मौहम्मद अली की घर वापसी,आयुष मलिक ने परिजनों के साथ घर में की पूजा
शामली धर्मांतरण केस में नया ट्विस्ट, आयुष मलिक की ‘घर वापसी’, मोहम्मद अली से फिर बना हिंदू
शामली के आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में नया मोड़ सामने आया है. मोहम्मद अली नाम अपनाने वाले आयुष मलिक ने दोबारा सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है. आयुष के पिता देवराज मलिक ने पहले आरोप लगाया था कि बेटे का धर्म परिवर्तन करोड़ों की संपत्ति पर कब्जे की साजिश का हिस्सा था.
आयुष मलिक केस में घर वापसी के बाद बदली कहानी, चांदनी कुरैशी से निकाह के आरोप.
शामली, 29 जून 2026,उत्तर प्रदेश के शामली में आयुष मलिक के धर्मांतरण मामले में नया मोड़ सामने आया है. धर्म परिवर्तन के बाद मोहम्मद अली नाम से पहचाने जाने वाले आयुष ने दोबारा हिंदू धर्म अपना लिया है. उनकी घर वापसी के बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें उन्होंने कहा कि अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था, लेकिन परिवार वालों की परेशानी देखते हुए दोबारा सनातन धर्म अपना रहे हैं.
एक वीडियो लगा है, जिसमें वह दाढ़ी–बाल मुंडवाकर पूजा करते हुए नजर आ रहा है.
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इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह कहता दिख रहा है कि मैं अपने-पिता के प्यार की छांव में रहना चाहता हूं। इसलिए, मैंने सनातन धर्म अपनाने यानी घर वापसी का फैसला लिया है। पहले उसने इस्लाम धर्म के प्रति अपनी आस्थ जताई थी। हालांकि, विवाद गहराने के बाद से ही आयुष मलिक कैमरों से दूर हो गया था। माना जा रहा था कि उसकी काउंसलिंग चल रही है। वहीं, इस वीडियो के सामने आने के बाद से आयुष मलिक की चर्चा गरमा गई है।
आयुष मलिक की घर वापसी का किया जा रहा है दावा (फोटो: वीडियो ग्रैब)
वीडियो में मांगी है माफी
दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मालिक ने एक बार फिर हिंदू धर्म में वापसी करने का दावा किया है। उन्होंने सोमवार को जारी वीडियो में कहा कि मां की परेशानी को देखते हुए मैंने अपनी मर्जी से अपने मूल धर्म हिंदू धर्म में वापस आ गया हूं। आप लोग मुझे माफ कर दीजिएगा। वीडियो में आयुष अपने घर में बने मंदिर में पूजा करते हुए नजर आए। वह मंदिर में आरती की। वीडियो में आयुष दिया जलाते हुए दिखे। इसके बाद हनुमान जी को तिलक लगाया। पूजा के बाद उन्होंने अपनी मां का पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
5 साल पहले किया था निकाह
आयुष ने 5 साल पहले जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी से निकाह कर लिया था। आरोप है कि चांदनी ने आयुष को धन के लालच में फंसाकर धर्मांतरण कराया। आयुष ने मुस्लिम धर्म अपना परिवार से नाता तोड़ लिया था। वह नमाज पढ़ने लगा था। आयुष दाढ़ी बढ़ा टोपी पहनने लगा था। मामले में पिता देवराज मलिक ने चांदनी और उसके पिता समेत 10 लोगों पर मुकदमा कराया। इसके बाद चांदनी और उसके पिता को गिरफ्तार किया गया।
क्या है पूरा प्रकरण?
