ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की हत्या,दून की मुसीबत बनें हैं 50 नाइट क्लब और बार
Retired Brigadier Murder in Firing Incident In Dehradun Dispute Erupts at Gen-Z Club
देहरादून गोलीकांड: जेन-जी क्लब में उपजा विवाद, दो गुटों के संघर्ष में अकारण मारे गए सैर पर निकले ब्रिगेडियर
राजपुर थानाक्षेत्र के जोहड़ी गांव में युवकों के दो गुटों की फायरिंग में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की गोली लगने से मौत हो गई।सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की मौत
देहरादून के जोहड़ी में हुए गोलीकांड का विवाद जेन-जी क्लब में उपजा और सैर पर निकले सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी दो गुटों के संघर्ष में बेवजह मारे गए। वे रोज की तरह अपने तीन साथियों के साथ सुबह टहलने निकले थे। अपने आवास से थोड़ी दूरी पर पहुंचे तो सामने से दो तेज रफ्तार कारें आ रही थीं। दोनों कारों में सवार युवक एक-दूसरे पर फायरिंग कर रहे थे।
इसी संघर्ष में गोली ब्रिगेडियर जोशी के सीने में लगी। उनका न तो इस घटना से कोई लेनादेना था और न ही वे इन हुड़दंगी युवकों को जानते थे। परिजनों के अनुसार उन्होंने 62 वर्ष आयु तक सेना में नौकरी की। सेना के कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा बने। वे शारीरिक रूप से स्वस्थ थे।
उनमें देश सेवा की भावना हमेशा देखी जा सकती थी। यही कारण है कि उन्होंने अपने बेटे को नौसेना में भेजकर देश सेवा के संकल्प को और अधिक मजबूती दी लेकिन कुछ युवकों के आपसी विवाद ने उनकी जान ले ली। अब पुलिस ने जेन-जी क्लब सील किया है, आरोपित इसी क्लब से पार्टी कर निकले थे, उनकी क्लब मालिक-कर्मियों से ही मारपीट हुई थी। ये क्लब पहले भी सील हो चुका है।
रिटायर्ड ब्रिगेडियर को लगी गोली
बता दें कि देहरादून के राजपुर रोड, सहस्रधारा और क्लेमेंटटाउन समेत कई पॉश इलाकों में मौजूद क्लबों और बारों से हुड़दंग शुरू होकर बाहर तक लोगों के लिए खतरा बन रहा है। शहर में करीब 50 नाइट क्लब और बार हैं। इनमें से कई ऐसे क्लब हैं जहां पर अवैध रूप से शराब और नशा परोसा जाता है। दून के कई क्लब पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। कई क्लबों को बंद भी कराया गया। इसके बाद भी क्लब संचालक नियमों को ठेंगा दिखा निडर क्लब संचालन कर रहे हैं। कई क्लब ऐसे भी हैं जो देर रात तक खुले रहते हैं। परगनाधिकारी सदर हरि गिरी ने बताया कि पुलिस को साथ ले सभी ऐसे क्लब चिह्नित किए जा रहे है जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन पर कठोर कार्रवाई हो रही है।
जोहड़ी गांव के लोगों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि सोमवार सुबह वे सभी घरों में सो रहे थे। अचानक बाहर रोड पर गाड़ियों के तेज हॉर्न और गोलियों की आवाज आने लगी। बाहर जाकर देखा तो दो कारों में सवार युवक एक-दूसरे पर गोलियां बरसा रहे थे। बाहर का मंजर देखकर उन्होंने अपने गेट बंद कर लिए और बच्चों को अंदर भेज दिया। थोड़ी देर बात पता चला कि गोली राह चलते सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर जोशी को लग गई है।
सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की मौत
जोहड़ी गांव के सतीश शर्मा ने बताया कि जोहड़ी-जाखन के जंगल में नशीले पदार्थो का व्यवसाय होता है। ऐसे में हर रोज बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। युवा बुलेट से पटाखे फोड़ने के साथ ही आधी रात सायरन बजाते निकलते हैं। इसके बाद भी पुलिस की कोई भी सुरक्षा मौजूद नहीं है। उन्होंने पेट्रोलिंग बढ़ाने और पुलिस पिकेट स्थापित करने की मांग की है।
सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की मौत के बाद जांच करती टीम
अमेरिका के बीएसएम मेडल से किए गए थे सम्मानित
परिजनों के अनुसार रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी को सेना में उत्कृष्ट योगदान के लिए अमेरिका के ब्रॉन्ज स्टार मेडल (बीएसएम) से सम्मानित किया गया था। अमेरिका का यह बहुत विशिष्ठ सम्मान है। यह वीरता और उत्कृष्ट सेवा को दिया जाता है। ब्रिगेडियर जोशी ने इंटेलीजेंस कोर में कई उपलब्धियां हासिल कीं। इसके लिए भारत में भी उन्हें अलग-अलग समय पर कई सम्मान दिए गए। परिजनों ने बताया कि ब्रिगेडियर जोशी जम्मू कश्मीर प्रभारी भी रहे। उन्होंने कई युद्धों में भी योगदान दिया।
सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की मौत
15 दिन पहले मॉरीशस से लौटे थे
रिटायर्ड ब्रिगेडियर जोशी की एक बेटी और एक बेटा है। बेटा नौसना में है और इस समय मॉरीशस में है। जबकि बेटी गोवा में रहती है। जोशी अपने परिवार के साथ मॉरीशस घूमने गए थे। वे करीब 15 दिन पहले ही भारत लौटे थे।
Big Question Put Up after firing case Who is supplying weapons to students
राजधानी में आखिर कौन दे रहा छात्रों को हथियार? गोलीकांड से फिर कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
राजधानी में दिनदहाड़े गोलीकांड ने फिर से कानून व्यवस्था कठघरे में खड़ी कर दी है। पिछले दो महीने में दिनदहाड़े हत्याकांड की ये चौथा बड़ा अपराध है। बदमाश मसूरी रोड स्थित गोली रेस्टोरेंट से जोहड़ी गांव तक तीन किलोमीटर तक तेज रफ्तार कारों में एक-दूसरे पर गोलियां बरसाते रहे। इस गोलीकांड में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की दर्दनाक मौत हो गई।फरवरी के पहले सप्ताह में हुए गुंजन हत्याकांड के बाद अर्जुन शर्मा और फिर गैंगस्टर विक्रम शर्मा की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी।
सोमवार सुबह छात्रों और क्लब कर्मचारियों में गोलीबारी हुई और इन्हीं की गोली से रिटायर्ड ब्रिगेडियर जोशी की मौत हुई। यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। जहां गोलीबारी हुई वहां स्कूल बंद था नहीं तो बड़ी घटना संभव थी। आरोपियों ने जैसे पूरे रास्ते ताबड़तोड़ फायरिंग कीं इसमें और लोगों की जान खतरे में थी। हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी देर दो कारें तेज हॉर्न बजाते हुए दौड़ती रहीं और उनमें गोलियां चलती रहीं लेकिन पुलिस सुरक्षा व्यवस्था कहीं नहीं दिखी। पुलिस कठोर होती और समय रहते आरोपी पकड़े जाते तो शायद पूर्व ब्रिगेडियर को ऐसे जान नहीं गंवानी पड़ती।
आखिर कौन दे रहा छात्रों को हथियार
हमलावर दो गुटों में एक गुट छात्रों का है। पुलिस के अनुसार छात्र देहरादून के एक विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर इन छात्रों को अवैध हथियार दे कौन रहा है।
कुछ ताजा घटनाएं
– प्रेमनगर में 23 मार्च की रात उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के 22 वर्षीय छात्र दिव्यांशु जटराना (मुजफ्फरनगर निवासी) की दो छात्र गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में हत्या हो गई।
– चार मार्च को राजपुर क्षेत्र में दिनदहाड़े कुछ युवकों ने एक युवक की पिटाई की। आरोपियों ने न केवल मारपीट की बल्कि उसका मोबाइल और स्कूटी भी तोड़ दी।
– कुछ दिन पहले विकासनगर क्षेत्र में एक ढाबे पर खाना खाते युवक पर कुछ लोगों ने रॉड से हमला किया था। मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया जिससे युवक गंभीर घायल हो गया l
