हाइड्रोजन बम से फिसले,डिलीट बम पर अटके, कांग्रेस ने बदली रणनीति कि अंतहीन मिसफायर?

हाइड्रोजन बम कहते-कहते अचानक डिलीट बम पर क्यों आ गए राहुल गांधी? जानिए पर्दे के पीछे की असली कहानी

राहुल गांधी हाइड्रोजन बम कहते-कहते अचानक डिलीट बम पर क्यों आ गए? क्या इसके पीछे असली वजह बिहार चुनाव है या फिर बंगाल चुनाव या फिर 2029 का लोकसभा चुनाव? क्या कांग्रेस आंदोलन की तैयारी में है?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दूसरी बार इलेक्शन कमीशन पर जोरदार हमला बोला है. यह हमला पहले से भी बड़ा दिखता है. राहुल गांधी ने वोटरों के नाम कटने-जुड़ने का बड़ा दावा किया . राहुल गांधी ने वोटरों के नाम जोड़ने और हटाने को बड़े पैमाने पर कॉल सेंटर, फर्जी मोबाइल नंबर और ओटीपी के चुनाव आयोग से कई सवाल पूछे .

राहुल गांधी ने कहा है कि वह अगले दो महीनों तक इसी तरह ‘बम’ फोड़ते रहेंगे. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि हाइड्रोजन बम कहते-कहते अचानक डिलीट बम पर क्यों आ गए राहुल गांधी? क्या पर्दे के पीछे की असली कहानी कुछ और है. क्या राहुल गांधी ‘वोट चोरी’ विषय जिंदा रखना चाहते हैं? क्या बिहार और बंगाल चुनाव तक यह विषय जिंदा रखेंगे या फिर यह विषय और बड़ा होकर भारतीय राजनीति में तूफान लाएगा? क्या कुल खेल संवैधानिक संस्थाओं से जनविश्वास हिलाकर नेपाल जैसी स्थितियां पैदा करने की फिराक में हैं? ताकि अव्यवस्था का लाभ उठाकर  सत्ता पा सकें. संभवत: पत्रकारों के कोर्ट जाने के सवाल पर उनका पीछे हटकर कहना था कि लोकतंत्र बचाना उनका काम नही. वे सिर्फ सरकार पर दबाव बनानो को हैं और  कि बाकी काम युवा,छात्र और जेन जी करेंगें.

राहुल गांधी ने कहा कि अभी हाइड्रोजन बम तैयार हो रहा है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सीधे तौर पर सवाल उठाए, जिससे यह साफ हो गया है कि कांग्रेस अब इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपनाएगी.
1-हाइड्रोजन बम फूटा या नहीं?
राहुल गांधी ने कहा कि अभी तो सिर्फ शुरुआती ‘बम’ फूटे हैं, लेकिन आने वाले समय में एक ‘हाइड्रोजन बम’ भी फटेगा, जो चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के सारे राज खोल देगा.

2-मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला
राहुल गांधी ने ECI ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी भूमिका संदेह के घेरे में है और उन्हें जनता को स्पष्टीकरण देना चाहिए.
3-EVM में पारदर्शिता की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि जब तक EVM में शत-प्रतिशत पारदर्शिता नहीं होगी, तब तक जनता का विश्वास नहीं लौटेगा.

4-‘वोट चोरी’ का आरोप
उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजे सिर्फ जनता के वोटों से नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में हुई धांधली से भी तय हुए हैं.
5-निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने चुनाव आयोग से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, और कहा कि अगर जांच नहीं हुई तो इसका सीधा असर लोकतंत्र पर पड़ेगा.

6-‘खामोशी’ पर सवाल
राहुल ने कहा कि हमारी शिकायतों के बावजूद चुनाव आयोग खामोश है, जो दर्शाता है कि वह सरकार के दबाव में काम कर रहा है.
7-सरकारी दबाव का आरोप
उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सरकार का प्रभाव है और यह निष्पक्ष चुनावों के लिए ठीक नहीं है.
8-लोकतंत्र पर हमला
राहुल ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र का मुद्दा है.
9-मीडिया को चुनौती
उन्होंने मीडिया से भी इस मुद्दे को उठाने की अपील की और कहा कि अगर मीडिया ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, तो आने वाले समय में लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा.
10-भविष्य की रणनीति
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर देशभर में आंदोलन करेगी और जनता को जागरूक करेगी.

राहुल गांधी के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को सिर्फ एक बयान के तौर पर नहीं देखा जा सकता. राहुल के पीसी के तुरंत बाद ही भाजपा के कद्दावर नेता रविशंकर प्रसाद और अनुराग ठाकुर ने मोर्चा संभाला. दोनों ने राहुल गांधी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया.

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