रामदेवगरबा में मुसलमानों की एंट्री बैन क्यों, खुले में नमाज वर्जना क्यों? जानें बाबा रामदेव का जवाब

India TV9 Satta Sammelan Why is the entry of Muslims banned from Garba Find out Baba Ramdev response
टीवी9 सत्ता सम्मेलन में बाबा रामदेव ने धार्मिक विभाजन को अस्वीकार करते हुए गरबा में मुस्लिम प्रवेश और खुले में नमाज़ पर बात की. यही नहीं, रामदेव ने UGC नियमों पर भी अपनी राय रखी और ब्राह्मणों को जन्म से नहीं, बल्कि तेज बुद्धि व कर्म से जोड़ा. उन्होंने समाज में भाईचारा और निजता के सम्मान पर जोर दिया.
बाबा रामदेव

TV9 Satta Sammelan 2026: TV9 भारतवर्ष के सत्ता सम्मेलन में बाबा रामदेव शामिल हुए. इस बीच उनसे सवाल किया गया कि गरबा में मुसलमानों की एंट्री पर क्यों बैन लगाया जाता है और खुले में नमाज को क्यों मना किया जाता है? इस सवाल के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा कि इस तरह की बातें विभाजनकारी हैं. मक्का-मदीना में गैर मुस्लिमों का प्रवेश क्यों वर्जित है, इसका क्या उत्तर दिया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि हमें मक्का-मदीना जाकर भी क्या करना है. “तेरे पूजन को भगवान बना मन मंदिर आलीशान”. हमारे अंदर ही भगवान है. हमें मक्का-मदीना और वेटिकन सिटी जाने की जरूरत नहीं है. ये अविवेकपूर्ण उदारता भी बहुत खतरनाक है. क्या किसी ने मस्जिद में ओम नमः शिवाय, गायत्री मंत्र या फिर महा मृतुंजय मंत्र का पाठ सुना है, तो क्या आप सभी मंदिरों में नमाज पढ़वाएंगे? वो अपनी महिफिलों में आनंद करें. हर व्यक्ति अपने परिवार में मस्त है. कोई किसी के घर में घुस जाए ये ठीक नहीं है. अपने-अपने मस्जिद-मंदिर खूब सजाएं, लेकिन सार्वजनिक रूप से कोई घृणा मत फैलाएं.

स्वामी रामदेव ने कहा कि जो लोग घृणा फैलाते हैं वे आपस में भाई-चारे का नारा देंगे और फिर दूसरों को चारा और बेचारा समझते हैं. ये बहुत गड़बड़ है. मजहती तौर पर घृणा फैलाने वाले लोग अपने मंसूबे पूरे करने के लिए दूसरों में मारकाट कर देते हैं और फिर उदारता की बात करते हैं. सभी को अपनी-अपनी निजता का सम्मान करना चाहिए.

UGC मसले पर बाबा रामदेव ने दिया ये जवाब
वहीं, स्वामी रामदेव से पूछा गया कि UGC नियम पर संग्राम छिड़ा हुआ है, इसको आप कैस तरीके से देखते हैं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि UGC के पक्ष और विरोध में जो भी बोलेगा उसको लोग सुनाएंगे. मुझे इसकी चिंता नहीं है. जाति-वर्ग के समुदाय के नाम पर कोई कानून नहीं बनना चाहिए. कोई भी किसी को ना सताए. मेरा बस इतना ही कहना है.

ब्राह्मणों को लेकर क्या बोले बाबा रामदेव?
वहीं, उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर कई विवाद पर कहा कि ब्राह्मण कोई जाति नहीं है, जो दिमाग से बहुत शार्प होते हैं उन्हें ब्राह्मण कहा जाता है. इनका बहुत बड़ा योगदान रहा है. हर जाति और हर वर्ग के लोगों का अलग-अलग काम है. मैं दिमाग से ब्राह्मण हूं, शक्ति से क्षत्रिय हूं, मैं महादलित हूं क्योंकि मैं सबकी सेवा करता हूं. सबको एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए. सिर से कोई पंडित पैदा नहीं होता. सब मां के पेट से पैदा होते हैं. तार्किक रूप से समझोगे तो कोई भेद नहीं होना चाहिए.

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