किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में लव जिहाद:धर्मांतरण को उत्पीड़न, उत्तराखंड के सीनियर रेजीडेंट मौ.शोयेब की जांच शुरु
Kgmu lucknow love jihad doctor forced conversion suicide attempt shocking details’Convert your religion or else…’ A terrifying case of love jihad at KGMU, did a female doctor choose the path of death
KGMU में लव जेहाद ! रेजिडेंट डॉक्टर मौहम्मद शोयेब पर धर्मांतरण का आरोप, छात्रा के घर वालों को कॉलेज बुलाया
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में उत्तराखंड के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर मौहम्मद शोएब पर धर्मांतरण प्रयास का गंभीर आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है। डॉक्टर मौहम्मद शोएब और पीड़ित छात्रा से प्रारंभिक पूछताछ हो चुकी है और दोनों को साक्ष्य के साथ कॉलेज बुलाया गया है. मामले की संवेदनशीलता देख जांच समिति गठन की तैयारी है,वहीं गुप्तचर एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं.
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में लव जिहाद की बात सामने आई
लखनऊ,22 दिसंबर 2025, उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में शामिल किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) एक बार फिर चर्चा में है.इस बार मामला चिकित्सा या प्रशासनिक व्यवस्था से नहीं,बल्कि एक रेजिडेंट डॉक्टर पर लगे धर्मांतरण प्रयास जैसे गंभीर आरोपों का है.आरोप सामने आते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल अपने स्तर पर आंतरिक जांच शुरू कर दी है.
मामले में आरोपित रेजिडेंट डॉक्टर और पीड़ित छात्रा दोनों का पूरा विवरण जुटाया गया है.प्रशासन दोनों से शुरुआती पूछताछ भी कर चुका है.विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार,दोनों विद्यार्थियों को कॉलेज परिसर में बुला उनसे संबंधित साक्ष्य और दस्तावेज मांगे गए हैं.
दीक्षांत समारोह के बीच भी गंभीरता से लिया गया मामला
love jihad case reported at king george medical university lucknow
लखनऊ के बड़े मेडिकल कॉलेज में लव जिहाद?
बताया जा रहा है कि जिस दिन यह मामला सामने आया, उसी दिन KGMU में दीक्षांत समारोह की तैयारियां और आयोजन चल रहे थे. इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की गंभीरता देख कोई ढिलाई नहीं बरती. उसी दिन सभी रेजिडेंट डॉक्टरों का विवरण लिया गया और संबंधित विभाग सतर्क किये गए. प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि संस्थान की छवि और छात्रों की सुरक्षा का मामला होने से उच्च स्तरीय निगरानी रखी जा रही है.
आज गठित हो सकती है जांच समिति
KGMU प्रशासन से औपचारिक जांच समिति गठन संभावित है. समिति पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करेगी. समिति में वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी हो सकते हैं. विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच समिति सभी पक्ष ध्यान रख रिपोर्ट तैयार करेगी । आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई होगी.
खुफिया एजेंसियां भी हुईं सक्रिय
मामले की संवेदनशीलता देख गुप्तचर एजेंसियां भी सक्रिय हैं. सूत्रों के अनुसार, एजेंसियां न केवल वर्तमान आरोपों की जांच कर रही हैं, बल्कि इससे जुड़े पुराने धर्मांतरण मामलों की भी पड़ताल हो रही है. देखा जा रहा है कि कहीं यह मामला किसी बड़े नेटवर्क या पैटर्न से तो नहीं जुड़ा है. खुफिया एजेंसियां विश्वविद्यालय परिसर और आरोपित से जुड़े पुराने संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही हैं.
पीड़िता के पिता ने लगाए गंभीर आरोप
मामले की पीड़िता के पिता ने मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग को लिखित शिकायत भेजी है. शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपित रेजिडेंट डॉक्टर ने शादी को उनकी बेटी पर धर्म बदलने का दबाव बना मानसिक प्रताड़ना दी. पीड़िता के पिता का दावा है कि लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना से उनकी बेटी इस कदर टूट गई कि उसने दवा के ओवरडोज से आत्महत्या का प्रयास तक कर लिया.
