आशा नेगी और प्रिया त्यागी समेत दर्जनों लडकियों को मुस्लिम बना खाडी देशों में बेच चुका बदर, अब किस हाल में पता नहीं
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प्रेमजाल, धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग… मेरठ की प्रिया को छांगुर बाबा के गुर्गे बदर सिद्दीकी ने कैसे फंसाया, जानिए पूरा मामला
छांगुर बाबा का धर्मांतरण का गिरोह बलरामपुर से मेरठ तक ही नहीं पूरे प्रदेश में फैला हुआ है। इसके गुर्गे हिंदू लड़कियों को टारगेट करते थे और उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण कराते थे।
रामबाबू मित्तल, मेरठ 20 जुलाई 2025 : दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण कराने वाले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसके सहयोगी बदर अख्तर सिद्दीकी के नेटवर्क की परतें अब खुल रही हैं। इस गैंग का मेरठ से भी गहरा और पुराना रिश्ता सामने है। मामला 2019 का है, जब मेरठ के सरूरपुर थाना क्षेत्र के भूनी गांव निवासी प्रिया त्यागी इस गिरोह का शिकार बनी थी।
दिल्ली में एयर होस्टेस का कोर्स करती प्रिया की मुलाकात मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र के इस्लामाबाद निवासी बदर अख्तर सिद्दीकी से हुई थी। बदर ने मॉडलिंग और हाई प्रोफाइल लाइफ का सपना दिखा उसे प्रेमजाल में फंसाया। कुछ समय बाद प्रिया घर से लापता हो गई। सरूरपुर थाने में अपहरण की रिपोर्ट लिखी गई। प्रिया बालिग थी, इसलिए कोर्ट ने उसे मनमर्जी से रहने की अनुमति दे दी, लेकिन 18 अक्टूबर 2019 को वह घर लौटी तो उसकी बातों से परिजन और पुलिस दोनों चौंक गये।
प्रिया के परिजनों ने लगाए अपहरण के आरोप
हमारी टीम ने सरूरपुर के भूनी गांव पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की। प्रिया की मां और भाई के अनुसार, कुछ दिन बाद धनतेरस के दिन बदर दो युवक घर लाया और प्रिया को धमका ले गया।। बदर ने प्रिया को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया और पूरे परिवार की हत्या की धमकी दी।
प्रिया त्यागी
ड्रग्स देकर सिगरेट से दागा
परिजनों ने बताया कि प्रिया कुछ समय बाद फिर मिली, तो उसके हाथों पर सिगरेट से दागे निशान थे। पूछने पर उसने बताया कि उसे ड्रग्स का नशा देकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की जा रही है। उन्होंने ये भी बताया कि प्रिया सहित मेरठ की दो और युवतियां भी उसका शिकार बनीं, जो लापता हैं। इतना ही नहीं, कई लड़कियों का वो छांगुर बाबा से धर्मांतरण करवा चुका है। प्रिया की मां ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि बदर के जीजा पुलिस और न्यायपालिका में ऊंचे पद पर हैं, जिसके कारण उस समय पुलिस पर भारी दबाव था और उचित कार्रवाई नहीं हुई।
युवती को दुबई ले गया बदर अख्तर, बहन ने PM और योगी से लगाई गुहार
एटीएस की छापेमारी बाद नेपाल की सीमा से सटे जनपद बलरामपुर में हिंदू युवतियों का धर्मांतरण कराने वाले छांगुर बाबा और अख्तर सिद्दीकी की करतूत सुर्खियों में है। जनपद मेरठ के सरूरपुर थाने में बदर अख्तर सिद्दीकी के खिलाफ प्रिया त्यागी का अपहरण करने की धाराओं में मुकदमा है।
Changur Baba News :Badr Akhtar Siddiqi had taken a girl from Ghaziabad by luring her with job in Dubai
नेपाल की सीमा से सटे जनपद बलरामपुर में हिंदू युवतियों का धर्मांतरण कराने वाले छांगुर बाबा और अख्तर सिद्दीकी की करतूत चर्चाओं में है। गाजियाबाद के कविनगर की महिला ने भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में अपनी छोटी बहन को छांगुर बाबा गिरोह से छुड़वाने की मांग की।
