रालोद की रामपुर मनिहारान स्वाभिमान रैली

स्वाभिमान रैली के बहाने रालोद का पश्चिमी यूपी में शक्ति प्रदर्शन

सहारनपुर। प्रदेश में अभी विधानसभा चुनाव दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जमीन तलाशनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में रामपुर मनिहारान के गोचर कृषि इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित स्वाभिमान रैली से रालोद ने सियासी हलचल बढ़ा दी। रैली में उमड़ी भीड़ के जरिए रालोद ने सिर्फ अपनी ताकत नहीं दिखाई, बल्कि सहारनपुर से पश्चिमी यूपी की राजनीति में अपनी हिस्सेदारी का दावा भी पेश किया। मंच से सपा पर हमले और अखिलेश यादव के बयान का पलटवार इस शक्ति प्रदर्शन को और राजनीतिक बना गया। इस रैली को 2027 के चुनाव का आगाज भी माना जा रहा है।

रालोद अध्यक्ष व केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी के लिए भी यह रैली कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। मैदान में जुटी भीड़ ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा तो जयंत चौधरी भी इससे गदगद नजर आए। रैली के लिए सहारनपुर के साथ पश्चिमी यूपी के कई जिलों से पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। इससे पार्टी ने कार्यक्रम को स्थानीय आयोजन के बजाय शक्ति प्रदर्शन का रूप देने की कोशिश की।

इस रैली की पटकथा कहीं न कहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान को जोड़कर भी देखी जा रही है। अखिलेश यादव के बयान के बाद सपा नेताओं की ओर से रालोद को बड़ौत-बागपत तक सीमित बताने की चर्चा सामने आई थी। सहारनपुर में रालोद के प्रभाव पर भी सवाल उठाए गए। इसके जवाब में रामपुर मनिहारान में बड़ी भीड़ जुटाकर जयंत चौधरी के नेतृत्व में रालोद ने अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई। मंच से सपा पर निशाना साधते हुए रालोद नेताओं ने छह सितंबर को प्रस्तावित अखिलेश यादव की रैली स्थगित होने पर भी चुटकी ली। राजनीतिक संदेश साफ था कि रालोद को पश्चिमी यूपी के एक सीमित इलाके की पार्टी मानना सही नहीं होगा।
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— रैली से गुर्जर समीकरण पर भी नजर
गोचर कृषि इंटर कॉलेज प्रबंध समिति की तरफ से बुलाई गई इस रैली में गुर्जर समाज को साधने की कोशिश भी रही। रालोद ने किसान, सामाजिक सम्मान और चौधरी अजित सिंह की विरासत को प्रमुखता देकर इस वर्ग तक पहुंच बनाने का प्रयास किया। दरअसल, 2027 में रालोद के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रभाव का विस्तार करने की होगी। पार्टी यदि जाट-किसान आधार के साथ गुर्जर और अन्य ग्रामीण वर्गों को जोड़ने में सफल होती है तो पश्चिमी यूपी में उसका राजनीतिक प्रभाव बढ़ सकता है।

आने वाले समय में दिखेगा चुनावी समीकरण
इस रैली से रालोद ने शक्ति प्रदर्शन कर अपनी राजनीतिक क्षमता का संकेत जरूर दिया है, लेकिन चुनावी राजनीति में असली परीक्षा आने वाले दिनों में होगी। रैली में जुटी भीड़ को बूथ स्तर के संगठन और वोट में बदलना पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। अब यह शक्ति प्रदर्शन 2027 के चुनावी समीकरण में कितना असर डालता है, इसकी दिशा आने वाले महीनों की राजनीति तय करेगी।
सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में गोचर कृषि इंटर कॉलेज के मैदान में आज केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी की स्वाभिमान रैली आयोजित की जा रही है। रैली को लेकर सुबह से ही समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। जयंत चौधरी अपनी पत्नी चारू चाैधरी और बेटी के साथ कार्यक्रम में पहुंचे हैं।

चारू चाैधरी लाल रंगी की काले बाॅर्डर वाली साड़ी में मंच पर साथ दिखीं तो बेटी गुलाबी और नारंगी रंग के सूट में नजर आई। वहीं विधानसभा चुनाव-2027 से पहले रालोद की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आयोजित इस रैली को रालोद के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

50 हजार लोगों की क्षमता वाला पंडाल किया गया तैयार
गोचर कृषि इंटर कॉलेज के मैदान में रैली के लिए बड़ा पंडाल तैयार किया गया है। बिजनौर सांसद चंदन सिंह चौहान ने बताया कि पंडाल में करीब 50 हजार लोगों के बैठने की क्षमता है। मंच, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग और सुरक्षा समेत अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
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रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुबह तक भी तैयारियों में जुटे रहे। सुबह से ही जयंत को सुनने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। रैली स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
जयंत चाैधरी की स्वाभिमान रैली
गुर्जर समाज को साधने की कोशिश
रालोद की इस रैली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। रालोद नेताओं का कहना है कि स्वाभिमान रैली के माध्यम से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।

जयंत चाैधरी की स्वाभिमान रैली
2027 के लिए रणनीति का संदेश देने की तैयारी
विधानसभा चुनाव-2027 से पहले आयोजित हो रही इस रैली में पार्टी की आगामी रणनीति का संकेत मिलने की उम्मीद है। रालोद नेताओं के मुताबिक रैली के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव को लेकर दिशा और रणनीति का संदेश दिया जाएगा।

सांसद और विधायकों ने किया जनसंपर्क
रैली को लेकर रालोद के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार किया। बागपत सांसद राजकुमार सांगवान ने भी बुधवार को दलबल के साथ क्षेत्र के कई गांवों में जनसंपर्क किया और लोगों से रैली में पहुंचने की अपील की।

रालोद नेताओं ने बताया कि पार्टी की राष्ट्रीय सचिव रमा नागर, प्रदेश महासचिव महिला शाखा अनीता चौधरी और पूनम शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी भी रैली की तैयारियों में जुटे हैं। इन नेताओं ने दावा किया कि स्वाभिमान रैली उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी रैली होगी।

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