दून सिख वेलफेयर सोसाइटी के 46वें निःशुल्क नेत्र शिविर में 183 ने उठाया लाभ,24 के आपरेशन
🌟 “मानवता की सच्ची सेवा” — दून सिख वेलफेयर सोसाइटी के 46वें निःशुल्क नेत्र शिविर में सैकड़ों जरूरतमंदों को मिली नई दृष्टि
📍 देहरादून | 19 अप्रैल 2026। देहरादून में सेवा, समर्पण और संवेदना का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब दून सिख वेलफेयर सोसाइटी (रजि.) के 46वें निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया।
यह शिविर श्री महंत इन्द्रेश हॉस्पिटल एवं गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज, पटेल नगर के विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं।
यह शिविर न केवल एक चिकित्सा आयोजन था, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों की जीवंत मिसाल भी बना।
👁️ एक ही दिन में सैकड़ों मरीजों को मिला उपचार
शिविर में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
लगभग 200 से 250 मरीजों की आंखों की बारीकी से जांच अनुभवी नेत्र विशेषज्ञों ने की ।
जांच में आधुनिक उपकरणों से दृष्टि परीक्षण किया गया
मरीजों को उनकी समस्या अनुसार निःशुल्क दवाइयां एवं आई ड्रॉप्स वितरित किए गए
आंखों की देखभाल और बचाव के लिए विस्तृत परामर्श दिया गया
विशेष रूप से, जिन मरीजों में मोतियाबिंद, रेटिना संबंधी समस्याएं या अन्य ऑपरेशन योग्य रोग पाए गए, उनके लिए निःशुल्क ऑपरेशन की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
🚑 पूरी तरह निःशुल्क — सेवा का सच्चा उदाहरण
इस सेवा अभियान की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि जांच से लेकर ऑपरेशन तक का संपूर्ण खर्च सोसाइटी ने वहन किया
मरीजों के आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई
भोजन एवं जलपान की व्यवस्था भी निःशुल्क रही
ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप और देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई
इस प्रकार यह शिविर केवल उपचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मरीजों को संपूर्ण देखभाल प्रदान करने का एक आदर्श उदाहरण बन गया।
🙏 आध्यात्मिक वातावरण में सेवा का शुभारंभ
यह शिविर गुरुद्वारा सिंह सभा के सौजन्य से आयोजित किया गया, जहां कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक अरदास के साथ हुई।
अरदास के उपरांत समिति के सभी सदस्यों को बैज पहनाए गए
सेवा कार्य के प्रति समर्पण का संकल्प लिया गया
पूरे आयोजन में सेवा भावना, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बना दिया।
🗣️ पदाधिकारियों के विचार — सेवा ही सर्वोपरि
संरक्षक के. एस. चावला ने कहा कि “हमारी संस्था का उद्देश्य केवल सेवा नहीं, बल्कि समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। सेवा ही हमारा धर्म है और हम इसी भावना के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं।”
अध्यक्ष जसबीर सिंह ने कहा कि “इस प्रकार के शिविर समाज के उन वर्गों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, जो आर्थिक कारणों से उपचार नहीं करा पाते। हमारा प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे।”
समिति सदस्य जगदीप सिंह चुग ने कहा कि “सिख समाज हमेशा सेवा और सहयोग को जाना जाता है। एक सेवादार के रूप में समाज की सेवा करना हमारे लिए गर्व की बात है।”
प्रचारक अमरजीत सिंह भाटिया ने कहा कि “गुरुद्वारा सिंह सभा से इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी हैं। जरूरतमंदों की सहायता करना ही सच्ची मानवता है।”
सचिव के. के. अरोरा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि “हमारी सोसाइटी समय-समय पर चिकित्सा शिविर, शिक्षा सहायता और राहत कार्यों से समाज के हर वर्ग तक पहुंचने का प्रयास करती है। भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रहेंगें।”
🤝 स्वास्थ्य के साथ-साथ समाज सेवा के अन्य क्षेत्र
दून सिख वेलफेयर सोसाइटी केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है—
1-जरूरतमंद वृद्धों को पेंशन सहायता
2-गरीब बच्चों की शिक्षा स्पॉन्सरशिप
3-स्कूल यूनिफॉर्म एवं ड्रेस वितरण
4-सर्दियों में गर्म कपड़ों का वितरण
इसके अतिरिक्त, संस्था ने आपदा के समय भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई—
COVID-19 महामारी में जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाई
पंजाब में आई बाढ़ के समय दवाइयों और आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया
इन कार्यों ने संस्था को समाज में एक भरोसेमंद और संवेदनशील संगठन के रूप में स्थापित किया है।
📌 प्रमुख पदाधिकारी एवं योगदानकर्ता
संरक्षक: के. एस. चावला
अध्यक्ष: जसबीर सिंह
सचिव: के. के. अरोरा
कोषाध्यक्ष: त्रिलोचन सिंह
संयोजक: अमरजीत सिंह ओबेरॉय
विशेष सहयोग: डॉक्टर मनोज शर्मा (सी.एम.ओ., देहरादून)
✨ सेवा से रोशन हुआ समाज
अरदास से आरंभ होकर सेवा के संकल्प तक पहुंचा यह आयोजन न केवल सैकड़ों लोगों की आंखों में नई रोशनी लाने में सफल रहा, बल्कि समाज में मानवता, सहयोग और सेवा भावना की एक मजबूत मिसाल भी स्थापित कर गया।
दून सिख वेलफेयर सोसाइटी का यह प्रयास यह संदेश देता है कि—
👉 “जब सेवा निस्वार्थ होती है, तो वह केवल जीवन ही नहीं, बल्कि समाज की सोच भी बदल देती है।”
शिविर में कुल 183 मरीजों ने लाभ उठाया, जिनकी आंखों की बारीकी से जांच अनुभवी नेत्र विशेषज्ञों ने की ।
जांच में—
• आधुनिक उपकरणों से दृष्टि परीक्षण किया गया
• मरीजों को निःशुल्क दवाइयां एवं आई ड्रॉप्स वितरित की गईं
• आंखों की देखभाल के लिए विस्तृत परामर्श दिया गया
👉 19 मरीजों में मोतियाबिंद (Cataract) के ऑपरेशन योग्य पाए गए
👉 5 मरीजों को उच्च स्तरीय जांच को चिन्हित किया गया
सभी 19 मरीजों को महंत श्री इन्द्रेश हॉस्पिटल की बस से भोजन के पश्चात ऑपरेशन हेतु एडमिट कराया गया, जबकि उच्च जांच वाले मरीज अगले दिन भेजे जाएंगे।
🚑 पूरी तरह निःशुल्क — सेवा का सच्चा उदाहरण
• जांच से लेकर ऑपरेशन तक का पूरा खर्च सोसाइटी द्वारा वहन
• आने-जाने की सुविधा उपलब्ध
• भोजन एवं जलपान निःशुल्क
• ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप की व्यवस्था

