50 वर्ष पूर्व:पागल हैं कि दूसरा पाकिस्तान बसा दें?अब फिर 40 हजार वर्ग फुट जगह कराई खाली

Faiz-e-Ilahi Mosque Demolition Drive  तुर्कमान गेट इलाके में किसने चलाए पत्‍थर, 6 के नाम आए सामने, वीडियो वायरल करने वाला भी बेनकाब
दिल्‍ली में प्रशासन की नाक के नीचे अतिक्रमण किया जाता है और फिर उस पर निर्माण भी कर उसका कमर्शियल फायदा उठाया जाता है. अब ऐसे ही अवैध कब्‍जा मामले में दिल्‍ली हाईकोर्ट के आदेश पर MCD का बुलडोजर चला है.
तुर्कमान गेट के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने को बुलडोजर एक्‍शन जारी है.
दिल्ली के रामलीला मैदान क्षेत्र के तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार तड़के तब तनाव फैल गया, जब एक मस्जिद के पास चल रहा अतिक्रमण विरोधी अभियान हिंसक हो गया. इसमें दिल्ली पुलिस के कम से कम पांच जवान घायल हो गए. हालात बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर स्थिति काबू करनी पड़ी. आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों से की जा रही थी. अभियान सैयद फैज-ए-इलाही मस्जिद और उससे सटे कब्रिस्तान के पास सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने को चलाया गया था. सुबह-सुबह शुरु हुई कार्रवाई में बड़ी संख्या में पुलिस बल और एमसीडी अधिकारी रहे.
कार्रवाई बीच कुछ लोगों ने विरोध कर दिया, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया. भीड़ ने पुलिस और निगम कर्मचारियों पर पत्थरबाजी की. अचानक हुई पत्थरबाजी से वहां अफरा-तफरी मच गई और पुलिसकर्मियों को चोटें आईं. घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि अभियान से पहले व्यापक कानून-व्यवस्था के प्रबंध किए गए थे.  वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगाये गए थे और विभिन्न जोनों में अतिरिक्त बल अलर्ट पर रखे गये थे. इसके अलावा किसी भी तरह के टकराव से बचने को स्थानीय शांति समितियों के सदस्यों के साथ समन्वय बैठकें भी की गई थीं.
घटना बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने को  संयमित बल प्रयोग किया. कुछ समय में हालात काबू कर इलाके में सामान्य स्थिति यथावत कर दी गई. पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय या धार्मिक स्थल को निशाना बनाने का सवाल नहीं है और पूरी कार्रवाई अदालती आदेशों के पालन में की जा रही थी. अभी सुरक्षा के कड़े प्रबंध हैं और अतिरिक्त पुलिस बल भी है. पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है. घटना की वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य जांचे जा रहे  है, ताकि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर आगे कानूनी कार्रवाई हो सके.

तुर्कमान गेट पर मस्जिद पर हाई डेमोलिशन ड्राइव पर क्या बोले MCD मेयर राजा इकबाल
दिल्ली नगर निगम के मेयर राजा इकबाल ने तुर्कमान गेट के पास हाईकोर्ट के आदेश पर हुए डेमोलिशन ड्राइव पर कहा कि साल 1940 में 900 स्क्वायर मीटर जगह एलएनडीओ ने कब्रिस्तान को दी, जिसके पेपर्स हैं कमेटी के पास है. उस जगह मस्जिद बन गई. मस्जिद बनने पर साथ में रामलीला ग्राउंड में बहुत बड़ी इंक्रोचमेंट हो गई. अवैध निर्माण में बैंक्वेट हॉल और दूसरी फैसिलिटीज चलती थी.  रामलीला ग्राउंड खाली करवाने का मामला हाईकोर्ट गया जिसमें  मैनेजमेंट कमेटी के लोग भी गए. वह अपने डॉक्यूमेंट लाए और ऑनरेबल हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अवैध निर्माण हटाया जाए । म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने अवैध निर्माण हटाया तो इसलिए कि हाईकोर्ट का आदेश था. म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने आदेश का पालन किया. पूरे देश में कार्पोरेशन अवैध निर्माण हटाता है. आगे भी अवैध निर्माण म्युनिसिपल कारपोरेशन हटायेगा. डेमोलिशन ड्राइव सुबह की बजाए आधी रात किए जाने पर मेयर ने कहा कि यह रात-दिन वाली बात नहीं. अवैध निर्माण हटना था, तो हटा दिया. ड्राइव में पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी पर मेयर ने कहा कि  हम किसी चीज पर अपना एंगल डिफरेंट करके देखते हैं, क्योंकि धार्मिक नेता, राजनीतिक नेता. वो अपनी-अपनी रोटियां सेकते हैं वो किस एंगल से लोगों को गुमराह करते हैं. आक्रोश पैदा करते हैं. मगर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन का किसी एंगल से कोई मतलब नहीं, हमने केवल हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया. डेमोलिशन से पहले भेजे गए नोटिस पर मेयर ने कहा कि हाईकोर्ट के ऑर्डर ने जो लीगैलिटी दी, उसको हमने पूरा किया.

