शामली कनवर्जन:चांदनी की जमानत नही, डेढ करोड़ दे चुका आयुष कुरैशी परिवार को

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जांच के दायरे में दिल्ली से मुंबई तक के मौलाना, गायब हो गया आयुष उर्फ अली
शामली में मेडिकल व्यवसायी के बेटे का कन्वर्जन विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मामले में आयुष का बयान आने के बाद भी पुलिस कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।

शामली 10 जून 2026। शामली केस में चांदनी की जमानत याचिका कोर्ट ने निरस्त कर दी है। चांदनी और उसके परिजनों की सीजेएम कोर्ट में 8 जून को जमानत याचिका दायर हुई थी। कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी। अभियोजन अधिकारी उतेश कुमार जौहरी ने कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शामली और कैराना अक्षय दीप यादव की अदालत ने जमानत याचिका निरस्त कर दी है।

पुलिस अधीक्षक ने प्रकरण में एआईटी गठित की है। मामले में तीन मौलवी समेत नौ अन्य आरोपित अभी पुलिस पकड़ में नहीं आ सके। मामले में पुलिस आयुष व उसके संपर्क में रहे लोगों की कॉल डिटेल खंगाल रही है। पाकिस्तानी डॉक्टर इसरार के संपर्क में रहने वालों को भी पुलिस ढूंढ रही है।

पुलिस की जांच में कनवर्जन में गाजियाबाद व दिल्ली के मौलानाओं के शामिल होने की जानकारी है। पुलिस टीमें मौलानाओं व अन्य आरोपित ढूंढने को छापे मार रही हैं लेकिन अभी कोई आरोपित पकड़ में नहीं आ सका। उधर, पुलिस ने आयुष व चांदनी के वीजा के बारे में जानकारी ली लेकिन वीजा नहीं मिला है। पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह का कहना है कि पुलिस टीमें आरोपितों को ढूंढ रही है।

पिता का दावा, चांदनी के संपर्क में कनवर्जन 
दवा कारोबारी देवराज मलिक ने दावा किया कि आयुष मलिक का कनवर्जन चांदनी कुरैशी के संपर्क में हुआ।  इससे पूर्व वह परिवार के साथ हिंदू रीति रिवाजों में शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि 2018-19 की आयुष के जन्मदिन की फोटो उनके व्हाटसएप की डीपी पर लगी है।
देवराज मलिक ने कहा कि उन्हें इस वर्ष जनवरी में बेटे के कन्वर्जन की जानकारी मिली थी। फरवरी में आयुष ने स्वयं यह स्वीकारा था। आयुष ने अपनी मां को एक मुस्लिम युवती से शादी की इच्छा जताई और उसका फोटो भी दिखाया। यह सुनकर उसकी मां बेहोश हो गई थी। युवती के संपर्क में आने से पहले आयुष हिंदू रीति-रिवाजों का पालन, पूजा-अर्चना तथा कलावा भी बांधता था । रक्षाबंधन पर अपनी बहनों से राखी बंधवाकर तिलक भी कराता था, लेकिन बाद में उसके व्यवहार और पहनावे में बदलाव आ गया।
उन्होंने दावा किया कि भावनात्मक बातचीत में आयुष ने कनवर्जन की बात बताई थी। कनवर्जन में कुछ लोगों की भूमिका रही है। आयुष दृढ़ निश्चयी है, लेकिन उसे प्रभाव में लेकर यह कदम उठवाया गया।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि निकाह कहां हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन से बेटे को सकुशल वापस लाने की मांग की। देवराज मलिक ने आरोप लगाया कि उन पर भी कनवर्जन का दबाव था और संपत्ति के लालच में षड़यंत्र रचा गया है। उसके बेटे का ब्रेनवाश हुआ है। परिवार लगातार आयुष को वापस लाने का प्रयास कर रहा है और उम्मीद है कि समझाने पर वह घर परिवार में लौट आएगा।  आयुष ने तीन दिन पहले मीडिया को बयान दिया था कि वह 2008 से इस्लाम पालन कर रहा है। उसने बिना किसी दबाव के इस्लाम कबूलना बताते हुए कहा था कि वह 40 किलोमीटर दूर जाकर नमाज पढ़ता था।
आयुष मलिक कनवर्जन केस में पुलिस एक्शन मोड में है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक के मौलाना रडार पर है। इस पूरे खेल में शामिल सभी लोग निशाने पर है। आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने मीडिया को अपनी मर्जी से कनवर्जन की बात कही है। इसके बावजूद पुलिस मामले में एक्टिव मोड में है। कारण आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक की पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में परिवार पर कनवर्जन का दबाव बनाने का आरोप है। चांदनी कुरैशी और उसके पिता को पुलिस जेल भेज चुकी है।  कनवर्जन में तमाम पक्षों को कार्रवाई के दायरे में लाने की तैयारी है।
आयुष मलिक केस में अब दिल्ली से मुंबई तक होगी जांच (AI फोटो)

नेटवर्क की तलाश
आयुष मलिक कनवर्जन में पुलिस जांच का दायरा बढ़ा है। स्वैच्छिक कनवर्जन वाले आयुष के बयान के बाद भी पिता की लिखित शिकायत पर पुलिस इसे युवक के ब्रेनवॉश से जुड़ा मामला मान रही है। तह तक जाने को शामली से दिल्ली और मुंबई तक फैले नेटवर्क खंगालने को चार टीमें गठित हैं। आयुष मलिक केस को उठाने वाले स्वामी यशवीर महाराज ने युवक की शादी दिल्ली में कराने और मुंबई में खतने की बात कही है। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।