पुराने आरोप भी जांच के घेरे में
शिकायत में यह भी आरोप है कि आरोपित रेजिडेंट डॉक्टर ने फरवरी 2025 में ही एक अन्य हिंदू रेजीडेंट डॉक्टर का धर्म परिवर्तन कर शादी कर चुका है. यह सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पुराने मामलों से जुड़ी कोई ठोस जानकारी या शिकायत सामने आती है तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा.
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KGMU में धर्मांतरण के आरोप (कॉन्सेप्ट फोटो- सोशल मीडिया)
परिजनों का आरोप है कि आरोपित मुस्लिम डॉक्टर ने पहले से शादीशुदा होने के बावजूद उनकी बेटी को अंधेरे में रखा। शादी का वादा कर उसका शारीरिक शोषण किया गया। बाद में जब बेटी ने शादी की बात की, तो उस पर धर्म परिवर्तन का मानसिक दबाव बनाया जाने लगा। इस प्रताड़ना से तंग आकर युवती गहरे डिप्रेशन में चली गई और 17 दिसंबर 2025 को नशीली दवाओं का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। उसकी हालत नाजुक बनी है और उसे क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट (CCM) आईसीयू में रखा गया है, जहां डॉक्टर उसकी जान बचाने में जुटे हैं।
धोखेबाज की पुरानी कुंडली आई सामने
KGMU के डॉ. के. के. सिंह के मुताबिक, आरोपित डॉक्टर उत्तराखंड का है और पीड़िता कोलकाता की। जांच में एक चौंकाने वाला सच यह सामने आया कि सितंबर 2025 में संपर्क में आई मौजूदा पीड़िता ने देह शोषण के बाद बिना धर्म बदले शादी करने की जिद की और कोलकाता चलने को कहा, तब जाकर आरोपित ने बताया कि फरवरी में ही उसने दूसरी हिंदू रेजीडेंट डॉक्टर को मुसलमानबना निकाह किया है । यह सुनते ही पीड़िता को गहरा सदमा लगा। उसे सूत्रों से यह भी पता चला था कि इस डॉक्टर का इतिहास ही ऐसा रहा है, जिससे वह और अधिक टूट गई।
प्रशासन की कठोरता और न्याय की गुहार
मामला गंभीर देखते KGMU प्रशासन ने आरोपित डॉक्टर को नोटिस दिया है। उसे आज प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखने बुलाया गया है, जहां उससे पूछताछ हुई। दूसरी तरफ, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है, जैसे ही शिकायत मिलेगी, नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी। पीड़ित परिवार अब महिला आयोग और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर अपनी बेटी को न्याय मांग रहा है।
KGMU प्रवक्ता बोले- नियमानुसार जांच
KGMU के प्रवक्ता प्रोफेसर के.के. सिंह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी कि विश्वविद्यालय किसी भी प्रकार का गंभीर आरोप हल्के में नहीं लेता. उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच समिति गठित कर विस्तृत जांच होगी. प्रोफेसर के.के. सिंह के अनुसार, संस्थान छात्रों की सुरक्षा और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. यदि औपचारिक शिकायत मिलती है, तो निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन पर टिकी निगाहें
फिलहाल सभी की निगाहें KGMU प्रशासन की कार्रवाई पर हैं. जांच समिति के गठन, साक्ष्यों की समीक्षा और संबंधित पक्षों के बयान से स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है. यह मामला न केवल एक व्यक्ति पर लगे आरोपों का है, बल्कि एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान की जिम्मेदारी, छात्रों की सुरक्षा और संवेदनशील विषयों से निपटने की प्रशासनिक क्षमता की भी परीक्षा है. एक-दो दिन में जांच की दिशा और निष्कर्ष पूरे प्रकरण की तस्वीर साफ करेंगे.
