एनयूजे आई

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया)

कार्यसमिति बैठक विजयवाड़ा आन्ध्र प्रदेश 06-07 सितम्बर 2025

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) की राष्ट्रीय कार्यसमिति की दो दिनी बैठक विजयवाड़ा आन्ध्र प्रदेश में संपन्न हुई जिसकी अध्यक्षता एनयूजे आई अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने की। बैठक में केन्द्र सरकार से आग्रह किया गया कि प्रेस की स्वतंत्रता सार्थक बनाने कोह अभिव्यक्ति की आजादी वाले कानून में मीडिया की अभिव्यक्ति को अलग से परिभाषित किया जाना चाहिए। अभिव्यक्ति का मौलिक अधिकार स्वयं के लिए है जबकि मीडिया दूसरों की अभिव्यक्ति व्यक्त करता है। अनुच्छेद 19 (1) (A) में तदनुरुप संशोधन की जरूरत है। यह समस्या इस कारण है कि केन्द्र सरकार के कई विभागों के साथ राज्यों ने सचिवालय में पत्रकारों का प्रवेश प्रतिबंधित किया हुआ है। यह स्वतंत्र प्रेस विरोधी है। पंडित नेहरू से अटल बिहारी बाजपेयी तक प्रेस स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक रहे हैं। एनयूजे आई महासिचव त्रियुग नारायण तिवारी ने बैठक संचालित की।

बीकानेर बैठक प्रस्ताव से संकल्प लिया गया था कि मीडिया को उसकी लोकतांत्रिक शक्ति की अनुभूति कराने को एनयूजे आई जामवंत की भूमिका निभाकर हनुमान रूपी मीडिया को उसकी शक्ति याद दिलायेगा। उसी क्रम में इस बार भी पत्रकार हितैषी प्रस्ताव पारित हुआ। एनयूजे आई अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि देश भर में पत्रकारों के सामने बड़ा संकट है। लोकतांत्रिक मान्यता के विरुद्ध उनके समाचार संकलन को सरकारी कार्यालयों में प्रवेश पर पाबंदी तक लगा दी गई हैं। यह मान्य परम्परा के खिलाफ है। कई राज्यों से सूचना है कि पत्रकार नियमों,राज्य हित के विपरीत और व्यक्तिगत हित पोषक जानकारी प्रकाशित करता है तब उसके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा प्रकरण दर्ज कराकर परेशान किया जाता है। जब पत्रकार यह पूछता है कि भ्रष्टाचार, जनता के काम में टाल-मटोल मानसिकता पर सवाल पूछना कब से सरकारी कार्य में बाधा हो जाता है,  तब पुलिस नाहक दबाव बनाती है। ऐसे देश के कई राज्यों में समाचार संकलन कठिन हो रहा है। सरकारों की बरती जा रही इस गोपनीयता की लोकतंत्र में क्या जरूरत है समझना कठिन है?

बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (A) में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ मीडिया की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अलग से व्यवस्था होनी चाहिए क्योंकि इस अनुच्छेद में केवल नागरिक के अभिव्यक्ति अधिकार की व्यवस्था है जबकि मीडिया समाजहित में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मंच है। प्रस्ताव दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के उमेश चतुर्वेदी ने प्रस्तुत किया जिसका अनुमोदन नेशनलिस्ट्स यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स बिहार के राकेश प्रवीर ने किया। राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस पर अपनी बात रखी । व्यापक चर्चा कर प्रस्ताव सर्वानुमति से स्वीकृत हुआ।

अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने देश भर से आये पत्रकारों का आव्हान किया कि वे जन सरोकार के समाचारों को प्रमुखता दें जिससे लोकतंत्र को ताकत मिल सके और मीडिया की सार्थकता दिखाई देने लगे। उन्होंने कहा कि संगठन का अभिप्राय आपसी समन्वय, भाईचारा और सुख-दुख में सहभागिता होता है। प्रस्ताव पेश करते

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