शामली पुलिस इस समय पुलिस भर्ती परीक्षा पूरा कराने में जुटी है। इसके बाद टीमें विभिन्न स्थानों पर दबिश देंगी। मामले में जांच का फोकस अब उन तथ्यों पर है, जिनमें आयुष के मुंबई में खतना कराने और बाद में दिल्ली में निकाह होने की जानकारी सामने आई है। इन बिंदुओं से जुड़े दस्तावेज, गवाह और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच चल रही है।

पिता के आरोप महत्वपूर्ण
मेडिकल व्यवसायी देवराज मलिक के आरोपों को भी जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है और उनकी दी सूचनाओं का सत्यापन हो रहा है। मामले में नामजद मौलवियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में पुलिस की कार्रवाई जारी है। दूसरी तरफ, गिरफ्तार आयुष की पत्नी चांदनी और उसके पिता के बाद नामजद परिवार के अन्य सदस्य भागे हुए हैं। उनकी गिरफ्तारी को संभावित ठिकानों पर पुलिस  दबिश दी जा रही है।

पुलिस की जांच में कनवर्जन मामले में पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं। हालांकि, आयुष इस्लामिक वक्ता इसरार के भाषणों से प्रभावित था। पुलिस आयुष उर्फ अली के सोशल मीडिया एक्टिविटी, संपर्कों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। इससे किसी संभावित विदेशी लिंक की पुष्टि हो सकेगी।

आयुष, चांदनी का परिवार गायब
आयुष उर्फ मोहम्मद अली ने सोमवार को हनुमान टील्ला रोड मेडिकल स्टोर पर मीडिया को बयान दिया। इसमें उसने किसी प्रकार के दबाव में न आकर स्वयं इस्लाम धर्म अपनाने की बात कही । तब से मामला चर्चा में है। हालांकि, मंगलवार को आयुष का पता नहीं लगा पाया। आयुष का मेडिकल स्टोर भी बंद है। संपति हड़पने को प्रेमजाल में फंसाकर आयुष का कनवर्जन एवं निकाह का के हुआ था।

चांदनी का परिवार काजीवाड़ा में रहता था। घर पर ताला लगा है। गिरफ्तारी के डर से चांदनी की बहनें और उसका भाई, परिवार के सभी सदस्य भागे हुए हैं।

4 जून को उठाया था मामला
बघरा स्थित योग साधना केंद्र के स्वामी यशवीर महाराज ने शामली के मेडिकल व्यवसायी के बेटे आयुष के कन्वर्जन एवं निकाह का मामला चार जून को वीडियो वायरल कर उठाया था। तब से मामला तूल पकड़ता जा रहा है।  6 जून को मेडिकल व्यवसायी देवराज मलिक की पुलिस में दी लिखित शिकायत में आरोप था कि उनकी संपत्ति हड़पने को काजीवाड़ा मोहल्ला निवासी चांदनी ने अपने परिवार एवं मौलवियों से मिलकर प्रेम जाल में फंसाकर उसका कनवर्जन कराया।

आरोपित चांदनी कुरैशी

शहर के दवा कारोबारी देवराज मलिक के पुत्र आयुष के कन्वर्जन में पुलिस जांच में सामने आया कि आयुष और चांदनी का निकाह दिल्ली की एक मस्जिद में हुआ था। शामली, लोनी और गाजियाबाद में मौलवियों के निकाह से इनकार  के बाद दिल्ली में शामली के एक मौलवी के सहयोग से निकाह हुआ।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जांच में  आया है कि निकाह कराने में आयुष के संपर्क में शामली के अलावा मेरठ और दिल्ली के कुछ लोग थे। उनकी पहचान और वर्तमान ठिकाने की जानकारी जुटाई जा रही है। आयुष इंटरनेट और सोशल मीडिया से विभिन्न धार्मिक वीडियो देखता था। इसी क्रम में पाकिस्तान के इस्लामिक विद्वान डॉक्टर इसरार के वीडियो और उनसे जुड़े कुछ चैनलों की भी जांच की जा रही है।

धर्मांतरण में जांच एजेंसियां मेरठ की एक महिला की भूमिका भी जांच रही हैं। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इसमें नामजद और अन्य व्यक्तियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आयुष सुरक्षित है और अपने परिजनों के संपर्क में है।

12 जून को महापंचायत की चेतावनी, प्रशासन सतर्क
आयुष के कन्वर्जन पर संत समाज और हिंदू संगठनों में नाराजगी है। स्वामी यशवीर महाराज ने 12 जून को शामली में महापंचायत की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि यदि मामले में अन्य आरोपित नहीं पकड़े तो आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। महापंचायत की घोषणा से पुलिस और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ गई है। आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, राजस्थान और पंजाब से भी लोग शामिल हो सकते हैं। उधर, हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई मांगी है। आयुष के पिता देवराज मलिक ने कहा कि पूरे प्रकरण की गहन जांच हो और कोई संगठित गिरोह सामने आता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

सोशल मीडिया पर भी छाया रहा मामला
आयुष कनवर्जन प्रकरण सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग मामले में शीघ्र कार्रवाई मांग रहे हैं, जबकि कुछ निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच की जरूरत बता रहे हैं।

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