कविनगर के गोविंदपुरम कॉलोनी में किराये के मकान में रहती महिला ने बताया कि उनकी 20 वर्षीय छोटी बहन नोएडा के गौर सिटी द्वितीय एवेन्यू में वर्ष 2019 में एयर होस्टेस की तैयारी कर रही थी। वहां उसकी मुलाकात छांगुर बाबा के गिरोह के सदस्य व्यायाम प्रशिक्षक बदर अख्तर सिद्दीकी से हुई। बदर सिद्दीकी ने उनकी बहन को प्रेमजाल में फंसा सनातन धर्म छोड़ इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया। विरोध पर बहन से मारपीट भी की।
छात्रा ने बदर सिद्दीकी की शिकायत अपने पिता से की। पिता उसे नोएडा से अपने घर गांव थाना सरूरपुर जनपद मेरठ ले गए। दो जुलाई 2019 को बदर सिद्दीकी कार से दो अन्य साथियों के साथ गांव पहुंचा और उनकी बहन को उठा ले गया।
उनके पिता ने सरूरपुर थाने में बदर सिद्दीकी के खिलाफ बेटी के अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया है। पुलिस आज तक उनकी बहन ढूंढ नहीं कर पाई। आरोप है कि बदर सिद्दीकी हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर छांगुर बाबा से धर्मांतरण कराता है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में महिला ने अपहृत बहन को मुस्लिम बनाने की आशंका जताई है। साथ ही विदेश में बेचने का भी आरोप लगाकर बरामदगी की गुहार लगाई है।
नशे की हालत में मिली थी छात्रा
महिला ने बताया कि उनकी बहन पर छांगुर बाबा और बदर अख्तर सिद्दीकी जादू टोना करते थे। विरोध करने पर उसे नशीला पदार्थ सुंघा मारपीट कर बंधक बनाया जाता था। यह जानकारी अपहरण से पहले उनकी बहन ने दी थी। 29 जून 2019 को जब उनकी बहन का रोते-बिलखते फोन आया तो उनके पिता नोएडा पहुंचे। खोजबीन में छात्रा उन्हें नशे में धुत्त कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर मिली। पिता उसे ले घर लौटने लगे तो इसकी भनक लगते ही बदर अख्तर कार से मौके पर पहुंचा और छात्रा को पत्नी बताकर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और आसपास के लोगों के विरोध पर बेटी को पिता के साथ भेज दिया था।
मेरठ का रहने वाला है बदर सिद्दीकी
महिला ने बताया कि बदर सिद्दीकी मूल रूप से किदवई नगर इस्लामाबाद जनपद मेरठ का है। नोएडा में बदर एक जिम ट्रेनर की नौकरी करता था। वहां उसने उनकी बहन को प्रेमजाल में फंसाया। बताया कि छात्रा के अपहरण के बाद सोशल मीडिया और अखबारों से पता चला कि बदर सिद्दीकी अपना नाम सैम, आरव और समीर अरोड़ा आदि बताकर हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण कराता है।
प्रकरण संज्ञान में नहीं है, युवती के अपहरण का मामला मेरठ से जुड़ा है। अपहृत युवती या उसके परिजनों ने जिले के किसी भी थाने में कोई शिकायत नहीं की है।-
बदर के मां बाप-बोले बदर से हमारे सभी रिश्ते खत्मइस बीच, बदर के माता-पिता ने खुद को उससे पूरी तरह अलग बताया। बदर के पिता महमूद अख्तर ने कहा कि ऐसी औलाद से औलाद न होना बेहतर। समझो वो मर गया। 2019 से कोई संपर्क नहीं है, बीमार हूं, प्रशासन को पूरा सहयोग देंगे। बदर की मां अलमास ने कहा कि उसे सजा मिलनी चाहिए, हमें कोई आपत्ति नहीं। हमने लड़की उसके माता-पिता को सौंप दी थी। शादी की कोई जानकारी हमें नहीं थी।
परिजनों के अनुसार, बदर ने ममेरी बहन से शादी की बात कही थी, जिसे परिवार ने सिरे से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि बदर ने जबरन शादी कर प्रिया को कब्जाया और लगातार मानसिक दबाव में रखा।
एडीजी ने क्या कहा
मामले पर एडीजी जोन मेरठ भानु भास्कर ने कहा कि पूरे मामले में कार्यवाही फिलहाल लखनऊ स्तर पर चल रही है। मेरठ में भी इस मामले पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद पूरी रिपोर्ट लखनऊ भेज जायेगी.