डेमोलिशन के दौरान क्या मस्जिद पर भी कुछ प्रभाव हुआ, इस पर राजा इकबाल ने कहा कि जो लोगों में भ्रम फैलाया गया है, अफवाह फैलाई गई कि धार्मिक स्थल को डेमोलिश कर रहे हैं, ऐसा कुछ भी नहीं है. अब लोगों में शांति है क्योंकि लोगों ने देखा कि ऐसा कुछ नही किया गया और धार्मिक स्थल टच भी नहीं किया. हमने केवल अवैध  निर्माण, जहां बैंकेट हॉल चल रहा था, केवल वही हटाया. ऑलमोस्ट काम हो चुका और मलबा भी वहां से हट जाएगा.

पत्‍थरबाजी के आरोपितों की पहचान
फैज-ए-इलाही मस्जिद एरिया में अतिक्रमण हटाने गई एमसीडी और पुलिस टीम पर पत्‍थरबाजी करने वालों की पहचान हो गई है. हिरासत में लिए आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं -:
आदिल कासिफ
मोहम्मद कैफ
मोहम्मद आरिब
उजैफ
अजीम
इरफान
(ये सभी पत्थरबाजी में शामिल थे)

इसके अलावा अदनान और समीर ने WhatsApp पर वीडियो और ऑडियो नोट सर्कुलेट किया था.

अतिक्रमण हटाने की जिम्‍मेदारी किसकी? अमानतुल्‍ला खान ने बताया
आम आदमी पार्टी (आप) विधायक और दिल्ली वक्‍फ बोर्ड पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास  कार्रवाई पर नगर निगम और प्रशासन पर सवाल उठाए कहा कि हाईकोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि मस्जिद के आसपास की 123 जमीन वक्‍फ की है, इसके बावजूद इतनी जल्द कार्रवाई क्यों हुई.  उन्होंने कहा कि उसी परिसर में मंदिर भी है, लेकिन उस पर कभी किसी मुस्लिम ने सवाल नहीं उठाया. अगर अतिक्रमण था भी, तो उसे हटाने की जिम्मेदारी वक्‍फ बोर्ड की थी न कि नगर निगम की.  नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हुई कार्रवाई पूरी तरह अवैध है और इसके खिलाफ आवाज़ उठाई जाएगी.

डॉक्यूमेंट जामा मस्जिद के भी नहीं हैं तो उसको भी तोड़ देंगें क्या? अमानतुल्‍ला खान ने कहा कि अतिक्रमण कैसे हुआ…यह वक्‍फ की जमीन है.  वक्‍फ ऑडिट करता है, मैं भी इसका चेयरपर्सन था. बकायदा उसका ऑडिट होता रहा है.  डॉक्यूमेंट जामा मस्जिद के भी नहीं हैं तो उसको भी तोड़ देंगे क्‍या? पत्थरबाजी के सवाल पर बोले कि क्या बल का प्रयोग करना सही था…वहां लोगों को बताते वो खुद हटा लेते.

