जन्नत भी नसीब न होगी, धार्मिक काम किया गैंग ने… पुलिस को आगरा की बहनों का प्रस्ताव,पिता की अपील-बच्चों को दें धार्मिक ज्ञान 

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जन्नत भी नसीब नहीं होगा, धर्म का काम किया गैंग ने… पुलिस के सामने आगरा की सगी बहनों का प्रस्ताव, पिता ने की अपील-बच्चों को दें धार्मिक ज्ञान 
आगरा में अवैध धर्मांतरण गैंग के चंगुल से छूटी दो बहनों ने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जो अब चर्चा में है। दोनों ने गैंग के लोगों को कानूनी शिकंजे से बाहर करने पर ही घर लौटने की बात कही है।

आगरा 23 जुलाई 2025 : उत्तर प्रदेश के आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह के अनावरण से हर कोई हैरान है। संगठित गिरोह की तरह यहां धर्मांतरण कराया जा रहा था। पुलिस टीमों को जानकारी मिली है कि गिरोह को कनाडा, अमेरिका और दुबई से फंडिंग हो रही थी। गिरोह में शामिल सैयद दाऊद के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के बाद प्रत्यर्पण के प्रयास किए जाएंगे। वहीं, पुलिस आयुक्त ने कहा कि गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अलग-अलग टीम में जांच में लगी हुई है। अवैध धर्मांतरण गिरोह के चंगुल से छूटकर दो बहने माता-पिता के पास लौटी है। हालांकि, परिवार की चिंता अभी भी बरकरार है। वहीं, गैंग के सरगना अब्दुल रहमान को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 14 दिनों की रिमांड की मांग की है।

रविवार को कैंप कार्यालय पहुंचकर माता-पिता ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की पिता ने कहा कि उनकी बेटियों का पूरी तरह से ब्रेनवाश किया गया था। वह अपने धर्म के बारे में बात करने तक को तैयार नहीं थी। दोनों ने अपनी मां के साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। हालांकि, माता-पिता बेटी को इससे दूर रहने के लिए कहते थे। वहीं, बरामद लड़कियों ने धर्मांतरण गिरोह के पकड़े गए सदस्यों के धर्म का काम करने की बात कही है। उन्हें छोड़ने की मांग कर दी।

पुलिस की पूछताछ में मांग
कोलकाता की मुस्लिम बस्ती से बरामद सगी बहनों से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। दोनों बहनों ने अवैध धर्मांतरण मामले में पकड़े गए लोगों के बारे में काफी बातें बताईं। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह घर तभी जाएंगी, जब सभी को छोड़ दिया जाएगा। लड़कियों ने कहा कि उनका कोई कसूर नहीं है। दोनों बहनों ने कहा कि सभी लोग धर्म के लिए काम करते हैं। अगर वे जेल चले गए तो उन्हें जन्नत भी नसीब नहीं होगी। 33 वर्षीय बड़ी बहन से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वह एमएससी जूलॉजी के साथ एमफिल कर चुकी है।

बड़ी बहन ने बताया कि वर्ष 2020 में नेट की तैयारी को खंदारी क्षेत्र की कोचिंग को गई थी। कोचिंग में कश्मीर की कई युवतियां आती थीं। वह जम्मू कश्मीर के उधमपुर निवासी साइमा उर्फ खुशबू से मिलीथी। दोनों में बातचीत होने लगी। इसी दौरान साइमा ने बड़ी बहन का शुरू हो सकति। बुर्का पहनने से सेफ रहने से लेकर जन्नत का रास्ता मुस्लिम धर्म में आसानी से मिलने की बात कर धर्मांतरण के लिए उकसाया।

पिता ने की अपील
बेटियों के पिता ने कमिश्नर से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरी बेटियां तो वापस आ गई हैं। लोगों से अपील करते हैं कि आप अपने बच्चों पर नजर रखें। उनका ख्याल रखें। कामकाज में इतना व्यस्त न हो जाएं कि उनसे बात न करें। उनकी पढ़ाई-लिखाई के साथ ही धर्म के प्रति जागरूक बनाना हमारा ही काम है। बच्चों को अपने धर्म से संबंधित साहित्य उपलब्ध कराना होगा। हर दिन धर्म की अच्छाइयां हमें बच्चों में साझा करनी होगी। इसके बाद ही हमारे बच्चे अपने धर्म के मार्ग से भटकेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने चार सालों में जो देखा है, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए।

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कयामत आएगी तो जन्नत नसीब..’, धर्मांतरण गैंग का घिनाैना सच, निकाह बाद युवक नहीं बनाते संबंध

आगरा में सदर क्षेत्र की सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया। धर्मांतरण गिरोह के 10 से अधिक सदस्य पकड़े जा चुके हैं। दिल्ली से पकड़ा गया अब्दुल रहमान इस गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

धर्मांतरण गिरोह की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चाैंकाने वाली बातें पता चल रही है। हैं। आगरा की सगी बहनों का धर्मांतरण कराने वाले मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के घर से पुलिस को रोहतक की युवती भी मिली थी। उसे बंधक बना रखा गया था। पुलिस पूछताछ में युवती ने धर्मांतरण गिरोह को लेकर कई चाैंकाने  वाली बातें बताई हैं।

