खजानदास के पुत्र के सुरेश्वरी मंदिर में हुए विवाद को लेकर क्या विवाद है?

Minister Khajan Das Son Gets Married at Temple Inside Tiger Reserve Photos and Videos Go Viral Strict Action Taken Over Minister Khajandas’s Son’s Wedding at Sureshwari Devi Temple in Forest Area; Case RegisteredOpposition to marriage of minister son in temple of Rajaji Tiger Reserve area case filed
चर्चाओं के बीच टाइगर रिजर्व के मंदिर हुई मंत्री के बेटे की शादी, फोटो-वीडियो खूब हुए वायरल

कैबिनेट मंत्री खजान दास केे बेटे की शादी की तैयारियां मां सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर में शुरू हुईं तो कुछ प्रतिबंधित सामान भी वहां पहुंच गया। मंदिर परिसर को शादी की तरह सजाया गया भी था।

मंदिर में शादी

चर्चाओं के बीच प्रदेश के कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी राजाजी टाइगर रिजर्व के मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में संपन्न हो गई, लेकिन शादी के लिए रिजर्व फॉरेस्ट में ले जाए गए सामान के फोटो-वीडियो सोशल-मीडिया पर खूब वायरल हुए।

टाइगर रिजर्व में मंत्री के बेटे की शादी; मंदिर समिति पर केस, वन कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब

टाइगर रिजर्व में मंत्री के बेटे की शादी; मंदिर समिति पर केस, वन कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब

राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंदिर में कैबिनेट मंत्री खजानदास के बेटे के विवाह समारोह से जुड़े इंतजाम को लेकर पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसके बाद विभाग ने सख्ती दिखाई ।

कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी राजाजी टाइगर रिजर्व के मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में होने के मामले में वन विभाग ने मंदिर समिति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं, टाइगर रिजर्व के प्रभारी निदेशक ने वन कर्मियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।

शनिवार को कैबिनेट मंत्री खजान दास केे बेटे की शादी की तैयारियां मां सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर में शुरू हुईं। कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर पंडाल, कुर्सी, खाना बनाने का सामान, कूलर, जनरेटर आदि समेत कई ऐसी चीजों की फोटो वायरल होने लगीं, जो टाइगर रिजर्व में नहीं ले जाई जा सकती।

रविवार को शादी होने की सूचना पर अफसरों ने पंडाल ( संरक्षित क्षेत्र में अस्थाई संरचना का निर्माण) आदि हटवा दिया। मामले में वन विभाग ने मंदिर समिति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया तो वहीं राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रभारी निदेशक राजीव धीमान ने बताया कि मामले पार्क वार्डन से वन कर्मियों को स्पष्टीकरण लेकर आख्या देने को कहा गया है। इस संबंध सभी पहलू को देखते हुए कार्रवाई की जा रही है।

मंदिर समिति से शादी की अनुमति ली गई थी। मैंने राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक को भी आमंत्रित किया था। ऐसा कोई कार्य नहीं किया है, जो नियमों का उल्लंघन हो। माता का आशीर्वाद बेटे पर रहा है, इसी से वह ठीक हुआ है, इसलिए, मेरा ध्येय माता के मंदिर में शादी का रहा।
-खजान दास, कैबिनेट मंत्री

किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ। मंत्री के बेटे की शादी मंदिर में संस्कार की तरह सादगी के साथ हुई। मंदिर परिसर में ही भंडारा किया गया, जो सभी के लिए होता भी है।
-आशीष मारवाड़ी, मंत्री, मंदिर समिति

सिर्फ भंडारे की अनुमति ली गई थी। सूचना मिलने पर प्रतिबंधित सामान उठवा दिया गया था। प्रकरण में मंदिर समिति के पदाधिकारियों पर केस दर्ज कर लिया गया है।
-अजय लिंगवाल, वार्डन, राजाजी टाइगर रिजर्व