तुर्कमान गेट में मौत, जनाजे में 20-25 लोगों को जाने की अनुमति
तुर्कमान गेट के पास गली में मौत हुई है, जिसे सुपुर्दे-खाक किया जाना है.  स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से  जानकारी ली और अब शव कब्रिस्तान ले जाया जा रहा है. प्रशासन ने शवयात्रा में मात्र 20 से 25 लोगों को ही जाने की परमिशन दी है.

वायरल वीडियो से खुला पत्‍थरबाजी के षडयंत्र का रहस्य, एक्‍शन में पुलिस
दिल्‍ली के तुर्कमान गेट और फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने के अभियान के समय पुलिस और नगर निगम की टीम पर पत्‍थरबाजी हुई. अब इसको लेकर सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं. तीन वीडियो पुलिस के हाथ लगे हैं. पुलिस इन वीडियो के आधार पर पत्‍थरबाजों की पहचान कर रही है. वीडियो के आधार पर कुछ लोगों को पूछताछ को भी बुलाया गया है. ऐसे ही एक वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘घर बैठने से कुछ नहीं होगा, घर से बाहर आओ…पूरी रात काली करो…मस्जिद पहुंचो.’ अब इन वीडियो के आधार पर पहचान की जा रही है.

‘दोषियों को दंडित किया जाएगा’, रेखा गुप्‍ता सरकार की घोषणा- कुछ पकड़े हैं
तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने और मंगलवार को हुई पत्थरबाजी की घटना पर दिल्ली कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है कि ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. मस्जिद के इर्द-गिर्द बने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कोर्ट का निर्देश था.  कोर्ट निर्देश पर कार्रवाई हो रही है. इसे रोकना गलत है. दोषी दंडित किए जाएगें और कुछ दोषी गिरफ्तार भी किये गये है.’

तुर्कमान गेट इलाके में अवैध कब्‍जे की किसने की थी शिकायत?
MCD के लैंड एंड एस्टेट विभाग के आदेश के अनुसार, सेव इंडिया फाउंडेशन की शिकायत पर जांच में सामने आया कि रामलीला ग्राउंड की सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है. पता चला कि इस जमीन का इस्तेमाल बिना अनुमति मस्जिद/मरकज़, बैंक्वेट हॉल, निजी डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलॉजी लैब और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में हो रहा है. संयुक्त सर्वे में पाया गया कि 2512 वर्ग फीट सड़क और फुटपाथ, 36,428 वर्ग फीट रामलीला ग्राउंड की जमीन कब्जा कर पार्किंग और निजी व्यावसायिक गतिविधियां ऑपरेट हो रही थीं. मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD को अतिक्रमण हटा अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए. 24 नवंबर 2025 को डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में सुनवाई भी हुई, जिसमें DDA, L&DO और दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल थे.

तुर्कमान गेट इलाके में रात में क्‍यों किया गया बुलडोजर एक्‍शन? DCP ने बताया
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी ने बताया कि इलाके में अतिक्रमण को लेकर काफी समय से लगातार नोटिस दे रहे थे. हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों पर ही यह कार्रवाई हुई. कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक जाम की स्थिति खराब न हो, इसे ध्यान में रख अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रात में की गई. पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरे इलाके में मौजूद रहीं और हालात पर लगातार नजर रखी गई.  कार्रवाई में कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और कानूनी प्रक्रिया बाधित करने का प्रयास हुआ. ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा अंकित हो गया है.  पांच लोग हिरासत में हैं, पूरे मामले की विवेचना हो रही है.  पुलिस पूरे इलाके पर नजर रख रही है, ताकि कैसी भी  अव्यवस्था न फैले और शांति बनी रहे. उन्होंने सामान्य लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है. पुलिस ने साफ किया कि अदालत के आदेशों का पालन कराना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है.

अतिक्रमण हटाओ अभियान की टाइमिंग पर कांग्रेस का ‘बुलेट’ सवाल
दिल्‍ली के ऐतिहासिक तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान की टाइमिंग पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस नेता अभिषेक दत्‍त ने कहा कि भले ही सैनिक फार्म्स हो, भले ही मद्रासी कैफे हो…मुझे समझ नहीं आता है कि रात के एक बजे जब चोर चोरी करने जाता है, तब डिमोलिशन करने की क्या जरुरत है.

