने जख्मों को ताजा कर दिया, जब डकैती के दौरान उनके बेटे अंकित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
अंकित थपलियाल की फाइल फोटो। वहीं, अंकित के हत्यारे के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे नकरौंदा क्षेत्र के निवासी।

देहरादून 30 अप्रैल 2026 ।अकरम के एनकाउंटर की खबर थपलियाल परिवार को कुछ राहत दे गई, लेकिन उस रात के जख्मों को फिर हरा कर दिया।

नकरौंदा निवासी सुरेंद्र थपलियाल उस रात के मंजर को बयां करते हुए बताते हैं कि घड़ी में करीब चार बज रहे होंगे। उन्हें बाहर कुछ आहट महसूस हुई। खिड़की से बाहर झांका तो वहां एक व्यक्ति हाथ में डंडा लिए खड़ा था।

सुरेंद्र थपलियाल बताते हैं, वह तेजी से मुख्य दरवाजे की तरफ बढ़े और वहां देखा कि चटखनी खुली है। वह उसे बंद करने ही जा रहे थे कि जोर के झटके के साथ दरवाजा खुला और बदमाश ने घर के भीतर प्रवेश कर लिया।

उन्होंने पत्नी और बेटे को आवाज लगाई ही थी कि बदमाश ने उनके सिर पर जोर से डंडा मार दिया। आवाज सुनकर पत्नी अंजनी और सास विंदेश्वरी गुसाईं भी उठकर बाहर आ गईं और बदमाश ने उनके सिर पर भी डंडे से वार कर लहूलुहान कर दिया।

शोर सुनकर उनका बेटा अंकित भी कमरे से बाहर निकल आया और बदमाश से भिड़ गया। बेटा बदमाश पर भारी पड़ने लगा तो बदमाश के पांच और साथी खिड़की के रास्ते घर में घुस आए।

Ankit Thapliyal father and mother

उन्होंने पहले ही खिड़की के पेच खोलकर पल्ले अलग कर दिए थे। सभी के पास बंदूक थी और उन्होंने अंकित को पकड़ लिया। इससे पहले कि वह कुछ कर पाते, अकरम ने अंकित को गोली मार दी।

बेटे ने सुरेंद्र के सामने दम तोड़ दिया और वह खुद जमीन पर अधमरी हालत में पड़े थे। बदमाश करीब 10 मिनट घर में रहे और लूटपाट करने के बाद दुलहनी नदी के रास्ते फरार हो गए।

जिस नदी से भागे, वहां आज भी दीवार का इंतजार
थपलियाल परिवार की पड़ोसी नीतू देवरानी ने कहा कि डकैती और अंकित की हत्या के बाद क्षेत्रवासी भी भय में थे।

नागरिकों की मांग पर सरकार ने आश्वासन दिया था कि जिस रास्ते बदमाश आए और फरार हुए, उस दुलहनी नदी क्षेत्र में दीवार बनाई जाएगी। हालांकि, यह इंतजार आज तक बरकरार है।

उस रात की कभी सुबह नहीं हुई…
रिटायर्ड सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र थपलियाल के रौबदार चेहरे पर तेज की जगह झुर्रियों ने ली है। उनके आंखों की चमक ने अब उदासी की चादर ओढ़ ली है। वह जब बात करते हैं तो आवाज में दर्द छलकने लगता है।
उनकी पत्नी अंजनी थपलियाल तो रह-रहकर बेटे को याद करते हुए गम और उदासी में कहीं खो सी जाती हैं। अब उनके बुढ़ापे की लाठी छूट चुकी है। अंकित चार बहनों का इकलौता भाई और परिवार में सबसे छोटा था।

बहनों की शादी हो चुकी है। ऐसे में अंकित ही उनके जीने का सहारा था। जिसे नियति की निर्दयता ने सुरेंद्र और अंजनी से छीन लिया।

थपलियाल दंपती अब परिवार में एक-दूसरे के सहारे बोझिल होते जा रहे दिनों को काट रहे हैं। उनके ड्राइंग रूम में अंकित की तस्वीर टंगी है। जब भावनाओं का ज्वार चरम को पार कर जाता है तो सुरेंद्र और उनकी पत्नी अंजनी बेटे की तस्वीर के आगे अनुत्तरित सवालों के साथ खड़े हो जाते हैं।

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