राजाजी टाइगर टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज के रानीपुर गेट के अंदर राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल में मां सुरेश्वरी देवी मंदिर स्थित है। हालांकि, यह रिजर्व फॉरेस्ट होने के कारण शाम पांच बजे के बाद प्रवेश नहीं किया जा सकता है। मंदिर में ऐसे सामान भी नहीं ले जा सकते हैं, जिससे वन्यजीव प्रभावित हो।। न ही ऐसा कोई कार्यक्रम किया जा सकता है। मंदिर में श्रद्धालु निर्धारित समय तक पूजा-अर्चना के लिए जा सकते हैं। लेकिन शनिवार को कैबिनेट मंत्री खजान दास केे बेटे की शादी की तैयारियां मां सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर में शुरू हुईं तो कुछ प्रतिबंधित सामान भी वहां पहुंच गया।

मंदिर परिसर को शादी की तरह सजाया गया भी था। वीआईपी के लोगों के बैठने और भोजन से जुड़ी व्यवस्थाएं की गई थीं। कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर शादी की तैयारी के फोटो-वीडियो वायरल होने शुरू हो गए। जिसके बाद हरकत में आए वन विभाग ने कार्रवाई की। रविवार को मंदिर में मंत्री के बेटे अनुज और सरिता शादी के बंधन में बंध गए। शादी में नवदंपत्ति को आशीर्वाद देने के लिए काफी लोग भी पहुंचे और शादी के बाद भंडारे का आयोजन भी हुआ।

मंदिर प्रवेश के गेट किए गए बंद
रानीपुर गेट से मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में जाने के लिए प्रवेशद्वार बनाया गया है। जिस पर श्रद्धालुओं से शुल्क वसूलकर प्रवेश दिया जाता है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मंदिर के प्रवेशद्वार को रविवार दोपहर में बंद कर दिया गया। इससे कई श्रद्धालु परेशान भी हुए। वहीं पार्क वॉर्डन के अनुसार गेट सभी के लिए खुला हुआ था।

…कैसे पहुंचा प्रतिबंधित सामान
रानीपुर गेट के मुख्य प्रवेशद्वार पर वन विभाग की टीम तैनात रहती है। जिसकी ओर से प्रवेशद्वार से प्रतिबंधित सामान को ले जाने नहीं दिया जाता है लेकिन शनिवार से ही गेट से प्रतिबंधित सामान जाता रहा। इस पर भी राजाजी टाइगर रिजर्व के वन कर्मचारियों की जाने वाली चेकिंग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

हरिद्वार का सुरेश्वरी देवी मंदिर एक अत्यंत प्राचीन सिद्धपीठ है। हालांकि इसकी स्थापना की कोई सटीक ऐतिहासिक तिथि दर्ज नहीं है, लेकिन पौराणिक मान्यताओं और ग्रंथों के आधार पर इसकी प्राचीनता का अंदाजा लगाया जा सकता है: ​ऐतिहासिक और पौराणिक संदर्भ ​स्कंद पुराण में उल्लेख: इस मंदिर का वर्णन स्कंद पुराण के केदारखंड में मिलता है, जो इसे हिंदू धर्म के सबसे पुराने तीर्थ स्थलों में से एक बनाता है। ​देवराज इंद्र से संबंध: पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवराज इंद्र (सुरेश) ने यहाँ भगवती की कठिन तपस्या की थी। माता ने इसी स्थान पर प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिए थे, जिसके कारण उनका नाम ‘सुरेश्वरी’ पड़ा। ​प्राचीन सिद्धपीठ: इसे प्राचीन काल से ही एक जाग्रत सिद्धपीठ माना जाता है, जहाँ ऋषि-मुनि आध्यात्मिक शांति के लिए आते रहे हैं। ​मुख्य जानकारी ​स्थान: यह मंदिर हरिद्वार के पास रानीपुर क्षेत्र में राजाजी टाइगर रिजर्व (नेशनल पार्क) के घने जंगलों के बीच सूरकूट पर्वत पर स्थित है। ​महत्व: श्रद्धालुओं के बीच यह मान्यता है कि यहाँ दर्शन करने से चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है। ​वास्तुकला: मंदिर की वर्तमान संरचना पारंपरिक पहाड़ी शैली में है, जहाँ तक पहुँचने के लिए मुख्य मार्ग से थोड़ी पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। ​चूँकि यह मंदिर राजाजी नेशनल पार्क के अंदर है, इसलिए यहाँ जाने के लिए समय (अक्सर सुबह 8:00 से शाम 5:00 बजे तक) और सुरक्षा नियमों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है।

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