36400 वर्ग फीट पर थी अतिक्रमणकारियों की नजर
सिटी एसपी जोन (CSPZ) के डिप्टी कमिश्नर (DCP) विवेक अग्रवाल ने बताया कि  36,400 स्क्वायर फीट का इलाका था. इसके चारों ओर दो-मंजिला दीवार थी और उसके ऊपर एक मंजिला ढांचा बना था.  मस्जिद की जमीन सुरक्षित है. पर्याप्त पुलिस फोर्स थी.  सीनियर पुलिस अधिकारी भी पूरी रात रहे. टीम को पूरी सुरक्षा  थी. डीसीपी अग्रवाल ने बताया कि रात में पत्थरबाज़ी  हुई, लेकिन पुलिस  तैयार थी. हमने 32 JCB, चार एक्सकेवेटर, न्यूमेटिक हैमर और कई ट्रक इस्तेमाल किये। टीम के किसी भी सदस्य को कोई नुकसान नहीं हुआ.

तुर्कमान गेट के आसपास पसरा सन्‍नाटा
तुर्कमान गेट के आसपास सुबह से ही सैकड़ों लोग नजर आते हैं, लेकिन आज 7 जनवरी 2026 को यहां कोई दिख नही रहा. सड़कों पर ईंट-पत्थर बिखरे हैं. लोगों को बताया गया है कि तुर्कमान गेट के आसपास की गलियों से कोई भी नहीं आ सकता है.

दिल्‍ली पुलिस तुर्कमान गेट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज कब्जे में ले रही है. इस इलाके में जितने भी सीसीटीवी कैमरा लगे हैं, उन सभी के फुटेज पत्थरबाजों को पहचानने में मदद करेंगे. सोशल मीडिया पर पुलिस मॉनिटरिंग है. सोशल मीडिया पर किसी भी तरह से भ्रामक मैसेज पोस्ट होते ही दिल्ली पुलिस एक्शन लेगी. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से पत्थरबाजों की पहचान होगी.

अतिक्रमण हटाओ अभियान पर NDMC का आया बड़ा बयान
फैज-ए-इलाही मस्जिद तुर्कमान गेट के पास MCD के अतिक्रमण हटाओ अभियान पर NDMC वाइस चेयरपर्सन कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि इलाके में कई जगहें अतिक्रमण बढ़ गया है और मैं MCD और इसमें शामिल दूसरे विभागों को बधाई देता हूं जिन्होंने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. पत्थरबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

CCTV और बॉडी कैम से हो रही पत्‍थरबाजों की पहचान
दिल्ली पुलिस ने अतिक्रमण हटाती पुलिस और प्रशासनिक टीम पर पत्‍थरबाजी करने वालों की पहचान को 10 लोग हिरासत में लिये हैं. सीसीटीवी और बॉडी कैम से पत्थरबाजों की पहचान हो रही है. एफआईआर फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ है. हालांकि, पुलिस ने 4 से पांच लोगों की पहचान की है.

Turkman Gate Bulldozer Action Again After 50 Years Sanjay Gandhi Wish And Jagmohan Said How Was The Second Pakistan Formed
हम पागल हैं जो दूसरा पाकिस्तान बन जाने दें…50 साल बाद तुर्कमान गेट के पास फिर गरजे बुलडोजर
Turkman Gate News Today and Faiz Elahi Masjid: 6-7 जनवरी की दरम्यानी रात को मुस्लिम बहुल ऐतिहासिक तुर्कमान गेट के आसपास के इलाके में बुलडोजर एक्शन हुआ, जिसमें अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया।

करीब 50 साल पहले की बात है, जब देश में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगा दिया था। इसी दौरान फरवरी, 1976 में किसी वक्त इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी पुरानी दिल्ली घूमने गए थे। उन्होंने देखा कि तुर्कमान गेट के आसपास इतनी झुग्गियां और पुरानी हमारतें थीं कि जामिया मस्जिद ठीक से दिखाई नहीं दे रही थी। उसी वक्त संजय गांधी यह फैसला किया कि सारी अवैध इमारतें और निर्माण गिरा दिए जाएंगे। करीब 50 साल बाद फिर 6 जनवरी की रात को नरेंद्र मोदी सरकार के दौर में इसी तुर्कमान गेट पर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर बुलडोजर एक्शन हुआ है, जिसमें अवैध अतिक्रमण हटाया जा रहा है। ये इलाके मुस्लिम बहुल इलाके हैं, जहां फैज-ए-इलाही मस्जिद है।

