TCS कार्पोरेट जिहाद: धरी गई निदा,आईडी से नही मिलती शक्ल
TCS कनवर्जन केस में निदा खान बंदी, पहली तस्वीर, पूछताछ में खुलेंगे रहस्य
TCS Conversion Case: निदा खान और अन्य पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता को कन्वर्जन को मजबूर किया. उसे बुरखा देकर ‘मुहम्मद पैगंबर का पवित्र जीवन” पुस्तक पढ़ाई .
TCS कॉर्पोरेट जिहाद की मुख्य आरोपित निदा खान बीती रात पुलिस ने पकड ली . उसे नासिक अदालत लाया गया. निदा खान की अग्रिम जमानत की याचिका कोर्ट ने ठुकरा दी थी. निदा खान को संभाजी नगर से पकड़ा गया है।
निदा खान महीनेभर से भागी हुई थीं. अब नासिक क्राइम ब्रांच के हाथ लगी है. निदा खान के साथी दानिश शेख, शाहरुख कुरेशी , रजा मेमन और अख्तर पहले ही जेल में हैं. उम्मीद जताई रहे हैं कि निदा खान के रहस्य उगलने से कई और लोग भी नंगे हो सकते हैं.
कैसे हुई गिरफ्तारी?
निदा खान छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव स्थित कौसर कॉलोनी में अपने एक रिश्तेदार के किराए के फ्लैट में थी. जेल से बचने वह पिछले 3-4 दिनों से अपने माता-पिता, भाई और मौसी के साथ वहां थी. उसके साथ कुल 5 और लोग थे.
निदा खान संभाजीनगर के कुछ वकीलों के साथ हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका की तैयारी में थी. नासिक पुलिस को तकनीकी विश्लेषण से उसके ठिकाने का पता चला. पुलिस ने 20 से अधिक जवानों की टीम लगाई थी, जो सादे कपड़ों में पिछले 3-4 दिनों से क्षेत्र की रेकी कर रहे थे.
पूरी कार्रवाई में पुलिस ने खाकी वर्दी या पुलिस वाहन नहीं लगाये। निदा को भनक लगती तो वह फिर भाग जाती. एक महीने में निदा ने बचने को नासिक, ठाणे, भिवंडी, मुंब्रा और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में शरण ली थी. गुरुवार (7 मई 2026) देर रात उसे सूतगिरणी चौक स्थित न्यायाधीश के निवास लाया गया. नासिक पुलिस ने उनसे ट्रांजिट रिमांड ली.
निदा खान पर कन्वर्जन आरोप
निदा खान और अन्य आरोपितों पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता को कन्वर्जन को मजबूर किया। पीड़िता के मोबाइल में इस्लामिक एप्लिकेशन इंस्टॉल किए और उसे मजहबी शिक्षा को लगातार इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब लिंक और वीडियो भेजे ताकि उसे धार्मिक शिक्षा दी जा सके. इन वीडियो के स्रोत की जांच अभी बाकी है.
आरोप है कि निदा पीड़िता को अपने घर ले जाकर नमाज पढ़ना और हिजाब और बुरखा पहनने का तरीका सिखाती थी. मुख्य आरोपित दानिश शेख ने पीड़िता के शैक्षणिक और महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जा लिए थे. जांच के अनुसार, वे ‘मालेगांव पार्टी’ से पीड़िता का नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू करने वाले थे.
नौकरी के बहाने मलेशिया भेजने का था प्लान
जांच में आया है कि आरोपित दानिश और तौसिफ, पीड़िता को नौकरी के बहाने मलेशिया में ‘इमरान’ के पास भेजने की तैयारी में थे. इस अंतरराष्ट्रीय लिंक की गहराई से जांच होना बाकी है.
महाराष्ट्र के नासिक जिले में IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) पर जबरन धर्मांतरण, यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में पुलिस लगातार जांच कर रही है. इसी क्रम में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. TCS मामले में फरार चल रही महिला आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया है. यह कार्रवाई नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने की.
पुलिस की मिली जानकारी के मुताबिक, 25 मार्च से फरार चल रही निदा खान की तलाश में नासिक पुलिस की दो टीमें लगातार जुटी हुई थीं. आखिरकार उसे छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव स्थित कैसर कॉलोनी के एक फ्लैट से हिरासत में लिया गया है.
सपरिवार फ्लैट में थी निदा खान
फ्लैट में निदा खान के साथ उसकी मां, पिता, भाई और मौसी सहित कुल पांच लोग रह रहे थे. गिरफ्तारी बाद निदा खान को रात में कोर्ट लाया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई हो रही है.
