मसूरी कब्रिस्तान में अतिक्रमण हटाने से मुस्लिम नाराज
मसूरी में 200 साल पुरानी कब्रगाह पर एक्शन, अंतिम नमाज स्थल भी ध्वस्त,जानिये वजह
मसूरी लक्ष्मणपुरी कब्रगाह और अंतिम नमाज स्थल ध्वस्तीकरण से मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश है.
ACTION AGAINST MOSQUE IN MUSSOORIE
मसूरी में 200 साल पुरानी कब्रगाह पर एक्शन
मसूरी 01 अगस्त 2026 : लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में शनिवार को एक धार्मिक ढांचे को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई से तनाव हो गया. कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में मुस्लिम सड़क पर उतर आये और राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगा प्रशासनिक कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद की है. सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही अतिक्रमण हटाया गया.
मुस्लिम समुदाय का कहना है कि जिस स्थान पर कार्रवाई हुई,वह कोई नई संरचना नहीं थी,बल्कि वर्षों से उनके मजहबी और सामाजिक उपयोग में रहा स्थल है। यहां उनके पूर्वज दफन हैं. समुदाय ने कहा कि प्रशासन जिस संरचना को मस्जिद बता रहा है,वह नियमित नमाज को उपयोग होने वाली मस्जिद नहीं,बल्कि एक टीनशेड है. जहां अंतिम संस्कार के बाद मृतकों की अंतिम नमाज अदा की जाती है.
मसूरी में 200 साल पुरानी कब्रगाह पर एक्शन
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि बिना उनकी भावनायें समझे कार्रवाई की गई. उनका कहना था कि यदि यह भूमि वास्तव में सरकारी थी तो इतने वर्षों तक इस पर किसी प्रकार का विवाद या कार्रवाई क्यों नहीं हुई? समुदाय ने कहा धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए. बातचीत से समाधान निकालना चाहिए.
कार्रवाई के विरोध में लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया जिससे कुछ समय को यातायात प्रभावित रहा .मौके पर भारी पुलिस बल रहा.प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया.
मुस्लिम समुदाय ने जाम की सड़क
परगनाधिकारी मसूरी राहुल आनंद ने कहा कि संबंधित भूमि न तो वक्फ बोर्ड की है और न ही किसी निजी व्यक्ति अथवा समुदाय के स्वामित्व में है. संयुक्त जांच में यह भूमि नगर पालिका परिषद मसूरी की निकली. उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, छावनी परिषद और वक्फ बोर्ड से जुड़े अभिलेखों की जांच में स्पष्ट हुआ कि संरचना पालिका की भूमि पर बनी थी. अतिक्रमण की श्रेणी में आती थी.
परगनाधिकारी के अनुसार प्रशासन ने मुस्लिम पक्ष को तीन बार नोटिस जारी कर स्वेच्छा से संरचना हटाने के निर्देश दिए थे. नोटिसों का पालन नहीं हुआ तो नियमानुसार पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाया गया. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया में हुई है.
TAGGED:
मसूरी में मस्जिद पर कार्रवाई
मसूरी में मस्जिद तोड़ी
मसूरी लक्ष्मणपुरी मस्जिद
MUSSOORIE LAKSHMANPURI MOSQUE
ACTION AGAINST MOSQUE IN MUSSOORIE


