एनयूजे आई

 

​तेलंगाना में एनयूजेआई (NUJI) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू
​संवाददाता
कल्याणपुर, 23 अप्रैल: मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में और अधिक मजबूत करने के संकल्प के साथ, गुरुवार से तेलंगाना के हैदराबाद में भारत के सबसे बड़े पत्रकार संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया’ (NUJI) की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई। गुरुवार, 23 अप्रैल को एक भव्य समारोह के माध्यम से इस सभा का औपचारिक उद्घाटन किया गया, जो शुक्रवार, 24 अप्रैल तक चलेगी।
​इस सभा का शुभ उद्घाटन तेलंगाना के मंत्री विवेक वेंकटस्वामी ने किया। विशेष अतिथि के रूप में अमेरिका से आईं विशिष्ट समाजशास्त्री जाह्नवी रेड्डी उपस्थित थीं। इसके अलावा, संगठन के अखिल भारतीय अध्यक्ष सुरेश शर्मा और महासचिव त्रियुग नारायण तिवारी भी उद्घाटन मंच पर मौजूद रहे।
​मंत्री विवेक वेंकटस्वामी का संबोधन
​मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री विवेक वेंकटस्वामी ने कहा:
​”पत्रकार समाज का दर्पण और लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) देश के सबसे बड़े और शक्तिशाली संगठन के रूप में पत्रकारों के हित में निरंतर कार्य कर रहा है।”
​उन्होंने आगे बताया कि सरकार पत्रकारों के कल्याण के लिए सकारात्मक भूमिका निभा रही है। विशेष रूप से असहाय और भूमिहीन पत्रकारों को आवास या भूमि प्रदान करने सहित विभिन्न सामाजिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए सरकार ईमानदारी से प्रयासरत है।
​बैठक का उद्देश्य और महत्व
​मुख्य लक्ष्य: वर्तमान समय में पत्रकारों की व्यावसायिक सुरक्षा और सामाजिक मर्यादा की रक्षा करना।
​भागीदारी: भारत के प्रत्येक राज्य से आए अध्यक्षों और महासचिवों की उपस्थिति में यह सभा पत्रकार आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
​प्रतिनिधि: इस राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के हर राज्य से संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और महासचिव शामिल हुए हैं। हैदराबाद और तेलंगाना के स्थानीय पत्रकारों ने भी बड़ी संख्या में इस सभा में हिस्सा लिया।
​समापन: 24 अप्रैल को सभा के दूसरे दिन पत्रकार सुरक्षा कानून और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा के साथ सम्मेलन का समापन होगा।

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया)

कार्यसमिति बैठक विजयवाड़ा आन्ध्र प्रदेश 06-07 सितम्बर 2025

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) की राष्ट्रीय कार्यसमिति की दो दिनी बैठक विजयवाड़ा आन्ध्र प्रदेश में संपन्न हुई जिसकी अध्यक्षता एनयूजे आई अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने की। बैठक में केन्द्र सरकार से आग्रह किया गया कि प्रेस की स्वतंत्रता सार्थक बनाने कोह अभिव्यक्ति की आजादी वाले कानून में मीडिया की अभिव्यक्ति को अलग से परिभाषित किया जाना चाहिए। अभिव्यक्ति का मौलिक अधिकार स्वयं के लिए है जबकि मीडिया दूसरों की अभिव्यक्ति व्यक्त करता है। अनुच्छेद 19 (1) (A) में तदनुरुप संशोधन की जरूरत है। यह समस्या इस कारण है कि केन्द्र सरकार के कई विभागों के साथ राज्यों ने सचिवालय में पत्रकारों का प्रवेश प्रतिबंधित किया हुआ है। यह स्वतंत्र प्रेस विरोधी है। पंडित नेहरू से अटल बिहारी बाजपेयी तक प्रेस स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक रहे हैं। एनयूजे आई महासिचव त्रियुग नारायण तिवारी ने बैठक संचालित की।

बीकानेर बैठक प्रस्ताव से संकल्प लिया गया था कि मीडिया को उसकी लोकतांत्रिक शक्ति की अनुभूति कराने को एनयूजे आई जामवंत की भूमिका निभाकर हनुमान रूपी मीडिया को उसकी शक्ति याद दिलायेगा। उसी क्रम में इस बार भी पत्रकार हितैषी प्रस्ताव पारित हुआ। एनयूजे आई अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि देश भर में पत्रकारों के सामने बड़ा संकट है। लोकतांत्रिक मान्यता के विरुद्ध उनके समाचार संकलन को सरकारी कार्यालयों में प्रवेश पर पाबंदी तक लगा दी गई हैं। यह मान्य परम्परा के खिलाफ है। कई राज्यों से सूचना है कि पत्रकार नियमों,राज्य हित के विपरीत और व्यक्तिगत हित पोषक जानकारी प्रकाशित करता है तब उसके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा प्रकरण दर्ज कराकर परेशान किया जाता है। जब पत्रकार यह पूछता है कि भ्रष्टाचार, जनता के काम में टाल-मटोल मानसिकता पर सवाल पूछना कब से सरकारी कार्य में बाधा हो जाता है,  तब पुलिस नाहक दबाव बनाती है। ऐसे देश के कई राज्यों में समाचार संकलन कठिन हो रहा है। सरकारों की बरती जा रही इस गोपनीयता की लोकतंत्र में क्या जरूरत है समझना कठिन है?

बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (A) में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ मीडिया की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अलग से व्यवस्था होनी चाहिए क्योंकि इस अनुच्छेद में केवल नागरिक के अभिव्यक्ति अधिकार की व्यवस्था है जबकि मीडिया समाजहित में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मंच है। प्रस्ताव दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के उमेश चतुर्वेदी ने प्रस्तुत किया जिसका अनुमोदन नेशनलिस्ट्स यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स बिहार के राकेश प्रवीर ने किया। राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस पर अपनी बात रखी । व्यापक चर्चा कर प्रस्ताव सर्वानुमति से स्वीकृत हुआ।

अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने देश भर से आये पत्रकारों का आव्हान किया कि वे जन सरोकार के समाचारों को प्रमुखता दें जिससे लोकतंत्र को ताकत मिल सके और मीडिया की सार्थकता दिखाई देने लगे। उन्होंने कहा कि संगठन का अभिप्राय आपसी समन्वय, भाईचारा और सुख-दुख में सहभागिता होता है। प्रस्ताव पेश करते

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