इससे पहले स्थानीय अदालत ने निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी थी. SIT ने कोर्ट में अब तक की जांच रिपोर्ट पेश कर निदा की जमानत का कड़ा विरोध किया. इससे भी पहले, 20 अप्रैल को कोर्ट ने निदा को अंतरिम सुरक्षा देने से भी मना कर दिया था.
nashik tcs case nida khan arrested religious conversion maharashtra news
नासिक TCS केस: तीन दिन तक पुलिस की हिरासत में निदा खान, AIMIM पार्षद पर शरण देने का आरोप;
टीसीएस नासिक कांड की मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी से बड़े धर्मांतरण नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। बुर्का पहनाने से लेकर विदेश भेजने की इस साजिश ने कॉरपोरेट जगत और राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं?
टीसीएस के नासिक यूनिट में कथित धार्मिक धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले की मुख्य आरोपी निदा खान आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में है। पिछले कई दिनों से फरार चल रही निदा को पुलिस ने मध्य महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि एक स्थानीय एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल ने उसे अपने घर में पनाह दी थी।
कोर्ट ने 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा
गिरफ्तारी के बाद निदा खान को शुक्रवार को नासिक रोड सेशन कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को सुनने के बाद उसे 11 मई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इससे पहले निदा ने अपनी तीन महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत मांगी थी। हालांकि, दो मई को अदालत ने उसकी अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि यहां पीड़ितों के व्यवस्थित ब्रेनवॉशिंग की योजना दिखाई दे रही है।
बुर्का, नमाज और मलेशिया भेजने की साजिश
सरकारी वकील एएस मिसार ने अदालत में चौंकाने वाले दावे किए कि पीड़िता को जबरन बुर्का पहनाया गया और नमाज पढ़ने की ट्रेनिंग दी गई। निदा खान पर आरोप है कि वह पीड़िता के घर जाकर वहां मजहबी गतिविधियां चलाती थी। जांच में सामने आया है कि पीड़िता का नाम बदलकर हनिया करने और उसे मलेशिया भेजने की तैयारी थी। पुलिस अब वें इंस्टाग्राम रील और यूट्यूब लिंक जांच रही है, जो पीड़िता को बार-बार भेजे जाते थे।
सीएम फडणवीस का सख्त रुख
इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि एमआईएम पार्षद की भूमिका स्पष्ट है और सरकार इस धर्मांतरण रैकेट की तह तक जाएगी। वहीं, नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम एसआईटी अब तक इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। निदा पर एससी-एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज है। इस बीच, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
मामले में निदा खान से पहले पांच आरोपित पकड कस्टडी में लिये गये हैं. अब तक मामले में कुल 9 मुकदमें हुये हैं. एक मामला देवलाली कैंप पुलिस थाना और बाकी मुंबई नाका में हुए. टीसीएस मामले के मुख्य आरोपित सैफी शेख और रजा मेमन हैं.
TCS केस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी कठोर
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामला ‘बेहद गंभीर’ बताया और जानकारी दी कि सरकार मामला जांच रही है. फडणवीस ने कहा कि राज्य एजेंसियां इन्वेस्टिगेशन कर विस्तार से रिपोर्ट तैयार कर रही हैं ताकि इस गंभीर मामले की तह तक जाया जा सके और पता लग सके कि टेक हब में यौन शोषण और लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत कौन कर रहा है.
पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या निदा खान को इस अपराध के लिए कोई बाहरी वित्तीय मदद या फंडिंग मिली थी. FIR के बाद निदा को किस-किस ने शरण दी और कंपनी से ट्रांसफर होने पर भी वह अन्य आरोपितों से कैसे संपर्क में थी, इसकी जांच लंबित है.
अमृता फडणवीस ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने आरोपी को ‘मानव रूप में राक्षस’ बताते हुए कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे अपराधियों को कभी भी आसानी से बाहर आने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने समाज और परिवारों को सतर्क रहने की सलाह दी क्योंकि अक्सर परिचित और भरोसेमंद लोग ही ऐसे घिनौने कृत्यों को अंजाम देते हैं। फडणवीस ने स्कूलों में ‘गुड टच और बैड टच’ के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
संजय शिरसाट का बड़ा आरोप
महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने इस मामले में एक गहरी साजिश का आरोप लगाते हुए कहा है कि निदा खान को उनके निर्वाचन क्षेत्र संभाजीनगर में 43 दिनों तक छिपाकर रखा गया था। उन्होंने दावा किया कि इस काम में एआईएमआईएम के एक कॉर्पोरेटर ने मदद की और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं। शिरसाट के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी महज एक मोहरा है और इसके पीछे बड़े चेहरों का हाथ है, जो जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर अपराधों के रैकेट का हिस्सा हो सकते हैं।
