नोएडा हिंसा: मास्टरमाइंड धरा गया तमिलनाडु से
नोएडा हिंसा मामले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, UP STF ने तमिलनाडु से पकड़ा
नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के मामले में यूपी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है. मास्टरमाइंड गिरफ्तार को गिरफ्तार किया गया है.
यूपी एसटीएफ ने नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के मुख्य मास्टरमाइंड में शामिल आरोपी को गिरफ्तार किया है.गिरफ्तार आरोपी आदित्य आनंद को तमिलनाडु से पकड़कर नोएडा लाया गया है.आदित्य आनंद अल्ट्रा लेफ्ट संगठन से जुड़ा हुआ है और प्रदर्शन भड़काने में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है.
नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के मामले में यूपी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिंसा के मुख्य मास्टरमाइंड में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है. सूत्रों के मुताबिक, आदित्य आनंद अल्ट्रा लेफ्ट संगठन से जुड़ा हुआ है और प्रदर्शन को भड़काने में उसकी अहम भूमिका बताई जा रही है. मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं.
इधर. नोएडा में अब हालात सामान्य हो गए हैं, हालांकि सुरक्षा अभी भी कड़ी है. पुलिस ने सेक्टर-आधारित तैनाती योजना के तहत फ्लैग मार्च किए हैं और गश्त बढ़ा दी है. औद्योगिक इकाइयों में काम फिर से शुरू हो गया है और मजदूर काम पर लौट आए हैं. इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की घोषणा की है और भविष्य के विवादों को सुलझाने के लिए एक ‘वेज बोर्ड’ बनाने का प्रस्ताव रखा ।
पुलिस ने दोहराया है कि हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस ने बताया कि ‘सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम’ के प्रावधानों के तहत भी मामले चलाए जाएंगे. फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए जगह-जगह छापे मारे जा रहे हैं और आगे की जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला
नोएडा में मजदूर कंपनी विवाद के बीच भड़काऊ गतिविधियों, आगजनी और पथराव की घटनाएं सामने आई थीं. आगजनी मामले में 17 लोगों की पहचान की गई, जिनमें से 11 को गिरफ्तार किया गया है. इनमें 8 लोग श्रमिक नहीं हैं. हिंसा भड़काने के आरोप में 32 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से 19 गिरफ्तार किए गए. साजिश रचने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. कुल मिलाकर 34 ऐसे आरोपी पकड़े गए हैं जो श्रमिक नहीं हैं. अब तक कुल 66 गिरफ्तारियों में 45 लोग गैर-श्रमिक पाए गए हैं.
नोएडा हिंसा मामले में पाकिस्तानी लिंक सामने आने के बाद अब मामले की जांच एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) भी कर रही है. एटीएस ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है और हर पहलू को बारीकी से खंगाला जा रहा है.
नोएडा हिंसा मामले में ‘बाहरी’ भीड़ का खुलासा, 66 आरोपियों में 45 मजदूर नहीं
नोएडा में हुई हिंसा मामले में अब तक कुल 66 गिरफ्तारियों की गई हैं. अब तक हुई जांच में पाया गया है कि हिंसा में शामिल लोगों से ज़्यादातर फैक्ट्री में काम करने वाले नहीं बल्कि बाहरी लोग हैं. सूत्र बता रहे हैं कि जिन 66 लोगों की गिरफ्तारियां की गई हैं, उनमें 45 श्रमिक नहीं हैं. नोएडा में श्रमिकों को भड़काने, आगजनी और पथराव करने के आरोपों में कार्रवाई की गई है.
नोएडा में 13 अप्रैल को हुए मजदूरों के विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसा व आगजनी मामले को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. अब तक की कार्रवाई में सामने आया है कि हिंसा, आगजनी और पथराव में शामिल ज्यादातर आरोपी फैक्ट्री श्रमिक नहीं, बल्कि बाहरी तत्व हैं. पुलिस ने अब तक कुल 66 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 45 श्रमिक नहीं पाए गए हैं.
जांच के मुताबिक, मजदूरों को भड़काने, आगजनी और पथराव करने में संगठित प्रयास किया गया. आगजनी की घटनाओं में 17 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 11 को गिरफ्तार किया जा चुका है. इन 11 आरोपियों में 8 ऐसे हैं, जो श्रमिक नहीं हैं. इसी तरह, हिंसा फैलाने के लिए भड़काने के मामलों में 32 लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 19 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. इसके अलावा, 4 लोगों को मजदूर-कंपनी विवाद में साजिश रचने (षड्यंत्र) के आरोप में अरेस्ट किया गया है.
खुद को मजदूर बताकर प्रदर्शन में हुए शामिल
सूत्रों के अनुसार, अब तक हुई गिरफ्तारियों में कम से कम 34 ऐसे आरोपी शामिल हैं, जो स्वयं को श्रमिक बताकर हिंसा में शामिल हुए, लेकिन जांच में श्रमिक नहीं निकले. बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कई के संबंध ‘मजदूर बिगुल’ और अर्बन नक्सल नेटवर्क से भी जुड़े पाए गए हैं, जिसकी अलग से जांच चल रही है.
सीएम योगी ने देर रात ली समीक्षा बैठक
इस पूरे खुलासे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा की. अधिकारियों ने सीएम को अब तक की जांच और गिरफ्तारियों की विस्तृत जानकारी दी. बैठक में मुख्यमंत्री ने अफवाह और दुष्प्रचार फैलाने वालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की सतत और कड़ी मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ सामग्री को तुरंत रोका जा सके.
गैर-श्रमिक उपद्रवियों की पहचान सार्वजनिक करने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जो लोग मजदूर नहीं हैं, लेकिन श्रमिकों की आड़ में हिंसा फैलाने में शामिल रहे, उनकी पहचान कर तस्वीरें सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित की जाएं, ताकि ऐसे उपद्रवी तत्वों को बेनकाब किया जा सके.
सीएम ने स्पष्ट कहा कि वास्तविक श्रमिकों और उनके अधिकारों को पूरा संरक्षण दिया जाए, लेकिन हिंसा फैलाने वाले बाहरी और साजिशकर्ता तत्वों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए. फिलहाल नोएडा हिंसा मामले की जांच जारी है और पुलिस व प्रशासन की टीमें नेटवर्क, फंडिंग और संगठित भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.
