जलालुद्दीन की 50 कमांडो फोर्स, एक नही, पांच अरब से 15 हज़ार धर्मांतरण

uttar pradesh balrampurJalaluddin Chhangur Baba Received Foreign Funding 300 Crore Rupees Through Nepal Religious Conversion Case
जलालुद्दीन छांगुर बाबा को नेपाल के जरिए 300 करोड़ की विदेशी फंडिंग मिली, धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा
बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के खिलाफ ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। जांच में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी फंडिंग का खुलासा हुआ है, जो नेपाल के रास्ते आई। इस रकम का इस्तेमाल देशभर में धर्मांतरण के लिए किया गया।
अभय सिंह राठौड़, लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से गिरफ्तार अवैध धर्मांतरण रैकेट के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाबा के नेटवर्क को 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी फंडिंग मिली है, जिसे नेपाल के जरिए भारत में भेजा गया है।
Jalaluddin chhangur baba received foreign funding from nepal
जलालुद्दीन छांगुर बाबा को नेपाल से विदेशी फंडिंग मिली

यह रकम खासकर मुस्लिम बहुल देशों से भेजी गई है, जिसे भारत में 100 से अधिक बैंक खातों में जमा किया गया है। इन पैसों का उपयोग देशभर में बड़े पैमाने पर अवैध धर्मांतरण कराने के लिए किया गया है। ईडी की रिपोर्ट और यूपी एटीएस की एफआईआर में दावा किया गया है कि ब्राह्मणों के धर्म परिवर्तन पर 15 लाख रुपये तक और अन्य जातियों के लिए 8 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाता था। यह फंडिंग एक बेहद संगठित नेटवर्क के तहत चल रही थी, जिसका संचालन बाबा छांगुर के इशारे पर किया जा रहा था।

एटीएस की छापेमारी में 40 पीड़ितों की पहचान
वहीं यूपी एटीएस ने जब इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया तो 40 से अधिक धर्मांतरित लोगों की पहचान की गई है। छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, विदेशी लेनदेन के दस्तावेज और आपत्तिजनक सामग्री की भी बरामदगी की गई है। उधर जांच के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए छांगुर बाबा के बलरामपुर स्थित आलीशान आश्रम को बुलडोजर से गिरा दिया है जिसे वह धर्म प्रचार का केंद्र बना रखा था। बताया जा रहा है कि यहां युवाओं को गुप्त रूप से प्रशिक्षित कर मिशन धर्मांतरण में शामिल किया जाता था।

सोशल फैब्रिक पर सीधा हमला
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क सिर्फ धर्मांतरण तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य भारत की सांप्रदायिक एकता और सामाजिक समरसता को तोड़ना था। अब ईडी और एटीएस इस नेटवर्क से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और हवाला चैनलों की गहन जांच कर रही हैं।

वहीं एक रिपोर्ट में दावा यह भी किया जा रहा है कि बीते तीन सालों में 500 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग हुई है, जिसमें से 200 करोड़ की पुष्टि हो चुकी है। बाकी 300 करोड़ रुपये का लेनदेन नेपाल के जरिये हुई है।

Jalaluddin Alias Changur Baba Had Commando Force
जलालुद्दीन के पास थी 50 कमांडो की फोर्स, 3 करोड़ी कोठी में रहकर छांगुर बाबा का हर हुक्म बजाते थे
यूपी एटीएस की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में 50 युवकों का जिक्र किया गया है। छांगुर बाबा ने करीब 50 युवकों की एक विशेष फोर्स तैयार कर रखी थी, जो उसके इशारे पर काम करते थे।

अभय सिंह राठौड़, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण रैकेट के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की गिरफ्तारी के बाद जैसे-जैसे ATS की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उसके काले साम्राज्य की परतें खुल रही हैं। अब जो बड़ा खुलासा हुआ है, वह उसकी निजी कमांडो फोर्स को लेकर है। बताया जा रहा है कि छांगुर बाबा की 50 युवकों की कमांडो फोर्स बाबा के लिए कुछ भी करने को तैयार थी। फिलहाल छांगुर बाबा और उसकी साथी नीतू उर्फ नसरीन एक हफ्ते की पुलिस रिमांड पर है। इसमें एटीएस धर्मांतरण और कमांडो फोर्स समेत कई एंगल पर पूछताछ कर छांगुर बाबा के साम्राज्य की जड़े खोदने की कोशिश कर रही है।
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जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा

मिली जानकारी के मुताबिक, यूपी एटीएस की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में 50 युवकों का जिक्र किया गया है। छांगुर बाबा ने करीब 50 युवकों की एक विशेष फोर्स तैयार कर रखी थी, जो उसके इशारे पर काम करते थे। ये युवक न सिर्फ धर्मांतरण की गतिविधियों में लगे थे, बल्कि स्थानीय स्तर पर भय, दबाव और हिंसा फैलाने में भी बाबा के हथियार बने हुए थे। ये सभी युवक बाबा की बलरामपुर स्थित आलीशान कोठी में ही रहते थे। उनके लिए अलग-अलग कमरे, खाना-पीना, कपड़े से लेकर हर जरूरत की चीजें छांगुर बाबा द्वारा मुहैया कराई जाती थीं। कोठी में ही इनका ब्रेनवॉश होता था और उन्हें बाबा का आदेश अंतिम फरमान माना जाता था।