दयानंद नगर के रहने वाले देवराज मलिक शामली जिले के केमिस्ट्री संगठन के अध्यक्ष हैं। उनका बेटा आयुष बी-फार्मा करने के बाद मेडिकल स्टोर चलाता है। पुलिस का कहना है कि इस कहानी की शुरुआत 5 साल पहले हुई थी। आयुष तब कुरैशी प्लस जिम जाना शुरू किया। वहां उसकी चांदनी से दोस्ती गहरी हुई। दरअसल, चांदनी का पिता जूस का ठेला लगाया था। चांदनी और आयुष की मुलाकात वर्ष 2022 में एक फिजियोथेरेपी सेंटर पर हुई थी। वहीं दोनों ने एक दूसरे का नंबर लिया और फिर दोनों में बात शुरू हो गई।
चांदनी खुद को काफी अमीर दिखाती थी। वह बिल्कुल अलग अंदाज में रहती थी। उसने आयुष को प्रेमजाल में फंसाना शुरू किया। जिम में नजदीकी बढ़ी और लव अफेयर शुरू हो गया। बाद में दोनों ने चोरी-चुपके शादी कर दी। इसके बाद आयुष का धर्म परिवर्तन करा दिया गया।
4 जून को गरमाया मामला
मामला 4 जून को मुजफ्फरनगर के योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर ने उठाया। उन्होंने मेडिकल स्टोर के मालिक के इकलौते बेटे आयुष मालिक के चांदनी कुरैशी के प्यार में पड़कर धर्म परिवर्तन की बात कही। उन्होंने दावा किया कि दबाव में आकर पूरे परिवार ने धर्म परिवर्तन कर लिया है। इसके बाद हिंदू संगठनों का विरोध शुरू हुआ। आयुष के पिता देवराज मलिक सामने आए। उन्होंने कहा कि हमने धर्म परिवर्तन नहीं किया है। हम लोग अभी भी हिंदू हैं।
बेटे आयुष के धर्मांतरण मामले में देवराज मलिक ने 6 जून को थाने पहुंचकर प्राथमिक की दर्ज कराई। इसमें चांदनी कुरैशी, उसके पिता समेत 10 नामजद और तीन अन्य पर केस दर्ज कराया गया। मामला गरमाने के बाद अब चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। साथ ही उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर भी कानूनी शिकंजा कसा है। पुलिस दिल्ली से मुंबई तक केस की छानबीन कर रही है।
आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक का दावा है कि उनके बेटे ने फिर से सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है. इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि चांदनी कुरैशी नामक मुस्लिम लड़की और उसके पिता इस्लाम कुरैशी ने साजिश के तहत आयुष मलिक का ब्रेन वॉश किया था. करोड़ों रुपए की जायदाद हड़पने के मकसद से आयुष को मोहम्मद अली बनाया और परिवार से दूर करने की कोशिश की गई.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया था. दोनों पर उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम में मुकदमा लिखा गया था. यह केस देवराज मलिक की शिकायत पर हुआ था. उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनका बेटा आयुष मलिक मेडिकल स्टोर को संभालने में मदद करता था।
आयुष मलिक ने बताया मोहम्मद अली क्यों और कैसे बने?
चांदनी कुरैशी के संपर्क में आने के बाद बदल गया. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आयुष को रिश्ते में फंसाकर धीरे-धीरे आस्था परिवर्तन को तैयार किया गया. आयुष और चांदनी की पहली मुलाकात साल 2018 में एक हॉस्पिटल में हुई थी. उस समय आयुष पैर की चोट का इलाज कराने गया था.फिर दोनों में रिश्ता बन गया. इसके बाद चांदनी के परिवार के लोग उसे प्रभावित करने लगे.
शिकायत के मुताबिक, साल 2023 में आयुष को दिल्ली ले जाया गया. वहां उसका धर्म परिवर्तन कराया गया. इसके बाद उसका नाम मोहम्मद अली रख दिया गया. दिल्ली में एक निकाह समारोह हुआ था. हालांकि, जांच के दौरान कोई मैरिज सर्टिफिकेट बरामद नहीं हुआ था. लेकिन धर्म परिवर्तन के बाद आयुष ने दाढ़ी बढ़ाने, पांच बार नमाज पढ़ने और कपड़े बदलने जैसे इस्लामी रीति-रिवाज अपनाए.
पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के साथ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में भी मुकदमा लिखा था. गिरफ्तार किए गए चांदनी कुरैशी और इस्लाम कुरैशी के अलावा FIR में परिवार के कई अन्य सदस्यों और दो अज्ञात मौलवियों का भी नाम शामिल है. फिलहाल आयुष मलिक की घर वापसी के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है.

