सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद:योगी आदित्यनाथ पर अपशब्द, हुदा जरीवाला को जेल,जमानत
यूट्यूबर और सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला (फाइल फोटो)
सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कथित अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता और यूट्यूबर हुदा जरीवाला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। थाना सदर बाजार पुलिस ने उन्हें शांतिभंग में चालान कर जेल भेज दिया। मुकदमा अधिवक्ता दुष्यंत सिंह की तहरीर पर दर्ज किया गया है। दिल्ली में दो महिला पत्रकारों की पिटाई के बाद अपने तेवर और बयानों से चर्चा में आई खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार व यूट्यूबर बताने वाली हुदा जरीवाला सोमवार को सहारनपुर सर्किट हाउस पहुंची थीं।
सहारनपुर सर्किट हाउस में सपा प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने को लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से बहस हो गई। महिला पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया तो वह हाथ लगाए जाने पर भड़क उठीं और जमकर हंगामे किया। फिर सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर के जिलाधिकारी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रही थी।
बयानबाजी पड़ गई भारी
उसने कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद ध्वस्तीकरण पर भी खूब बयानबाजी की। वीडियो वायरल होने से मामला चर्चित हो गया। इसे लेकर एक अधिवक्ता ने पुलिस को लिखित शिकायत करते हुए मामले को संवेदनशील और शांति को खतरा बताया। पुलिस ने वीडियो और शिकायत के आधार पर हुदा जरीवाला को हिरासत में ले शांतिभंग में कार्रवाई कर जेल भेज दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह के अनुसार दुष्यंत सिंह की शिकायत पर हुदा जरीवाला पर मुकदमा लिखा गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और टिप्पणी की जांच हो रही है। हुदा जरीवाला को पकड़ शांतिभंग में चालान किया गया है। मामले में साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
भड़काऊ पोस्ट डाली तो कसेगा शिकंजा
कलक्ट्रेट परिसर मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक, भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट डालकर वातावरण बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर तत्काल कार्रवाई होगी। पुलिस की साइबर टीम लगातार सोशल मीडिया पर नजर रखे है। पुलिस अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को लेकर निगरानी और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।
किसी पोस्ट, वीडियो या संदेश से अफवाह फैलाने अथवा लोगों को भड़काने की कोशिश सामने आई तो कार्रवाई होगी। पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार गतिविधिययां देख रही है और संदिग्ध सामग्री पर नजर बनाए है। मस्जिद ध्वस्तीकरण बाद संवेदनशील वातावरण देख सोशल मीडिया को लेकर पुलिस विशेष रूप से सतर्क है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाली हुदा जरीवाला को पुलिस ने पकड़ा है। सहारनपुर पुलिस का यह एक्शन सामने आया है। वकील दुष्यंत सिंह की शिकायत पर थाना सदर बाजार में मुकदमा लिखा था। इसमें आरोप लगाया गया कि हुदा जरीवाला ने मुख्यमंत्री योगी और सहारनपुर जिलाधिकारी को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी की। मामले में आरोपित की गिरफ्तारी कर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट जांची जा रही है। इसी मामले में मौलाना साजिद रशीदी का बयान सामने आया जिसमें उन्होंने हुदा जरीवाला को माफ करने की अपील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। वहीं,अपमानजनक टिप्पणी मामले में पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला को कोर्ट से बेल मिल गई है। उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया ।
मौलाना रशीदी ने क्या कहा?
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने हुदा जरीवाला को माफ करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि हुदा जरीवाला पत्रकार और समाजसेवी हैं। आपने इनको दिल्ली के साकेत में दो पत्रकारों के साथ पुलिस की अभद्रता के खिलाफ लड़ते और जूझते देखा होगा। वह समाजसेवी हैं। सहारनपुर पहुंचीं और सहारनपुर पहुंचकर पत्रकारों के सामने कुछ ऐसी अनर्गल बातें की,जो संवैधानिक पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति के लिए नहीं करनी चाहिए।
मौलाना रशीदी ने कहा कि हुदा ने मुख्यमंत्री योगी को कुछ गलत बातें बोल दी। इस पर पुलिस ने उनको पकड़ जेल भेज दिया। मैं सरकार से आग्रह करना चाहता हूं कि उन्हें माफ कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां को गालियां दिए जाने के मामले को याद किया। प्रधानमंत्री ने उनको माफ कर दिया था।
बड़ा दिल दिखाने की अपील
मौलाना साजिद रशीदी ने मुख्यमंत्री योगी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह हुदा जरीवाला मामले में भी बड़ा दिल दिखाने की अपील कर कहा कि हुदा समाजसेवी हैं। कुछ बातें जुबान से निकल जाती हैं। प्रधानमंत्री ने भी कहा था कि वह लड़के क्या,जिनसे गलतियां न हो। लड़की से भी गलती हो गई है। उसे छोड़ दें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान नहीं दिए जाने चाहिए। लेकिन,मेरा मानना है कि कुछ गलतियों को माफ कर देना चाहिए। इस प्रकार के एक्शन निजी इंतकाम बन जाते हैं और निजी इंतकाम किसी भी शासक को नहीं लेना चाहिए।
7 को हुआ एक्शन
सहारनपुर पुलिस के अनुसार,समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सहारनपुर आने पर 7 सितंबर को हुदा जरीवाला सर्किट हाउस पहुंची। सुरक्षा को महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो उन्होंने पुलिस से बहस और हंगामा करने लगी। पुलिस ने उन्हें शांतिभंग की धाराओं में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जिला जेल भेजा गया।
मामले में पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल ने हुदा जरीवाला के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर शिकायत मिलने की पुष्टि की। इसके आधार पर मुकदमा लिख कार्रवाई हुई। पुलिस बयान की जांच कर रही है। वहीं, मौलाना रशीदी का बयान आया तो मामले फिर चर्चा में आ गया ।

