चंपत राय ने मानी गलती, “शिकायत में कर दी देरी”

ayodhyaRam Mandir Donation Theft Case Champat Rai Statement
‘शिकायत करने में देरी की, ये मेरी गलती थी’, राम मंदिर चंदा चोरी केस में पुलिस के सामने चंपत राय का बड़ा खुलासा
अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले में पुलिस ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के बयान दर्ज किए हैं। चंपत राय ने स्वीकार किया कि शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई और इसे अपनी गलती बताया।

अयोध्या 30 जून2026 : राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने इस मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के बयान लिखे हैं। वहीं, पकड़े आरोपितों से जेल में पूछताछ करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। इसके लिए पुलिस ने अदालत से अनुमति मांगी है। कोर्ट से अनुमति मिलते ही आरोपितों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

राम मंदिर दान चोरी मामले में चंपत राय से पूछताछ

 ‘शिकायत करने में देरी मेरी गलती थी’
पुलिस के समक्ष बयान में चंपत राय ने स्वीकार किया कि शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को जून के पहले सप्ताह में ही दान राशि में गड़बड़ी की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद ट्रस्ट स्तर पर आंतरिक जांच शुरू की गई और कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी भी मिली।

5 जून की घटना का भी किया जिक्र
बयान में चंपत राय ने 5 जून की उस घटना का भी जिक्र किया, जब ट्रस्ट के प्रतिनिधि अविनाश शुक्ला के घर पहुंचे थे और वहां से नकदी बरामद होने की बात सामने आई थी। उनके अनुसार, ट्रस्ट को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पहले ही मिल चुकी थी।

कई सवालों पर नहीं दे सके जवाब
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान पुलिस ने चंपत राय से दान राशि के प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था, कर्मचारियों की नियुक्ति, प्रशासनिक निर्णय और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े कई सवाल पूछे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ सवालों पर वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भी जांच
जांच एजेंसियां ट्रस्ट से जुड़े अन्य पदाधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस चंपत राय, गोपाल राय और अनिल मिश्रा सहित अन्य संबंधित लोगों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

इसके अलावा, पुलिस ने ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों समेत करीब 70 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही पकड़े  आरोपितों से जेल में पूछताछ की तैयारी भी चल रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।

‘मेरी कोई भूमिका नहीं, टिन्नू ने गलत किया…’, पूछताछ में चंपत राय ने क्या-क्या बताया?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने चंपत राय से पहली बार तीन घंटे पूछताछ कर उनका बयान लिखा. चंपत राय ने चोरी में किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि टिन्नू यादव ने गलत किया और जानकारी मिलते ही उन्होंने संदिग्धों को पकड़वाकर FIR लिखाई.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच में बड़ी जानकारी आई है. पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय से सोमवार को पहली बार 3 घंटे पूछताछ की और फिर उनका बयान लिखा. पुलिस ने चंपत राय से प्रशासनिक निर्णयों,चढ़ावा प्रबंधन,कर्मचारियों की जवाबदेही और शिकायत निस्तारण से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल पूछे.

सूत्रों के अनुसार,पुलिस से चंपत राय ने कहा कि उनकी चढ़ावा चोरी में कोई भूमिका नहीं है.इसकी जानकारी मिलते ही वह सक्रिय हो गए और संदिग्ध पकड़े.साथ ही FIR भी कराई.उन्होंने स्वीकारा, कोई हेरफेर न हो, इसकी जिम्मेदारी उनकी थी.टिन्नू यादव बहुत पहले से जुड़ा था,उसने गलत किया,इसकी आशंका नहीं थी.

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने पूछा-रिश्तेदार या जानने वालों को काम पर कैसे रखा गया? चंपत राय ने कहा, जरूरतमंदों को काम दिया.इसमें केवल मैं ही नहीं,ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भी भूमिका रही.अनिल व गोपाल राव का भी जिक्र किया.सूत्रों के अनुसार कड़ी सुरक्षा में भी चढ़ावा चोरी से निगरानी तंत्र की विफलता सिद्ध होने के बाद आरएमओ अर्जुन देव पर कार्रवाई हुई है.
SIT जांच में MOU के पालन पर सवाल
राम मंदिर के दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना पारदर्शी और सुरक्षित बनाने को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच विस्तृत कार्यप्रणाली तय हुई थी.इस व्यवस्था में दोनों पक्षों की जिम्मेदारियां अलग-अलग निर्धारित थीं,ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे.हालांकि,सूत्रों के अनुसार एसआईटी जांच में संकेत मिले हैं कि समझौते (एमओयू) के कई प्रावधानों का नियमित पालन नहीं हुआ.

सूत्रों के अनुसार फरवरी 2025 में ट्रस्ट और एसबीआई में एमओयू में दान-पात्र खोलने और गिनती कक्ष के संचालन को ट्रस्ट और बैंक के अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति अनिवार्य हुई थी.गणना कर्मियों का ड्रेस कोड भी तय था,लेकिन इन व्यवस्थाओं का हर स्तर पर प्रभावी अनुपालन नहीं हो सका.समझौते में बैंक अधिकारियों के मासिक रोटेशन का भी प्रावधान था,जबकि कुछ कर्मचारी लंबे समय तक एक ही व्यवस्था में कार्यरत रहे.गिनती कक्ष में आने-जाने वाले कर्मचारियों की नियमित अथवा रैंडम तलाशी,प्रत्येक दान-पात्र की राशि का अलग-अलग रिकॉर्ड तथा क्रमवार गणना जैसी व्यवस्थाएं भी तय थीं.

आरोपितों के संपत्ति भी जांचेगी SIT
सूत्रों के अनुसार इन प्रावधानों के अनुपालन की भी जांच हो रही है. दैनिक रिपोर्ट,जमा पर्चियों और रजिस्टरों के सत्यापन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच परिधि में हैं. जांच करती पुलिस अब आरोपितों की आर्थिक गतिविधियों पर फोकस कर रही है.पुलिस ने पकड़े सभी आठ आरोपितों से पिछले तीन वर्षों में अर्जित चल और अचल संपत्तियों का विवरण मांगा है. पूछताछ में उनसे यह जानकारी ली जा रही है कि इस अवधि में उन्होंने क्या-क्या खरीदा, कितनी जमीन ली,मकान का निर्माण कराया या नहीं, आभूषण और अन्य कीमती सामान खरीदे या नहीं. जांच टीम आरोपितों की आय और खर्च का मिलान कर रही है.
आरोपित लवकुश ने अपनी पत्नी के नाम पर जमीन खरीदी,उस पर तीन मंजिला आलीशान मकान भी निर्मित है.उस पर करोड़ों खर्च का अनुमान है.अनुकल्प की संपत्तियों की भी जांच पुलिस टीम कर रही है.इसी तरह पुलिस ने टिन्नू यादव की बैंक डिटेल खंगाली है.उसके यहां से कुछ आभूषण भी मिले हैं.

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