संजय गांधी ने भरोसेमंद जगमोहन को सौंपा जिम्मा
बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि संजय गांधी की इस इच्छा को पूरी करने के लिए लालकिले, जामा मस्जिद और तुर्कमान गेट के आसपास के इलाकों की पहचान की गई और जिम्मा सौंपा गया एक मजबूत इरादों वाले और संजय गांधी के भरोसेमंद जगमोहन को, जो तब दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के वाइसचेयरमैन भी थे।

इंदिरा से बताई थी संजय गांधी ने अपनी इच्छा
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंदिरा गांधी की जीवनी लिखने वाली लेखिका कैथरीन फ्रैंक ने कहा है कि संजय ने इंदिरा गांधी से इच्छा जताई कि वो चाहते हैं कि तुर्कमान गेट से जामा मस्जिद साफ-साफ दिखाई दे। इंदिरा गांधी ने इससे मना नहीं किया। तब जगमोहन ने संजय गांधी के इन मौखिक शब्दों को आदेश की तरह लिया।

जगमोहन के आदेश पर गरजे बुलडोजर
बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 1976 को पहला बुलडोजर तुर्कमान गेट पहुंचा। जगमोहन के आदेश पर आसफ अली रोड पर पुरानी इमारतें गिरानी शुरू हुईं। तुर्कमान गेट के आसपास के कलां महल, दूजाना हाउस और आसपास की झुग्गियां जमींदोज कर दी गई। वहां के निवासियों को दूर-दराज के पुनर्वास कॉलोनियों में शिफ्ट कर दिया गया। आपातकाल 25 जून, 1975 से 21 मार्च, 1977 (लगभग 21 महीने) तक था।

तुर्कमान गेट के आड़े आने वाली हर चीज मिटा दी
बीबीसी के अनुसार, जगमोहन ने तुर्कमान गेट से जामा मस्जिद के बीच आने वाली हर चीज मिटा दी, जो आड़े आ रही थी। यहां रहने वाले हजारों लोगों को बीस मील दूर यमुना पार खाली पड़ी जमीन पर बसाया गया। तब 16 बुलडोजर दिन-रात काम कर रहे थे। उसी दिन तुर्कमान गेट के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल जगमोहन से मिलने गया।

हम पागल हैं, जो एक पाकिस्तान तोड़कर दूसरा बनने दें
प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि उन्हें तुर्कमान गेट से दूर न भेजा जाए और अलग-अलग जगहों पर न भेज एक साथ रहने दिया जाए। इस पर जगमोहन ने कहा-क्या आप समझते हैं कि हम पागल हैं कि एक पाकिस्तान तोड़ कर दूसरा पाकिस्तान बन जाने दें? हम आपको त्रिलोकपुरी और खिचड़ीपुर में प्लॉट देंगे और आपको उन पांच लाख लोगों की तरह वहां जाना पड़ेगा जिन्हें हम वहां बसाना चाहते हैं। याद रखिए आप वहां नहीं जाते हैं और डिमोलिशन का विरोध करने की बेवकूफी जारी रखते हैं, तो इसके नतीजे गंभीर होंगे।

फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास धरने पर बैठे लोग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुर्कमान गेट पर बुलडोजर एक्शन में पुलिस हवाई फायरिंग भी हुई । विरोध-प्रदर्शन में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 5 हजार लोग धरने पर बैठ गए। लाठीचार्ज हुआ, आंसू गैस छोड़ी गई, मगर विरोध नहीं रुका तो पुलिस ने हवाई फायरिंग की। आपातकाल लगा था, मीडिया में इसकी रिपोर्टिंग भी नहीं हुई। हजारों लोग विस्थापित हुए।

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