एयर होस्टेस बनने का था सपना, मॉडलिंग का दिया झांसा, जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा का मेरठ कनेक्शन
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बदर अख्तर सिद्दीकी के प्रेमजाल में फंसी आशा नेगी 7 साल से लापता, परिवार लगा रहा गुहार
मेरठ में धर्म परिवर्तन के आरोपित बदर अख्तर सिद्दीकी पर गंभीर आरोप। प्रिया त्यागी मामले से पहले भी एक युवती लापता करने का आरोप। उत्तराखंड की आशा नेगी 2018 से लापता हैं। परिवार सात साल से न्याय को भटक रहा है, मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा के सबसे करीबी गुर्गे बदर अख्तर सिद्दीकी पर गंभीर आरोपों की सूची लंबी होती जा रही है। मेरठ की प्रिया त्यागी मामले से पहले भी बदर अख्तर सिद्दीकी पर एक युवती लापता करने का आरोप लग चुका है। उत्तराखंड निवासी आशा नेगी, जो मेरठ में नौकरी करती थीं, वर्ष 2018 से लापता हैं। परिजन सात साल से न्याय को दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन आज तक कोई मुकदमा तक नही हुआ है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसके दबाव में पुलिस ने शिकायत लिखने से मना कर दिया?
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बदर अख्तर सिद्दीकी की करीबी आशा नेगी सात साल से लापता
पांडवनगर (मेरठ) में रहने वाले अनिल नेगी ने बताया कि उनकी बहन आशा नेगी मेरठ की एक कंपनी में एचआर थीं। 2016-17 में नौकरी के सिलसिले में वह नोएडा के सेक्टर-62 गईं। मेरठ में रहते ही बदर अख्तर सिद्दीकी ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था।
बदर कर रहा था मोबाइल का इस्तेमाल
परिवार के अनुसार, अप्रैल 2018 में आशा की आखिरी बार छोटे भाई सुनील से बात हुई थी। इसके बाद आशा के नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आते रहे, लेकिन कभी फोन पर बात नहीं हुई। संदेह है कि आशा के मोबाइल का इस्तेमाल खुद बदर कर रहा था, ताकि परिवार को भ्रम में रखा जा सके।

अनिल ने बताया कि लापता होने से पहले आशा ने बदर के पासपोर्ट, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी एहतियात के तौर पर उन्हें व्हाट्सएप पर भेज दी थीं। इतना ही नहीं, एक बार आशा ने मारपीट के बाद खुद की चोटिल हालत की फोटो भी भेजी थी।
मुकदमा लिखा क्यों नहीं गया?
