कार्यकाल के रिकॉर्ड 1755 दिन, राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह हुए भावुक, राज्य के बच्चों को नशे से बचाने का संकल्प

Uttarakhand Governor emotional upon setting record says Now we will save our children from drugs
Uttarakhand: 1755 दिन का रिकॉर्ड बनने पर भावुक हुए राज्यपाल, बोले-अब अपने बच्चों को नशे से बचाएंगे

देहरादून 07 जुलाई 2026। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा है कि अब आयुष, मौनपालन, अरोमा, मिलेट्स व संस्कृत पर और काम करेंगें। आयुर्वेद को 2.0 के स्तर से 4.0 तक पहुंचाएंगें। लोकभवन से 27 एआई आधारित एप बने हैं।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त)
पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का 1755 दिन का रिकॉर्ड पीछे छोड़कर प्रदेश में अब तक सर्वाधिक समय 1756 दिन सेवा देने वाले राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह (सेनि.) सोमवार को भावुक नजर आए। कहा कि संविधान, लोकतंत्र और गरिमा के जिस भाव के साथ देवभूमि आए हैं। कहा, पांच मिशन पर काम किया है लेकिन अब अपने राज्य के बच्चों को नशे से बचाने के लिए बड़े स्तर पर काम करेंगे।

15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने वाले ले. जन. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि पहले ही दिन से उन्होंने पांच मिशन रिवर्स पलायन, हॉर्टिकल्चर व ऑर्गेनिक फार्मिंग, महिला सशक्तीकरण, एआई व तकनीकी के साथ ही क्रांति (मौन पालन, अरोमा, होम स्टे, स्वयं सहायता समूह, मिलेट्स, स्टार्टअप) पर फोकस किया। उत्तराखंड की आत्मा नौ पर्वतीय जिलों में बसती है। 57 में से 32 वाइब्रेंट विलेज में वे खुद भ्रमण करके आए।

राज्यपाल ने कहा कि अब आयुष, मौनपालन, अरोमा, मिलेट्स व संस्कृत पर और काम करेंगे। आयुर्वेद को 2.0 के स्तर से 4.0 तक पहुंचाएंगे। लोकभवन से 27 एआई आधारित एप बने हैं। अब लक्ष्य है कि हमारे अधिकारी, कर्मचारी भी कैसे एआई को अपनाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के हरिद्वार भूमि घोटाले जैसे भ्रष्टाचार पर की गई सख्त कार्रवाई की प्रशंसा भी की।
राष्ट्रपति, पीएम की सलाह काम आई
राज्यपाल ने बताया कि जब राज्यपाल पद पर नियुक्ति के बाद एक दिन वे तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चाय पी रहे थे तो उनकी सलाह उनके यहां काम आई।

पीएमओ से कॉल तो कागज पर लिखा इक ओंकार
देवभूमि तक पहुंचने के सफर को याद करते हुए राज्यपाल ने बताया कि जब पहली बार उन्हें पीएमओ से कॉल आया तो उन्होंने सबसे पहले कागज पर इक ओंकार लिखकर रख लिया। मन ही मन सोचा, वाहे गुरु की कॉल है। पीएमओ पहुंचने तक सोचता रहा कि बुलाया क्यों होगा। प्रधानमंत्री मोदी बोले- हम आपको उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त कर रहे हैं। वहां से लौटकर वेटिंग रूम की कुर्सी पर बैठा और सोचा कि ये सम्मान मुझे नहीं बल्कि भारतीय सेना को मिला है। मेरे सिख धर्म और पूरे पंजाब को मिला है। फिर मन ही मन सोचा, वाहे गुरु, हुण की (अब क्या)… वाहे गुरु ने कहा, तू सेवा कर, कल्याण कर।

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