युवती को जुनैद ने फंसाया था। युवती से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि जुनैद युवतियों को सोशल मीडिया पर फंसाता है। उन्हें पास बुला निकाह कराता है। इस बीच निकाह करने वाले युवक युवतियों से संबंध नहीं बनाते। ऐसा इसलिए करते हैं, जिससे युवती असुरक्षित महसूस न करे। वह आसानी से मजहब को पूरी तरह तैयार हो जाए। फिर उन्हें कोलकाता भेज मुजाहिद भी बनाया जा सके। वह जो कहे वो करती रहें।

धर्मांतरण गिरोह।
दिल्ली के ओल्ड मुस्तफाबाद से पुलिस ने अब्दुल रहमान को पकड़ा था। उसके घर से रोहतक की युवती भी मिली थी। पुलिस उसे आगरा ले आई है। उससे पूछताछ की। उसने बताया कि वह राजनैतिक शास्त्र में एमए है। वर्ष 2018 में उसकी दोस्ती फेसबुक पर जुनैद से हुई थी। वह दिल्ली का है। दोनों बात करते थे। मैसेंजर पर दुख-दर्द शेयर करते थे। युवती के पिता फैक्टरी कर्मी हैं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। यह जान जुनैद ने उसे अपने जाल में फंसाया। वह उसे अपने मजहब के बारे में बताने लगा। उसे धर्म के खिलाफ भड़काता था।

धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश
वह मिलने भी आने लगा। छह महीने बाद मिलने आया तो कलमा पढ़वा दिया। दोनों ने निकाह का फैसला किया। वर्ष 2020 में जुनैद ने दूसरी युवती से निकाह कर लिया। मगर उसने युवती से रिश्ता नहीं तोड़ा। उधर, युवती का रिश्ता परिजनों ने भी तय कर दिया। 24 नवंबर 2024 को शादी थी। इसका पता चलने पर चलने पर जुनैद ने उसे बहकाया।


धर्मांतरण गिरोह
इस पर वो शादी से 12 दिन पहले घर से निकल दिल्ली जा पहुंची। उसे शाहीन बाग में हाॅस्टल में रखा गया। यहां कई और भी युवतियां थीं। सब अलग-अलग रहती थीं। एक-दूसरे से किसी को बात करने की इजाजत नहीं थी। बाहर भी नहीं जाने दिया जाता था। मुस्लिम युवतियां सब को इस्लाम के बारे में बताती थीं। कहती थी कयामत आएगी, तब जन्नत मिलेगी।

आगरा धर्मांतरण केस।
जुनैद युवती को अब्दुल रहमान के घर ले गया। उसने युवती के बारे में जानकारी लेकर धर्मांतरण करा दिया। बाद में निकाह भी करा दिया, जबकि जुनैद पहले से शादीशुदा था। एक बच्चे का पिता भी है। युवती से कहा था कि उसके धर्म में सब जायज है। वह उसे खर्च के लिए रुपये देता था लेकिन अपने साथ घर नहीं ले गया। अब्दुल रहमान के साथ ही रखा। अब्दुल रहमान यह देखता था कि उसके दिमाग पर कितना असर पड़ा है। एक महीने पहले जुनैद ने युवती को तलाक भी दे दिया। इस पर उसे अब्दुल रहमान ने अपने घर बंधक बनाकर रख लिया, जिससे वह कहीं चली न जाए।मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के बारे में जानकारी देते पुलिस आयुक्त।
रोहतक की युवती के मां और पिता सोमवार रात को ही आगरा आ गए थे। दोनों बेटी से मिलने के बाद फूट-फूटकर रोने लगे। वह कह रहे थे कि शादी से पहले चली गई। इसके बाद कोई पता नहीं था। उसकी फेसबुक आईडी बंद करा दी गई। मोबाइल नंबर भी नहीं था। इस कारण संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस भी उसकी तलाश में नहीं लग रही थी। ऐसे में वह भटकने के लिए मजबूर थे। अब बेटी मिल गई है। उसे घर लेकर जाएंगे। युवती भी कह रही है कि वह आरोपियों को सजा दिलाना चाहती है। उसका धर्मांतरण कराया गया।

रहमान के घर से मिली पुस्तक
आगरा में सदर क्षेत्र की सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था। दस आरोपित पकड़े गए थे, जिनको 10 दिन की रिमांड पर लिया गया है। इनमें गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा भी है। वह धर्मांतरण को आने वालों और अपने गैग को रुपये देती थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो अब्दुल रहमान का नाम पता चला। इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराए थे। उसे दिल्ली से पकडा था।

पुलिस ने मांगी 14 दिन की रिमांड
आगरा पुलिस ने दिल्ली के मुस्तफाबाद से धर्मांतरण गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान उर्फ रहमान चाचा को गिरफ्तार किया है। उसे मंगलवार को कड़ी सुरक्षा में सीजेएम कोर्ट दीवानी, आगरा में पेश किया गया। पुलिस ने उसकी 14 दिन की कस्टडी रिमांड मांगी है। पुलिस उससे पूछताछ में धर्मांतरण से जुड़े विदेशी फंडिंग, लश्कर-ए-तैयबा समेत अन्य संगठनों से उसके रिश्ते और नेटवर्क के बड़े राज खोल सकती है।

अब्दुल रहमान पहले हिंदू (मूल नाम महेंद्र पाल) था। इसके बाद ईसाई और फिर इस्लाम धर्म अपना चुका है। अब वह कलीम सिद्दीकी गैंग का अहम सदस्य है। कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाद वह पूरा नेटवर्क चलाता था। उसके घर से कट्टरपंथी साहित्य और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

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