2019 में अनिल नेगी ने सिविल लाइन थाने में केस दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने एफआईआर लिखने से इनकार कर दिया। परिजन का आरोप है कि बदर की बिरादरी का क्राइम इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी के चलते केस दबा दिया गया। मेरठ और नोएडा पुलिस एक-दूसरे के क्षेत्राधिकार के बहाने कार्रवाई से बचती रहीं।
धर्मांतरण मामले में लापता एचआर युवती का आखिरी मैसेज: बदर मुझे मारता है, बचा लो! भाई ने बताई शर्ट बात
Conversion Nexus Meerut: युवती के भाई की आंखें छलक जाती हैं जब वह 2018 में की गई बहन की आखिरी कॉल याद करते हैं। ‘वो डरी हुई थी, कांपती आवाज में कहा ‘मम्मी बदर मुझे मारता है, प्लीज़ बचा लो…!’ यह वही दिन था जब युवती ने आखिरी बार अपने परिवार से बात की।
उस कॉल के बाद युवती ने वॉट्सऐप पर अपने जख्मों की तस्वीरें भेजीं, और फिर अचानक उसका नंबर बंद हो गया। आज तक उसका कोई सुराग नहीं ।
आशा नेगी के बड़े भाई ने बताई कई बातें
परिवार को जब इस शादी और धर्म परिवर्तन की जानकारी मिली तो वो टूट चुके थे। लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि एक दिन सब ठीक हो जाएगा। वे बेटी को समझाएंगे तो शायद वह लौट आएगी।
लेकिन एक दिन बाद अचानक सबकुछ बदल गया। युवती का आखिरी कॉल, फोटो… और फिर सन्नाटा। परिवार ने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी लिखाई , लेकिन कोई सूत्र न मिला।
धर्मांतरण मामला, छांगुर बाबा के खास बदर अख्तर पर दो लाख रुपए का ईनाम
मेरठ के सरूरपुर थाने में भी बदर सिद्दीकी पर एक युवती को धर्म बदलवाकर शादी करने का आरोप है। वह युवती भी अब तक लापता है।
अब जब छांगुर बाबा गिरोह का पता चला, तो युवती का परिवार इसे भी उसी नेक्सस से जोड़ रहा है। बदर अब भागा हुआ है, और पुलिस व ATS उसकी तलाश में है।
बदर अख्तर व आशा नेगी
युवती के भाई का कहना है कि ‘मैंने अपनी बहन को कभी डरते नहीं देखा था, लेकिन मेरी मां ने बताया कि उस दिन वह खौफ में थी। उसकी आवाज कांप रही थी। अगर वो जिंदा है, तो हम उसे ढूंढ़ निकालेंगे। अगर नहीं है, तो सच जानना हमारा हक है।’
बता दें कि जैसे-जैसे छांगुर बाबा केस की परतें खुल रही हैं, वैसे ही धर्मांतरण मामले की जड़ें और गहरी दिखती जा रही हैं।
धर्मांतरण मामला, छांगुर बाबा का खास बदर अख्तर – फोटो : सोशल मीडिया
वहीं इस मामले में शहर के हिंदू संगठनों में रोष है। हिंदू संगठन कार्यकर्ता सचिन सिरोही ने लापता युवतियों की बरामदगी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है। उनका कहना है कि बदर को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर युवतियों का पता लगाकर उन्हें परिजनों तक पहुंचाया जाए।
हिंदू संगठन ने भी उठाई कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा कि धर्मांतरण के पीछे विदेशी फंडिंग तो है ही साथ में बड़े बड़े उच्चाधिकारियों भी शामिल है। तब थाना सिविल लाइन में इंस्पेक्टर भी बदर की बिरादरी का अब्दुल रहमान सिद्दीकी था। इस लिए केस की गंभीरता से जांच हो तो सब कुछ सामने आ जाएगा।
सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था
सात साल बाद भी न तो आशा का कुछ पता चल पाया है और न ही बदर अख्तर पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है। परिजन अब भी पुलिस थानों और प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। इस मामले ने न सिर्फ धर्मांतरण गैंग की गहराई को उजागर किया है, बल्कि पुलिस की निष्क्रियता और व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