थाने तक पहुंची थीं शिकायतें, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई
बताया यह भी जा रहा है कि जांच में सामने आया कि ये युवक कई बार स्थानीय निवासियों के साथ मारपीट, धमकी और जबरदस्ती धर्मांतरण के मामलों में संलिप्त रहे हैं। कुछ मामलों में शिकायतें थाने तक भी पहुंचीं, लेकिन छांगुर बाबा की तगड़ी पकड़ के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। सूत्रों के अनुसार, छांगुर का एक तरह से साया बने ये युवक अपने-आप में एक अनौपचारिक सुरक्षा दस्ते की तरह काम कर रहे थे। इन युवकों के बारे में कहा गया है कि वे बाबा के हर आदेश पर कुछ भी करने को तैयार रहते थे।

आस्था के नाम पर तैयार किया गया निजी नेटवर्क
छांगुर बाबा खुद को एक धर्मगुरु के रूप में पेश करता था और युवकों को आध्यात्मिक सेवक बताकर अपने पास रखता था। लेकिन पूछताछ में पता चला कि इन युवकों को बाकायदा ट्रेनिंग जैसी प्रक्रिया से गुज़ारा गया था। इनकी वफादारी इस कदर थी कि कोई भी आदेश चाहे कानूनी हो या गैरकानूनी वे बिना सवाल माने जाते थे।युवकों की पहचान और पृष्ठभूमि की हो रही जांच
अब एटीएस इन सभी 50 युवकों की पहचान, पृष्ठभूमि और उनके बाबा से जुड़े कार्यों की विस्तृत जांच में जुटी है। इन युवकों का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया। धर्मांतरण के किन-किन मामलों में इनकी भूमिका रही है, इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कुछ युवक अन्य राज्यों से लाए गए थे और उन्हें यहां रखकर मानसिक और वैचारिक रूप से तैयार किया गया था। एटीएस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस कमांडो फोर्स का इस्तेमाल किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंडे के लिए किया गया था।

जमीनों पर अवैध कब्जा और धर्मांतरण का खेल… जिस बब्बू पर ‘जल्लाद’ छांगुर ने दर्ज कराई FIR, उसी ने खोल दी पोल

छांगुर बाबा और उसके गिरोह से पीड़ित एक विधवा महिला रहबरी खातून रब्बानी, जो कि डॉ गुलाम रब्बानी की विधवा है, उन्होंने बताया कि वह भी छांगुर बाबा और उसके गिरोह की सताई हुई है।

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन व उसका गिरोह केवल धर्मांतरण ही नहीं कराया था बल्कि आरोप है कि वो लोगों की जमीनों पर अवैध रूप से जबरन कब्जा करने का काम भी किया था. छांगुर बाबा और गिरोह के डर से लोग सामने नहीं आ रहे थे. लेकिन जब से एसटीएफ, एटीएस और यूपी सरकार की कार्रवाई कर चल रही है, तब से एक एक करके लोग सामने आ रहे हैं और छांगुर बाबा और गिरोह के सदस्यों का काला चिट्ठा मीडिया और सरकार के सामने रख रहे हैं.

‘जमीन कब्जा करने की कोशिश की’
छांगुर बाबा और उसके गिरोह से पीड़ित एक विधवा महिला रहबरी खातून रब्बानी, जो कि डॉ गुलाम रब्बानी की विधवा है, उन्होंने बताया कि वह भी छांगुर बाबा और उसके गिरोह की सताई हुई हैं. उनके साथ ही उनके भतीजे खान अजहरुद्दीन ने बताया कि छांगुर बाबा के गिरोह के सदस्यों ने ना केवल हमारी जबरन जमीन कब्जा करने की कोशिश की, बल्कि हमारे पुराने घर पर ताला भी लगा दिया.

बब्बू चौधरी ने कई खुलासे किए
छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन पर धर्मांतरण का आरोप लगाने वाला पहला शख्स अब मीडिया के सामने आया है. वसीउद्दीन खान उर्फ बब्बू चौधरी ने कई खुलासे किए हैं. बब्बू चौधरी का कहना है कि उसने छांगुर बाबा के चार से पांच इमारतों को बनाने का ठेका लेकर निर्माण करवाया. जब उसे यह पता चला कि छांगुर बाबा गरीब हिंदू परिवारों के साथ धर्मांतरण का खेल करता है, तो उन्होंने काम करने से मना किया और इस तरह के कृतयों को न करने की सलाह दी. दावा है कि छांगुर बाबा इससे नाराज हो गया. उसने वसीउद्दीन खान और बबलू पर कई एफआईआर दर्ज करवाए. बब्बू चौधरी का दावा है कि छांगुर बाबा ने तकरीबन 15 हजार तक हिंदू युवक युवतियों व गरीब लोगों का धर्मांतरण करवाया है.

छांगुर बाबा के लालच और डर से धर्मांतरण कराने वालों की घर वापसी कराने वाले हिंदूवादी नेता गोपाल राय का दावा है कि उन्हें धमकियां दी जा रही हैं. गोपाल राय का दावा है कि छांगूर बाबा और उसके गैंग के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से धमकियां मिल रही हैं. विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के अध्यक्ष हैं गोपाल राय. ऐसे में अपने संगठन के लेटर हेड पर गोपाल राय ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर सुरक्षा की मांग की है. लखनऊ के गोमती नगर थाने में तहरीर दी. गोपाल राय का दावा,धर्मांतरण के पीड़ितों को भी मिल रही धमकियां.

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